चांद के पार चलो वर्ष 2006 में रिलीज हुई एक बॉलीवुड रोमांटिक ड्रामा है, जिसका निर्देशन मुस्तफा इंजीनयर ने किया है। फिल्म में मुख्य भूमिका में प्रीती झिंगानिया और शक्ति कपूर दिखाई दिए थे। कहानी इस फिल्म का मुख्य नायक चंदर है, नैनीताल शहर में अपने माता-पिता के साथ रह रहा है। चंदर नैनीताल में रक पर्यटक फोटोग्राफर है। निर्मला नाम की एक लड़की नैनीताल में एक स्टेज डांसर है, चंदर जब उसे देखता है, तो वह उसकी खूबसूरती पर मर मिटता है, और दूर से उसकी तस्वीरें लेता है। बाद में चंदर की निर्मला के साथ दोस्ती हो जाती है। चंदर उसे वादा करता है के वह निर्मला को सपनो के शहर मुंबई ले जायेगा। निर्मला उसके साथ जाने को राजी हो जाती है, और अपना करियर गरिमा नाम से शुरू करती है। गरिमा को प्रसिद्धि मिलती है, और वह एक स्टार बन जाती है। चंदर अपना स्टूडियो कैमरा सब कुछ बेंच देता है। एक दिन अरमान खान नामक फिल्म निर्देशक क बारे में गरिमा को पता चलता है वह गरिमा को अपनी फिल्म में मुख्य भूमिका देता है जिससे गरिमा बिना कुछ सोचे हाँ कर देती है। गरिमा अंत में चंदर को कोल्ड शोल्डर करने लगती है, शक्ति कपूर जो फिल्म का निर्देशक था, वह चंदर को बिलकुल पसंद नहीं करता है, बाद में वह चंदर को गरिमा के घर से बहार निकालने में सफल हो जाता है। चंदर का दोस्त उसे नैनी ताल लौटने को कहता है, जब चंदर नैनीताल लौटता है तो उसे पता चलता है के उसके पिता की मृत्यु हो गयी है, और उसकी माँ उसके दोस्त जॉनी के साथ रह रही है। जॉनी ने चंदर को नए तरीके से शुरुवात करने को कहता है, और उसे उसका कैमरा देता है, वह अपनी वही पुरानी नौकरी में लौट आता है। आखिरकार चंदर गरिमा के पास जाता है उससे माफ़ी मांगता , गरिमा सहमत हो जाती है और वे एक बार फिर से साथ में रहने लगते है।