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INTERVIEW: एक सुपरस्टार के करियर में भी सभी फिल्में लगातार हिट नहीं होतीं- सिद्धार्थ मल्होत्रा

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मॉडलिंग से फिल्मों में आए सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपने करियर के शुरुआती सालों में एक के बाद हिट फिल्में देकर दर्शकों के बीच खास जगह बनाई है। स्टूडेंट ऑफ ईयर से डेब्यू करने के बाद सिद्धार्थ ने हंसी तो फंसी, एक विलेन, ब्रदर्स, कपूर एंड सन्स जैसी फिल्मों के साथ हर तरह के किरदार निभाने की कोशिश की और सफल भी रहे। सिद्धार्थ ने कहा, यहां एक ट्रेंड है कि एक एक्टर को एक ही ज़ोन में देखना लोग पसंद करते हैं। तो वह एक्टर उसी ज़ोन में फंस जाता है। मुझे लगता है वहां फिर थोड़ी बोरियत होने लगती है। इसीलिए मैंने दूसरा रास्ता लिया।

फिलहाल सिद्धार्थ की 'जबरिया जोड़ी' 9 अगस्त को रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले एक्टर ने मीडिया से बातें की और अपनी फिल्में, किरदार, बॉक्स ऑफिस की जिम्मेदारी से लेकर अपनी सफलता- असफलता का अनुभव साझा किया।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

कुछ अलग ही अंदाज़ में नज़र आ रहे हैं। फ़िल्म की किस बात ने आकर्षित किया?

कुछ अलग ही अंदाज़ में नज़र आ रहे हैं। फ़िल्म की किस बात ने आकर्षित किया?

कुछ अलग करने का ही तो मज़ा है। जो लोगों ने आपसे उम्मीद नहीं की हो, उस पूर्वाग्रह को तोड़ने के लिए मुझे ये फ़िल्म, ये किरदार बहुत ही सही लगा। मैंने कभी ऐसा rustic रोल किया नहीं था। मेरे लिए भी यह काफी अलग अनुभव था। पटना की भाषा, वहाँ का पहनावा, वहाँ की स्टाइल सब समझने का मौका मिला। अब रिलीज़ होने पर देखते हैं, जबरिया जोड़ी क्या रंग लाएगी।

'लवर बॉय' इमेज तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं?

'लवर बॉय' इमेज तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं?

अब तक ऐसी कोई इमेज तो थी नहीं, लवर बॉय की थी, लेकिन फिर मैंने एक विलेन भी किया था। कह सकता हूँ कि इमेज तोड़ने की नहीं, बल्कि नई इमेज बनाने की कोशिश कर रहा हूँ। फ़िल्म में मेरा किरदार पटना में रहने वाला है। वहाँ का बाहुबली है और राजनीति में आना चाहता है। हां, ये मेरी बाकी फिल्मों और किरदारों से काफी अलग है। बहुत ही देसी है.. इस किरदार के साथ दर्शकों से ज्यादा जुड़ने की उम्मीद है।

फिल्म की तैयारी करने के दौरान बिहार के लोगों से मिलने का मौका मिला?

फिल्म की तैयारी करने के दौरान बिहार के लोगों से मिलने का मौका मिला?

इस फिल्म के जो राइटर हैं संजीव कुमार झा, वो बिहार से हैं। और उन्होंने बहुत सारे किस्से बताए। मेरा जो किरदार है अभय सिंह.. वह तीन चार लोगों का मिश्रण है। यह एक रियल और जरूरी मुद्दा है, कुछ राज्य आज भी इससे जूझ रहे हैं। लिहाजा, इस मुद्दे को लेकर हमने एक इंटरटेनिंग फिल्म बनाने की कोशिश की है, हमें उम्मीद है फिल्म इंटरटेनमेंट के साथ साथ एक प्रभाव भी छोड़ेगी। लोगों को सही- गलत का एक आइडिया देगी।

भाषा सीखने की कोई खास ट्रेनिंग भी ली?

भाषा सीखने की कोई खास ट्रेनिंग भी ली?

