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INTERVIEW: डर के शाहरुख हों या 1947 अर्थ के आमिर, इस तरह विलेन हमें आकर्षित करते हैं- राजकुमार राव

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20 अप्रैल को रिलीज हो रही है राजकुमार राव की फिल्म ओमेर्टा। हंसल मेहता के निर्देशन में बनी यह फिल्म पाकिस्तानी मूल के एक ब्रिटिश आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख के जीवन पर आधारित है। फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं और इसे टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया था। फिल्म को MAMI फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया था, जहां फिल्म को काफी तारीफ मिली। 

बहरहाल, फिल्म के प्रमोशन के दौरान फिल्मीबीट ने टैलेंट के भंडार राजकुमार राव से कुछ खास बातचीत की। जहां उन्होंने अपनी फिल्म ओमेर्टा के साथ साथ आतंकवाद, हंसल मेहता से अपनी दोस्ती और बॉलीवुड के अन्य पक्षों पर भी अपने विचार सामने रखे।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

ओमेर्टा के लिए किस तरह की तैयारी करनी पड़ी?

ओमेर्टा के लिए किस तरह की तैयारी करनी पड़ी?

उमर शेख के लिए मुझे काफी तैयारी करनी पड़ी। मानसिक तौर पर ही नहीं, शारीरिक तौर पर भी। मुझे इस शख्स के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मैंने इस किरदार के लिए दाढ़ी बनाई, थोड़ी बॉडी बनाई.. लगभग तीन महीने मैं लंदन में रहा ताकि शब्दों का सही उच्चारण कर सकूं। कई तरह की किताबें पढ़ी, डॉक्यूमेंट्री देखी ताकि उन लोगों की विचारधारा समझ सकूं। उमर शेख में बहुत गुस्सा था.. मैं चाहता था वही गुस्सा, वही द्वेष मुझमें भी दिखे।

मानसिक तौर पर थकाने वाला था

मानसिक तौर पर थकाने वाला था

फिल्म करने के दौरान मैंने उमर शेख जैसे लोगों की विचारधारा को जाना। मेरे लिए हिंसा किसी भी तरह का हो, या किसी भी उद्देश्य से किया गया हो.. वह गलत ही है। लिहाजा, मानसिक तौर पर यह काफी eye opener जैसा भी था.. और थकाने वाला भी। आज के समय से उमर शेख जैसे लड़के हैं और भयानक सच है।

हंसल मेहता ने किस तरह का सर्पोट दिया?

हंसल मेहता ने किस तरह का सर्पोट दिया?

हंसल मेहता बहुत ही सर्पोटिव निर्देशक रहे हैं। ओमेर्टा के दौरान भी उन्होंने मुझे दो- तीन महीने का समय दिया कि मैं अपने किरदार की तैयारी कर सकूं। उमर शेख का किरदार पकड़ने में उन्होंने बहुत मदद की है।

निगेटिव किरदार का चुनाव क्यों?

निगेटिव किरदार का चुनाव क्यों?

मैंने आज तक इस तरह का किरदार नहीं निभाया था। बतौर अभिनेता निगेटिव रोल आपको बहुत कुछ अलग करने का मौका देता है। डर में शाहरुख खान हों, 1947 अर्थ के आमिर खान, खलनायक में संजय दत्त या पद्मावत के रणवीर सिंह.. बतौर अभिनेता इस तरह विलेन हमें बेहद आकर्षक लगते हैं। मैं अपने अंदर के विलेन को देखना चाहता था.. क्योंकि मैंने अक्सर गुड बॉय या ग्रे किरदार ही निभाए हैं। ओमेर्टा ने मुझे कुछ अलग करने का मौका दिया।

इस फिल्म को करने के बाद आतंकवाद को लेकर क्या सोच बनी है?

इस फिल्म को करने के बाद आतंकवाद को लेकर क्या सोच बनी है?

युवाओं को काफी आसानी से ब्रेनवॉश कर दिया जाता है। उनमें इतना गुस्सा भर दिया जाता है कि वह हिंसा के तौर पर बाहर निकलता है। उन्हें कोई समझाने वाला नहीं होता.. जिसका नतीजा होता है कि वह आतंकवाद में गहरे फंस जाते हैं। आतंकवादी समूहों में कुछ लोग सिर्फ इसीलिए होते हैं जो उन युवाओं तो ढूंढ़ सकें.. जिनका आसानी से ब्रेनवॉश किया जा सके।

मुस्लिमों पर कोई टार्गेट नहीं किया गया है!

मुस्लिमों पर कोई टार्गेट नहीं किया गया है!

फिल्म मुस्लिमों के बारे में नहीं है.. यह उमर शेख के बारे में.. आतंकवाद को दिखाती है। यह किसी विशेष धर्म को नहीं प्रदर्शित करती है। लिहाजा, विवाद की कोई बात ही नहीं है।

जिन लोगों ने ओमेर्टा देखी है.. उनका मानना है कि यह हंसल मेहता की बेस्ट फिल्म है। तो आपका खुद को लेकर क्या राय है?

जिन लोगों ने ओमेर्टा देखी है.. उनका मानना है कि यह हंसल मेहता की बेस्ट फिल्म है। तो आपका खुद को लेकर क्या राय है?

(हंसते हुए) यह हंसल मेहता ही नहीं.. बल्कि लोगों का यह भी मानना है कि ओमेर्टा राजकुमार की भी बेस्ट फिल्म होगी। मेरी कोशिश यही है कि इस बार भी मैं ऑडियंस को सरप्राइज करूं। और कलाकार चाहते भी यही हैं कि आपकी हर फिल्म लोगों को पिछली से बेहतर लगे।

पिछले 5 सालों में आपने हंसल मेहता के साथ 4 फिल्में की हैं। उनकी स्क्रिप्ट या उनके निर्देशन में कौन सी ऐसी बात है जो आपको खींचती है?

पिछले 5 सालों में आपने हंसल मेहता के साथ 4 फिल्में की हैं। उनकी स्क्रिप्ट या उनके निर्देशन में कौन सी ऐसी बात है जो आपको खींचती है?

सबसे पहली बात कि उन पर एक भरोसे वाली बात तो है ही। हमने शाहिद से शुरुआत की थी साथ में.. दोनों वहां से आगे बढ़े। अब वह मेरी फैमिली की तरह हैं। उनपर मैं आंख बंद कर भरोसा करता हूं। कहीं ना कहीं एक डील की तरह है कि तरह है कि उनकी हर फिल्म में मुझे होना ही है।

लेकिन हां, उन्होंने सिमरन बनाई, जिसमें मेरे लायक कोई रोल नहीं था। तो उन्होंने मुझे नहीं लिया। मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं।

फिल्म 2010 में फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' से डेब्यू करने वाले शानदार एक्टर राजकुमार राव एक दिन बॉलीवुड में इस मुकाम पर होंगे.. शायद किसी ने ना सोचा होगा। अपने अभिनय की काबिलियत और मेहनत से राजकुमार आज हर निर्देशक की पसंद हैं। फिलहाल ओमेर्टा का हम बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

English summary
In an exclusive interview Rajkummar Rao shares views on his upcoming film Omerta. How he prepared for the role and his bond with director Hansal Mehta.

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