गुड़िया से खेलने वाले "मर्द को दर्द" क्यों नहीं होता?
मुंबई। अमिताभ बच्चन की फिल्म मर्द का डॉयलॉग आपको याद होगा, जिसमें उन्होंने कहा था "मर्द को कभी दर्द नहीं होता"। फिल्म बनने पर अमिताभ को जितनी खुशी थी आज उससे कहीं अधिक दु:ख उनके दिल में समाया हुआ है। आज वो सोच रहे हैं कि आखिर गुड़िया जैसी बच्चियों की जिंदगी से खेलने वाले मर्दों को आखिर दर्द क्यों नहीं होता? यही सवाल उनके दिल और दिमाग को क्रौंध रहा है, और वो कह रहे हैं कि अब उन्हें मर्द होने पर भी शर्म आती है।
अमिताभ ने ट्विटर पर लिखा, "मुझे समझ नहीं आता कि इस पर क्या प्रतिक्रिया दें। क्या हो रहा है देश में, हमारे समाज को क्या हो गया है? ऐसे दरिंदों को जनता के बीच छोड़ देना चाहिए और जनता उनके साथ न्याय करे। इस देश में मर्द होने पर शर्म आती है।" अमिताभ ने लिखा कि ये दरिंदे जानवर कहलाने लायक भी नहीं हैं।

शिल्पा शेट्टी ट्वीट किया कि 5 साल की बच्ची के दुष्कर्म ने डराकर रख दिया है। दिल्ली पुलिस की हरकत पर शर्म आती है। विरोध करने वाली लड़की को थप्पड़ मारा गया। देश में ये क्या हो रहा है?
अनुपम खेर ने कहा कि ऐसे दरिंदों को सीधे बीच चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिये। वहीं शबाना आजमी और करण जौहर ने कहा कि ये घटना चौंकाने वाली है और हमारे देश में नैतिकता खत्म होती जा रही है। पुलिस पर आक्रोश जायज़ है और इस पर गहन विचार की जरूरत के साथ-साथ ऐक्शन भी लेने की जरूरत है।
अर्जुन रामपाल ने कहा अब हम किसे दोष दें- ड्रेस कोड, नाइट लाइफ, फिल्मों या समाज? बेहतर है इस दरिंदे को मार डालो। अभिनेत्री पूनम पांडे ने लिखा, "अपनी बेटियों से सचेत रहने के लिये न कहें, बल्कि अपने बेटों से कहें कि अच्छा व्यवहार करें।"
शेखर कपूर ने लिखा कि आज समय आ गया है, जब सभी जिम्मेदार लोग महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण को हीरोगिरी के रूप में दिखाना बंद करें। फराह खान ने ट्विटर पर लिखा कि हम गलत लोगों की मानसिकता बदलने की बात कर रहे हैं, लेकिन ऐसे जानवरों के दिमाग नहीं होता तो क्या बदलाव लायेंगे।


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