INTERVIEW: 'अब मेरी जो भी फिल्में आएंगी, उनमें आप शिल्पा 2.0 वर्जन देखेंगे'- शिल्पा शेट्टी
14 सालों के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहीं अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी अपनी फिल्म 'निकम्मा' को लेकर काफी उत्साहित हैं। अपने किरदार के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री कहती हैं, "फिल्म में मेरा किरदार एक ऐसी महिला है, जिसके पास कुछ पॉवर हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हर महिला के अंदर किसी तरह का सुपरपॉवर होता है क्योंकि वो एक साथ कई जिम्मेदारियां निभा रही होती है, एक साथ कई तरह के रोल में होती हैं। हम सब सुपरवुमेन हैं।"
शिल्पा शेट्टी ने आगे कहा, "आप फिल्म देंखेगे तो जानेंगे कि मेरे किरदार के कई पहलू हैं। इसे निभाने में मुझे बहुत मजा आया। मैं कह सकती हूं कि अवणी (किरदार का नाम) में थोड़ा सा भाग मैंने खुद अपना भी डाला है।"

शब्बीर खान के निर्देशन में बनी एक्शन- कॉमेडी फिल्म 'निकम्मा' में शिल्पा के साथ अभिमन्यु दसानी और शर्ली सेतिया भी मुख्य किरदारों में हैं।
साल 2021 में शिल्पा शेट्टी फिल्म 'हंगामा 2' में नजर आई थीं, लेकिन फिल्म को ओटीटी पर रिलीज किया गया था। लिहाजा, बड़े पर्दे पर अभिनेत्री एक लंबे वक्त के बाद नजर आएंगी। फिल्म की रिलीज के साथ शिल्पा शेट्टी ने मीडिया से खास बातचीत की, जहां उन्होंने स्क्रिप्ट चुनने की प्रक्रिया, सोशल मीडिया ट्रोल्स, जीवन में आए उतार- चढ़ाव पर खुलकर बातें की। साथ ही अपनी फिल्मों पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, "मैं उम्मीद करती हूं कि अब मेरी जो भी फिल्में आएंगी, उनमें आप शिल्पा 2.0 वर्जन देखेंगे।"
यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

Q. 14 साल के बाद आप बड़े पर्दे पर दस्तक दे रही हैं। कैसा महसूस कर रही हैं?
अभी कुछ दिनों पहले मैंने फिल्म का ट्रायल देखा और बहुत सुकून मिला मुझे। बहुत सारे मिले जुले भाव दिल में आ रहे हैं। डर नहीं था, लेकिन एक एक्साइटमेंट और नर्वसनेस थी कि पता नहीं मैंने सही से काम किया है या नहीं। लेकिन अब मैंने फिल्म देखी तो थोड़ी राहत मिली कि चलो मैंने खुद को निराश नहीं किया। सबसे ज्यादा वही जरूरी होता है। यदि आप खुद के काम से निराश हो जाते हैं तो मतलब आप अपने दर्शक को भी निराश करने वाले हैं।
Q. जब पहली बार आपने खुद को बड़े पर्दे पर देखा था, तब नर्वस थीं?
हां, बिल्कुल। बाजीगर के दौरान जब मैंने खुद को देखा था मैं बहुत घबराई थी, लेकिन सच कहूं तो शायद आज जितनी नहीं। उस समय मुझे महसूस नहीं हुआ था कि मैं यहां करियर बनाउंगी, इसीलिए नर्वस भी थोड़ी कम थी। लेकिन आज ये मेरा करियर है, लोगों को मुझसे उम्मीदें हैं इसीलिए घबराहट भी ज्यादा है। जब आप पहली फिल्म करते हो यही लगता है कि फिल्म चल जाए बस.. और मैं तो उस वक्त सिर्फ 17- 18 साल की ही थी।

Q. फिल्मों से आपने काफी लंबा ब्रेक लिया। क्या वजह रही?
मैंने खुद ही कुछ समय का ब्रेक लिया था। यह मेरा फैसला था कि मैं कुछ वक्त तक फिल्में नहीं करूंगी क्योंकि मैं अपने बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी पूरी तरह से निभाना चाहती थी। हमारा प्रोफेशन ऐसा है कि इसमें कोई टाइमिंग या रूटीन नहीं है। मदरहुड एक फुल टाइम जॉब है और मैं चाहती थी कि मैं अपना सारा वक्त अपने बेटे को दूं। मुझे लगता था कि टीवी शो के लिए हफ्ते में एक बार जो शूटिंग कर लेती हूं, वह बहुत है। मैं चाहती थी कि भले मैं फिल्में ना करूं लेकिन लोग मुझे याद रखें। 14-15 सालों तक लगातार काम करने के बाद, मैं नहीं चाहती थी कि दर्शक मुझे भूल जाएं इसीलिए मैं अलग अलग जरीए से उन तक पहुंचती रही। मैं उन्हें याद दिलाती रही कि मैं हूं। यहां तक मैं पहली एक्टर थी, जिसने अपना खुद का यूट्यूब चैनल शुरु किया था। तब लोगों ने बहुत मजाक उड़ाया था मेरा और कहा था कि तुम्हें ये सब करने की क्या जरूरत है। लेकिन मैंने वो किया क्योंकि मैं लोगों से जुड़ना चाहती थी। फिर मैं सोशल मीडिया से जुड़ी। वहां मैंने योग से जुड़े वीडियो पोस्ट करना शुरु किया। ये सब मैंने सिर्फ प्रासंगिक बने रहने के लिए किया।

