शबाना आजमी: फायर की समलैंगिंक प्रेमिका या बंदूकधारी गॉड मदर
आज हिंदी सिनेमा की बहुमखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री शबाना आजमी का जन्मदिन है। केवल भारत ही नहीं इस महान अदाकारा का सम्मान पूरी दुनिया भी करती है तभी तो मशहूर शायर कैफी आजमी की सुपुत्री शबाना आजमी को देशी-विदेशी सिनेमा के अभूतपूर्व योगदान के लिए न्यूयॉर्क शहर प्रशासन ने साल 2012 में सम्मानित किया था। यह पहला मौका था, जब किसी भारतीय कलाकार को न्यूयॉर्क शहर की ओर से सम्मानित किया गया था।
मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख्तर की दूसरी पत्नी शबाना आजमी को 'अंकुर', 'निशांत', 'अर्थ', 'मासूम', 'गॉडमदर' और 'फायर' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों के लिए जाना जाता है। केवल आर्ट कैनवस पर शबाना आजामी ने राज नहीं किया बल्कि कमर्शियल सिनेमा में उन्होंने अपना लोहा मनवाया है। यही नहीं शबाना आजमी ने एक से बढ़कर थियेटर शो भी किये हैं। जो आज भी लोगों के दिलों में कैद है। वह कई गैर-सरकारी संगठनों से भी जुड़ी हैं। जो समाज सेवा का काम करते है।
शबाना की फिल्में और अवार्ड उनकी बहुमुखी प्रतिभा का साक्षात उदाहरण है तभी तो वह कभी अमर अकबर अंथोनी की चुलबुली और शरारती चोरनी के रूप में दिखती हैं तो कभी वह साल 1996 में फिल्म फायर से एक बोल्ड अवतार में अवतरित हो जाती हैं। फिल्म फायर में शबाना ने एक होमोसेक्सुअल किरदार निभा कर सबको चकित कर दिया। किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि वह पर्दे पर स्मूचिंग और इंटिमेट सींस दे सकती हैं लेकिन जहां उन्हें अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस फिल्म के लिए ढे़र सारी शाबाशी मिली वहीं दूसरी ओर उन्हें भारत में इस बात के लिए काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी।
इसके बाद आयी फिल्म साल 1999 में फिल्म गॉडमदर। जिससे पूरी तरह से शाबना ने साबित कर दिया कि वह अभिनय के मामले में हर किसी की गॉडमदर है। फिल्म के लिए शबाना ने नेशनल अवार्ड तो जीता ही तो वहीं अपने सशक्त अभिनय के दम पर उन्होंने लोगों के दिलों में हमेशा-हमेशा के लिए जगह बना ली।
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