जहां तक भाषा की बात है.. तो मैं खुद दिल्ली से हूं, मेरे कई सारे दोस्त रहे हैं जो बिहार से हैं। तो मुझे भाषा पकड़ने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। लेकिन हां, स्क्रीन पर यह दिखाने में कुछ सावधानी बरतनी पड़ती है। जिसके लिए हमने दो- ढ़ाई महीने तैयारी की थी। चूंकि ये हिंदी फिल्म है, तो हम सिर्फ लहज़ा ही पकड़ सकते हैं।

आपकी फिल्मों की लिस्ट देखी जाए तो शुरूआत से ही आपने कभी एक जैसे किरदार में बंधने की कोशिश नहीं की है। यह सोच समझकर उठाया गया कदम है?

आपकी फिल्मों की लिस्ट देखी जाए तो शुरूआत से ही आपने कभी एक जैसे किरदार में बंधने की कोशिश नहीं की है। यह सोच समझकर उठाया गया कदम है?

शुरुआत से ही मैंने सोचा कि यहां एक ट्रेंड है कि एक एक्टर को एक ही ज़ोन में देखना लोग पसंद करते हैं। तो वह एक्टर उसी ज़ोन में फंस जाता है। मुझे लगता है वहां फिर थोड़ी बोरियत होने लगती है। हालांकि जो रास्ते मैंने लिया है, वह ज्यादा रिस्की है, यहां फेल होने के चांस ज्यादा हैं क्योंकि मैं हर फिल्म के साथ नए अंदाज में सामने आ रहा हूं। लेकिन मुझे पर्सनली इसमें बहुत मजा आ रहा है। मैं हर फिल्म के साथ कुछ नया सीख रहा हूं। कुछ फिल्में चलती हैं, कुछ नहीं चलती हैं। लेकिन मैं इसे बतौर चैलेंज लेता हूं।

आपकी शुरुआती कुछ फिल्में लगातार हिट रही थीं, वहीं बाद की कुछ फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखाया। सफलता या असफलता को किस तरह देखते हैं?

आपकी शुरुआती कुछ फिल्में लगातार हिट रही थीं, वहीं बाद की कुछ फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखाया। सफलता या असफलता को किस तरह देखते हैं?

यह बिजनेस है, जिसका पुर्वानुमान कोई नहीं लगा सकता कि ये फिल्म चलेगी और ये नहीं चलेगी। जब मैंने हंसी तो फंसी और एक विलेन साइन की थी, उसमें लोगों को पूरा विश्वास था कि हंसी तो फंसी ज्यादा सफल होगी। लेकिन रिलीज के साथ ही पासा पलट गया। एक विलेन को बड़ी सफलता मिली। फिलहाल मुझे लगता है कि मुझे या मेरी जेनरेशन के एक्टर्स को इसकी भी खुशी होनी चाहिए हमारे चेहरे को, हमारी पर्सनालिटी को लोगों ने अपनाया है। क्योंकि आज कंपिटिशन बहुत ज्यादा है। जहां तक फिल्म के चलने या ना चलने की बात है.. तो किसी भी सुपरस्टार के करियर में भी कभी ना कभी ऐसा दौर आता ही जब सारी फिल्में नहीं चलती हैं। मैं पर्सनली इस बात को मोटिवेशन की तरह लेता हूं। मेरी आने वाली तीनों ही फिल्में- जबरिया जोड़ी, मरजावां और शेरशाह एक दूसरे से काफी अलग है और मैं इन फिल्मों को लेकर फिलहाल बेहद उत्साहित हूं।

5 सालों के बाद आप और परिणीति साथ आए हैं। कोई बदलाव महसूस हुआ?

5 सालों के बाद आप और परिणीति साथ आए हैं। कोई बदलाव महसूस हुआ?

परिणीति के साथ काम करने में मैं बहुत कंफर्टेबल हूं। बाल छोटे हो गए हैं उसके, बाकी कोई बदलाव नहीं आया है। हां, हम दोनों में थोड़ी मैच्यूरिटी आई है, हम एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। फिल्म में भी वह बात दिखती है। निर्देशक को इस बात का शायद फायदा भी हुआ हो।

English summary
Sidharth Malhotra is ready with her upcoming film Jabariya Jodi. Before film release, he had an chit chat with media, where he talked about his choices of roles and upcoming movies.
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