Q. अब किसी फिल्म को हां करने से पहले किन बातों का ख्याल रखती हैं?
मैं फिल्मों को अब जाकर एक करियर के नजरीए से देखती हूं। इसीलिए मैं वैसे स्क्रिप्ट या किरदार करना चाहती हूं, जो प्रासंगिक रहे। इस इंडस्ट्री में जब मैंने शुरुआत की थी, वो कुछ और दौर था, आज अलग दौर है। मैं फैंस की बहुत शुक्रगुजार हूं जो मुझे आज की स्क्रीन पर देखना चाहते हैं, जो सोचते हैं कि मैं समय के बाद बदल पाई हूं। ये मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और निकम्मा मेरे लिए एक ऐसी ही फिल्म है। इसमें मैंने एक ऐसा रोल निभाया है, जो आज मैंने कभी नहीं किया और ना ही इंडस्ट्री की किसी और अभिनेत्री ने किया होगा। जब मैंने फिल्मों में काम शुरु किया था तो मुझे ग्लैमरस तरह की किरदारों के साथ टाइपकास्ट कर दिया था, थैंक गॉड धड़कन से सबकी सोच बदली। जबकि आप मेरी फिल्मोग्राफी देखेंगे तो मैंने हर तरह के रोल किये हैं, चाहे वो डेविड धवन की कॉमेडी फिल्म हो, 'फिर मिलेंगे' जैसी सोशल मैसेज वाली फिल्म या 'दस' जैसी एक्शन फिल्म हो। साथ ही मैंने साउथ की भी कई फिल्में की हैं। इसीलिए जब अभी मैं काम शुरु कर रही थी तो मुझे लगा कि अभी क्या नया करूं, क्या अलग करूं। लेकिन मैं बहुत खुश हूं कि अब इतने सालों के बाद मुझे 'निकम्मा' जैसी फिल्म मिली। मैं उम्मीद करती हूं कि अब मेरी जो भी फिल्में आएंगी, उसमें आप शिल्पा 2.0 वर्जन देखेंगे।

Q. इस फिल्म को देखकर आपके बेटे का क्या रिएक्शन रहा?
अरे उसे तो फिल्म बहुच अच्छी लगी। वो इतना खुश था और जिस तरह से उसने मुझे गले लगाया, वो मेरे लिए सबसे खूबसूरत लम्हा था। उसने कहा, "मां आप बहुत अच्छी एक्टर हो और आज से आप मेरी नंबर वन एक्टर हो।" मैं ये सुनकर बहुत इमोशनल हो गई थी।
Q. अपने सफर के लिए, अपने करियर और पॉजिटिविटी के लिए किसे श्रेय देती हैं?
मैं पूरा क्रेडिट साईं बाबा को देना चाहती हो। वो मेरे गाइडिंग फोर्स रहे हैं। साथ ही मैंने हमेशा खुद पर भरोसा बनाए रखा। हम अकसर दूसरों से जवाब और मान्यता चाहते हैं, जबकि सारे जवाब खुद हमारे अंदर ही हैं। तो मुझे लगता है कि हमें खुद अपने दिल की बात सुननी चाहिए तो अपने लक्ष्य की तरह बढ़ना चाहिए। मुझे लगता है कि आज मैं ज्यादा पॉपुलर हूं, जितना मैं 15 साल पहले थी। मुझे जब जो सही लगा, मैंने वो विकल्प चुना। कुछ दिनों पहले मैं शूटिंग कर रही थी और सेट के बाद कुछ 15-20 बच्चे इंतजार कर रहे थे कि शूटिंग खत्म होगी तो मेरे साथ एक फोटो लेंगे। वो मेरे लिए हैरान करने वाली बात थी क्योंकि आज की जेनरेशन ने बड़ी स्क्रीन पर मेरा काम नहीं देखा है। लेकिन वो मेरा इंतजार कर रहे थे.. और ये सब टीवी से मिली पॉपुलैरिटी की वजह से है।

Q. सोशल मीडिया ट्रोलिंग से परेशान होती हैं?
सोशल मीडिया पर पहले मैं कमेंट्स पढ़ती थी। लेकिन अब तो माहौल बहुत ही टॉसिक हो गया है। मैं और मेरी बहन एक दिन यही बातें कर रहे थे कि कभी कभी लोग इतनी घटिया बातें लिख जाते हैं, जैसे हम इंसान नहीं हैं, हममें भावनाएं नहीं होती हैं। लेकिन मेरी लाइफ का एक मंत्र है कि as a celebrity you should not complain and you should not explain.
Q. जिंदगी में आए उतार- चढ़ाव को कैसे देखती हैं और उससे उबरना कितना आसाना या मुश्किल रहता है?
मैंने कहीं पढ़ा था कि "आप जितनी जोर से जमीन पर गिरते हो, उनकी ही तेजी से आप बाउंस बैक भी करते हो"। यही मेरे साथ भी है। जब कभी मैंने ग्राउंड जीरो हिट किया है, मैंने उतनी ही एनर्जी के साथ बाउंस बैक किया है। यह मुझे और मेहनत करने के लिए भी प्रेरित करता है। मेरे जीवन में चाहे कुछ भी हो जाए, मुझे पता है कि मैं उससे उबर जाउंगी। मुझे लगता है कि जब आप किसी लो फेज़ से गुजर रहे होते हैं तो वो आपके लिए एक healing प्रोसेस की तरह भी होता है। इसीलिए जब कभी मेरी लाइफ में कोई लो फेज़ आता है, तो उसके बाद मैं खुद को अपने बेहतर वर्जन की तरह महसूस करती हूं।


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