कवि प्रदीप शिखर सम्मान लक्ष्मीकांत प्यारेलाल को
'टूट गई है माला, मोती बिखर चले' तथा 'सूरज रे जलते रहना' जैसी यादगार गीतों को लिखने वाले कवि प्रदीप की याद में शुरू किया गया कवि प्रदीप शिखर सम्मान अपने सातवें चरण में हैं. सातवें कवि प्रदीप शिखर सम्मान पुरस्कार के लिए इस बार उज्जैन सरकार ने संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का चयन किया गया है. 500 से भी अधिक फिल्मों के संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोडी को उनके अतुल्य संगीत के लिए उज्जैन सरकार द्वारा पुरस्कार स्वरूप 51 हज़ार रूपयों की राशि, एक शॉल, एक नारियल, तथा एक पदक प्रदान किया जाएगा. यह पुरस्कार प्यारेलाल जी को स्वर्गीय कवि प्रदीप के जन्मदिवस 6 फरवरी को उज्जैन में दिया जाएगा जो कवि प्रदीप की जन्मस्थली भी है. इस समारोह का आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी मालवा रंगमंच द्वारा किया जाएगा. यह पुरस्कार उन्हें मालवा रंगमंच के अध्यक्ष केशव राय के हाथों प्रदान किया जाएगा.
अब तक यह पुरस्कार उषा मंगेशकर, मनोज कुमार, महेन्द्र कपूर, रविन्द्र जैन तथा रवि को दिया जा चुका है. संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोडी ने अपने समय की सुपरहिट फिल्मों पारसमणि, दोस्ती, संत ज्ञानेश्वर, जीने की राह, जीवन मृत्यु, मिलन, एल दूजे के लिए, बॉबी, शोर, अमीर गरीब, आन मिलो सजना, हाथी मेरे साथी, रोटी कपडा और मकान, सरगम, नगीना, हीरो, राम लखन तथा कर्मा को अपने संगीत से लाजवाब बनाया। राज कपूर, एल वी प्रसाद, राज खोसला, ताराचंद बडजात्या, जे ओमप्रकाश, मनोज कुमार तथा फिरोज़ खान जैसे फिल्मकारों के साथ काम करने वाले इस जोडी के साथ काम करने के लिए शो मैन कहलाने वाले तथा अपनी फिल्मों के संगीत के लिए जाने वाले सुभाष घई ने वर्षों इंतज़ार किया.


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