आज की फिल्मों में मन नहीं करता गाने को: आशा भोंसले

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में आयीं आशा भोंसले ने संवाददाताओं से कहा कि आज की फिल्मों में गाने का मन नहीं करता क्योंकि आज के गानों में गार नहीं होता और गाने बोल के केवल डांस पर टिके रहते हैं। उन्होंने कहा कि बोल अच्छे हों और गाना अच्छा हो तो गाना गाने को मन करता है।
उन्होंने कहा कि गाना वही अच्छा होता है जो लोगों की भावनाओं को छू ले जबकि आज के गानों में भावनाओं का अभाव है। उनकी उत्ताराधिकारी के बारे में पूछे जाने पर आशा भोंसले ने कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया और कहा इसके बारे में आप लोग ही निर्णय ले सकते हैं। एक प्रश्न के उत्तर में आशा भोंसले ने कहा कि उन्होंने पहले के मुकाबले अब गाना कम नहीं किया है बल्कि वे पहले की अपेक्षा आज ज्यादा गाने गा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज के गायकों में रियाज का अभाव है जबकि शास्त्रीय गाना गाने वाले लोग रियाज के बिना गा ही नही सकते। उन्होंने कहा कि वह स्वयं आज भी चार घंटे रियाज करती हैं। आज देश में विभिन्न चैनलों पर चल रहे प्रतिभा खोज अभियान के बारे में पूछे जाने पर आशा भोंसले ने कहा कि इसके जरिये नयी प्रतिभायें तो सामने आ रही हैं लेकिन लोग आज बिना गाना सिखाये बच्चों को ऐसे कार्यक्रमों में उतार देते हैं जिससे वे बच्चे पूर्व में गाये गानों को तो गा देते हैं लेकिन नये गाने गाने में उन्हें दिक्कत होती है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में आशा भोंसले ने कहा कि वे नहीं मानती कि भारत में संगीत का स्वर्ण युग बीत चुका है और यह कभी वापस नहीं आयेगा। उन्होंने कहा कि यह एक जीवनचक्र है और कभी न कभी कोई ऐसा संगीतकार जरूर आयेगा जिसकी मेहनत से संगीत का अच्छा युग फिर वापस आ जायेगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा चलाये जा रहे बेटी बचाओ अभियान की प्रशंसा करते हुए आशा ने कहा कि यदि समाज में बेटी ही नहीं होगी तो सृष्टि भी नहीं बचेगी। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में आशा भोंसले ने कहा कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिया जाना चाहिये।


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