टूनपुर का सुपर हीरो वर्ष 2010 में रिलीज हुई एक लाइव एक्शन एनिमेटड कॉमेडी ड्रामा है, जिसका लेखन रागी भटनागर और निर्देशन कीरत खुराना ने किया था। फिल्म में अजय देवगन, काजोल, संजय मिश्र, तनूजा और मुकेश तिवारी मुख्य भूमिका में नजर आये। अन्य बॉलीवुड फिल्मों की तरह इस फिल्म में एक हीरो भी है और उसकी हीरोइन भी, एक विलेन भी है और दो प्यारे-प्यारे बच्चे भी। मतलब हर तरह से हंसता-खेलता जगमगाता परिवार इस कहानी के केंद्र में है। फिल्म की कहानी हीरो अजय देवगन फिल्म में भी बॉलीवुड एक्टर बने हैं। उनका नाम है आदित्य कपूर और पूरी दुनिया उनके अभिनय को सराहती है। स्क्रीन हीरो आदित्य की फैमिली में उसकी बीवी प्रिया (काजोल) है और उसके दो बच्चे हैं। दोनों बच्चे अपने पापा को स्क्रीन पर स्टंट करते देख और विलेन की पिटाई करते देख कर बेहद खुश होते हैं। लेकिन जब बात असल जिंदगी की आती है तो स्क्रीन से निकलते ही आदित्य भी साधारण इंसानों की तरह हर (अनोखे) काम नहीं कर सकता। आदित्य के बच्चे उसे रियल लाइफ में भी 'सुपरहीरो' के रूप में ही देखना चाहते हैं। एक दिन किसी तरह से आदित्य अपने बच्चों के फेवरेट कार्टून गेम टूनपुर में घुस जाते हैं। अब आदित्य के सिर पर जुनून सवार है कि उसे देवटूनों की मदद से दूनासुरों को हरा कर अपने बच्चों की निगाह में सच का सुपरहीरो बनाना है। बस यही टूनपुर के सुपरहीरो की छोटी सी कहानी है। यही इस फिल्म की आत्मा है। एक पिता की अपने बच्चों का भरोसा जीतने के खातिर की गई हजार कोशिशें उसे सचमुच का 'सुपरहीरो' बना देती हैं।