आजकल संगीत बिकाऊ है : मनहर उधास
हिन्दी फिल्मों में 'हम तुम्हें चाहते हैं ऐसे..' और 'हर किसी को नहीं मिलता यहां प्यार..' जैसे हिट गाने देने वाले मनहर उधास ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया, "पाश्र्व गायन ही हमेशा से मेरी पहली पसंद रही है क्योंकि यह बहुत चुनौतीपूर्ण और दिलचस्प रहा है। वास्तव में मैं अभी पार्श्व गायन करता रहूंगा।"
मनहर उधास ने हाल ही में अपना एक नया भक्ति एलबम 'साइ मेहर' जारी किया था। मनहर उधास मशहूर गजल गायक पंकज उधास के बड़े भाई हैं। जब उनसे पूछा गया कि कि आप पर्दे के पीछे क्यों रहना चाहते हैं इस पर मनहर ने कहा, "मैंने जानबूझकर अपने को पीछे नहीं किया है बल्कि सच्चाई यह है कि मेरा समय बीत चुका है।"
वर्तमान संगीत के बारे में मनहर उधास ने कहा, "वर्तमान में संगीत बहुत कठिन हो गया है। इसमें अच्छाई और बुराई की बात नहीं होती है। मुझे यह पसंद है या नहीं, ये मायने नहीं रखता । सच्चाई यह है कि उसे सिर्फ बेचना है।"
उल्लेखनीय है कि मनहर ने पार्श्व गायक के रूप में फिल्म 'विश्वास' के गाने 'आप से हमको बिछड़े हुए..' से अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने कई मशूहर गाने गाए। फिल्म 'कुर्बानी' में 'हम तुम्हें चाहतें हैं ऐसे..' हो या फिर फिल्म 'अभिमान' के 'लूटे कोई मन का नगर..' जैसे गानों ने उनकी शख्सियत में चार चांद लगा दिए।
इसके बाद फिल्म 'जाबांज' में उन्होंने 'हर किसी को नहीं मिलता यहां..' या फिर फिल्म 'सौदागर' का गाना 'इलू इलू.' हर जगह उन्होंने एक नई छाप छोड़ी है। मनहर ने पंजाबी, गुजराती, उड़िया, असमी और अन्य भाषाओं में पार्श्व गायन किया है।


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