»   » ''शाहरूख सर, सलमान सर.. सभी मुझे सपोर्ट कर रहे हैं.. मैं खुश हूं....''

''शाहरूख सर, सलमान सर.. सभी मुझे सपोर्ट कर रहे हैं.. मैं खुश हूं....''

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बॉलीवुड स्टार किड डेब्यू का इंतजार किसे नहीं होता। खासकर यदि उनके पिता मशहूर फिल्म निर्देशक अब्बास बर्मावाला हों। जी हां, अब्बास- मस्तान की अगली फिल्म 'मशीन' के साथ अब्बास के बेटे मुस्ताफा बॉलीवु़ड डेब्यू करने वाले हैं। फिल्म 17 मार्च को रिलीज होने वाली है। 

अपने इस डेब्यू को लेकर जितने नर्वस मुस्ताफा खुद हैं, उतने ही अब्बास मस्तान भी। सब यही चाहते हैं कि मशीन दर्शकों को पसंद आए। अब्बास मस्तान की पिछली हिट फिल्मों की तरह 'मशीन' भी एक रोमांटिक थ्रिलर है, जहां शानदार ट्विस्ट एंड टर्न्स दिखेंगे।

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बहरहाल, फिल्म 'मशीन' के प्रमोशन के दौरान फिल्मीबीट ने मुस्ताफा से कुछ खास बातचीत की। जहां उन्होंने अपनी फिल्म मशीन के साथ साथ.. बॉलीवुड में कंपिटिशन, परिवारवाद और अब्बास- मस्तान के साथ काम करने का अनुभव भी शेयर किया।

यहां पढ़ें इंटरव्यू के कुछ प्रमुख अंश:

डेब्यू फिल्म- नर्वस और उत्साहित दोनों हूं

डेब्यू फिल्म- नर्वस और उत्साहित दोनों हूं

फिल्म रिलीज होने में सिर्फ कुछ दिन रह गए हैं.. तो मैं नर्वस और उत्साहित दोनों हूं। मुझे उम्मीद है लोगों को फिल्म पसंद आएगी। मैंने काफी मेहनत की है।

कियारा और मेरे बीच है कंपिटिशन

कियारा और मेरे बीच है कंपिटिशन

शूटिंग के वक्त हमारे बीच कंपिटिशन रहता था। जब कियारा किसी सीन की शूटिंग कर रही होती थीं तो मैं बेठकर देखता था.. कि यह इतना अच्छा शॉट दे सकती है तो मुझे और अच्छा देना है। जाहिर है हमारा यह कंपिटिशन को और अच्छा बनाता गया।

कैसी मिली फिल्म

कैसी मिली फिल्म

मैं कभी एक्टर नहीं बनना चाहता था। मैं डाइरेक्टर बनना चाहता था। मैंने कई फिल्मों में अब्बास- मस्तान को असिस्ट किया है। मैंने न्यूयॉर्क से डाइरेक्शन सीखा है।

लेकिन जब हम ‘मशीन' की स्क्रिप्ट पर काम रह थे, तो यह काफी अच्छा लगा था। मेरे मन में यह बात आई थी कि काश इसे मैं कर पाऊं। लेकिन मैंने कहा नहीं था। मेरे भाई ने डैड को आइडिया दिया कि फिल्म के लिए जब किसी फ्रेश चेहरे की तलाश है तो मुस्ताफा ही क्यों नहीं। फिर मैंने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया और मुझे फाइनल किया गया। फिर मैंने 6 महीने NSD में ट्रेनिंग ली.. फिर शूट शुरु की।

फिल्मी ब्रैकग्राउंड से होने का कितना प्रेशर

फिल्मी ब्रैकग्राउंड से होने का कितना प्रेशर

फिल्मी बैकग्राउंड से होने का काफी प्रेशर है। क्योंकि लोगों की उम्मीदें भी आपसे जुड़ जाती है। अब्बास- मस्तान ने बतौर डाइरेक्टर काफी नाम कमाया है। तो मैं भी चाहता हूं कि मैं अपने पिता का नाम आगे ले जाऊं। मुझे अपना 100 प्रतिशत नहीं, बल्कि 200 प्रतिशत देना होता है.. जो मैंने दिया है।

बॉलीवुड में कंपिटिशन

बॉलीवुड में कंपिटिशन

कंपिटिशन तो है, लेकिन मैं इस बारे में ज्यादा सोचता है। सभी स्टार्स यहां अपनी मेहनत की वजह से टिके हैं। एक्टिंग हो या डांसिंग, एक्शन, कॉमेडी.. सब किसी ना किसी क्षेत्र में परफेक्ट हैं। फिलहाल मैंने अभी तक कोई और फिल्म साइन नहीं की है, मैंने कुछ स्क्रिप्ट्स सुने हैं।

बॉलीवुड में परिवारवाद (nepotism) पर आपका क्या मत है!

बॉलीवुड में परिवारवाद (nepotism) पर आपका क्या मत है!

मैं परिवारवाद को नहीं मानता। जो टैलेंटेड है, वही बॉलीवुड में टिकते हैं। हां, फिल्मी बैकग्राउंड से होने पर आप पर प्रेशर रहता है। लेकिन रास्ता कोई आसान नहीं होता।

इंडस्ट्री से कैसा रिएक्शन रहा

इंडस्ट्री से कैसा रिएक्शन रहा

जब यह फाइनल हुआ कि मैं डेब्यू करने वाला हूं तो बॉलीवुड से काफी अच्छा रिएक्शन रहा। सबने मुझे बधाई दी.. सबने सपोर्ट किया। खासकर सलमान सर और शाहरूख सर.. उन्होंने मेरे लिए मुस्ताफा मुस्ताफा गाना गाया था.. तो यह सब मेरे लिए बहुत बड़ी बात। मैं बहुत खुश हूं।

English summary
Mustafa in an interview talks about his upcoming movie Machine, working with Abbas Mustan and much more.
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