मन करता आज बलराज साहनी-मन्ना डे को याद करने का

[म्यूजिक] आज बलराज साहनी और मन्ना डे को याद करने का मन कर रहा है। हिन्दी सिनेमा को इन दोनों ने अपनी-अपनी तरह से समृद्ध किया। आज बलराज साहनी और मन्ना डे का जन्मदिन भी है। दोनों अपने ढंग के अनूठे कलाकार रहे।

तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूँद के प्यासे हम - मन्ना डे का गाया और बलराज साहनी पर फिल्माया सीमा फिल्म का ये गाना हिंदी सिनेमा के माध्यम से हासिल हुई चंद बेहतरीन प्रार्थनाओं में से एक लगता है।

गहरा आध्यात्मिक समर्पण

वरिष्ठ लेखक और पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव कहते हैं कि इसमें न किसी की जय जय कार न भगवान ये दे दो वो दे दो की मांग। सिर्फ एक गहरा आध्यात्मिक समर्पण। जब भी सुनता हूँ आँख डबडबा जाती है।

महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि

इस गाने के बहाने आज इससे जुड़े दोनों महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि। आज जब हम गजेन्द्र सिंह के बहाने किसानों की आत्महत्याओं पर शोरगुल देखते हैं तो दो बीघा ज़मीन का किसान से मज़दूर बन गया शम्भू महतो हमारे सामने आकर खड़ा हो जाता है और पूछता है- इतने साल किया क्या तुमने हमारे लिए ?

बलराज साहनी ने अपने स्वाभाविक अभिनय से छोटे किसान के उस किरदार को अमर कर दिया। वैसे ही हरफनमौला मन्ना डे, जिनकी आवाज़ का कोई सानी नहीं।

कितनी गहरी बात

अमिताभ श्रीवास्तव ठीक ही कहते हैं कि मन्ना डे ने क्या खूब गाया था - अपनी कहानी छोड़ जा, कुछ तो निशानी छोड़ जा, कौन कहे इस ओर तू फिर आये न आये। कितनी गहरी बात, कितना सरल अंदाज़..

ऐसे अप्रतिम लोगों की अनुकृति बन पाना या बना पाना शायद संभव ही नहीं है। जहां तक बलराज साहनी का सवाल है उनका किसी फिल्म में होने का मतलब होता थी कि फिल्म में कोई टुच्ची बात नहीं होगी।

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X