INTERVIEW: गहराइयां, रिलेशनशिप और सिद्धांत के साथ अपनी दोस्ती पर अनन्या पांडे- 'हम टॉम एंड जेरी की तरह हैं'

"ये मेरे अब तक के करियर का सबसे इमोशनली मैच्योर रोल है", फिल्म 'गहराइयां' में अपने किरदार के बारे में बताते हुए अभिनेत्री अनन्या पांडे कहती हैं। जब अनन्या को 'गहराइयां' में टिया की भूमिका सुनाई गई थी तो उन्होंने खुद को 20 मिनट तक बाथरूम में लॉक कर लिया था। वह कहती हैं, "मैं हैरत में थी कि ये फिल्म मेरे पास आई है, मैं इमोशनल हो गई थी। इस कहानी का हिस्सा बनकर मैं बहुत खुश हूं।"

शकुन बत्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दीपिका पादुकोण, अनन्या पांडे, सिद्धांत चतुर्वेदी और धैर्य कारवा मुख्य किरदारों में हैं। फिल्म 11 फरवरी को अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होने वाली है।

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फिल्म गहराइयां की रिलीज से पहले अनन्या पांडे ने मीडिया से खास बातचीत की, जहां उहोंने अपने किरदार, अपनी फिल्मों के चुनाव, करियर, करीबी रिश्तों के साथ साथ दीपिका पादुकोण और सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ अपनी दोस्ती पर भी खुलकर बातें की।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

ये किरदार निभाना आपके लिए कितना मुश्किल या सहज रहा?

ये किरदार निभाना आपके लिए कितना मुश्किल या सहज रहा?

मुश्किल तो नहीं, लेकिन चैलेंजिंग था मेरे लिए। ये मेरा अब तक का सबसे इमोशनली मैच्योर रोल है। फ़िल्म के लिए जाहिर तौर पर मैं थोड़ी नर्वस थी, लेकिन पहली बार ही जब मुझे इसकी स्क्रिप्ट सुनाई गई थी, मैंने तुरंत फाइनल कर लिया था कि मैं ये करूंगी। मेरे मन में फ़िल्म को लेकर एक सेकेंड का भी कभी डाउट नहीं था। लेकिन हां, शुरुआत में ये सवाल था दिमाग में की ये करूंगी कैसे! मेरे ही मन में नहीं, सिद्धांत के दिमाग में भी ये बात चल रही थी। लेकिन जब फ़िल्म की शूटिंग शुरू हुई तो हमने साथ में कई सारे वर्कशॉप्स किये, शकुन के साथ बहुत सारी बातचीत हुई। इसीलिए जब मैं फाइनली सेट पर गई तो मैं काफी कम्फ़र्टेबल थी और इसके लिए शकुन, दीपिका और सभी को एक्टर्स को थैंक यू।

फ़िल्म के ट्रेलर लॉन्च में आपने कहा था कि शकुन बत्रा हमेशा से आपकी विश लिस्ट में थे, आप उनके साथ एक फ़िल्म करना चाहती थीं। एक एक्टर के तौर पर शकुन बत्रा के फिल्मों की या उनके फिल्ममेकिंग की क्या बात आपको सबसे ज्यादा आकर्षित करती है?

एक बात जो मुझे 'कपूर एंड सन्स' और 'एक मैं और एक तू' में अच्छी लगी थी वो ये कि कहानी हमेशा एक हैप्पी एंडिंग के बारे में नहीं होती है। और ज़िन्दगी भी कुछ ऐसी ही होती है। एक एक्टर ही नहीं, बल्कि एक दर्शक के तौर पर भी मुझे ये बहुत रिलेटेबल लगा। शकुन बत्रा के बारे में मुझे जो बात पसंद है वो ये कि वो किसी चीज़ को चमकीला नहीं बनाते हैं, वो परिस्थितियों को परियों की कहानी जैसा नहीं पेश करते हैं, उनकी फिल्में रियल लाइफ के बहुत नजदीक लगती हैं। जो डायलॉग शकुन और उनकी को- राइटर आएशा लिखते हैं, वो बहुत ही रियल लगता है, जैसे आप जो सोचते हैं, वही बोलते हैं। कोई ऐसे भारी भरकम डायलॉग नहीं होते हैं। बतौर एक्टर मुझे ये बातें अच्छी लगती हैं।

फ़िल्म की शूटिंग से कोई खास अनुभव शेयर करना चाहेंगी?

फ़िल्म की शूटिंग से कोई खास अनुभव शेयर करना चाहेंगी?

फ़िल्म की शूटिंग हमने गोवा में शुरू की थी। हम दो महीने के लिए गोवा चले गए थे। हम बबल में शूट कर रहे थे, इसीलिए किसी का आना जाना नहीं था। हम सबको लगातार वहां रहना था। लेकिन इस दौरान हम सबको एक दूसरे से बहुत लगाव हो गया। फ़िल्म की शूटिंग मुख्य रूप से गोवा और मुंबई में हुई है। अनुभव के बारे में बात करूं तो बेस्ट चीज़ थी कि हम सबका सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत एक जैसा है, इसीलिए शायद हम सबकी इतनी अच्छी दोस्ती हो गई। हमारा एक व्हाट्सएप ग्रुप भी है। सेट से भी कई यादें है। सिद्धांत और मैं दोनों बहुत फिल्मी है। उसे शाहरुख सर बहुत पसंद हैं और मुझे करीना। तो कभी कभी सिद्धांत और मैं सीन में बिल्कुल बह जाते थे और पूरा फिल्मी टेक देते थे, जो शकुन को बिल्कुल ही पसंद नहीं था, ये उसका फिल्ममेकिंग स्टाइल नहीं है। तो वो हमेशा सिद्धांत और मुझे एक एक्स्ट्रा टेक देते थे, जहां हम कुछ भी कर सकते थे ताकि हमारी फिल्मी भड़ास निकल जाए। और हमें वो टेक देने में बड़ा मजा आता था।

फ़िल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले शकुन की ओर से किरदार निभाने को लेकर कोई खास सलाह मिली थी?

फ़िल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले शकुन की ओर से किरदार निभाने को लेकर कोई खास सलाह मिली थी?

शकुन ने जो सबसे बड़ी बात मुझे कही थी कि ज़्यादा प्रेशर मत लेना और ओवर थिंक मत करना.. क्योंकि मैं रियल लाइफ में भी ऐसी ही हूं। मैं किसी भी बात पर बहुत सोचती हूं। शकुन के साथ मैंने ये सीखा की स्क्रिप्ट में जो लिखा होता है, वो एक एक शब्द इमोशन में नहीं दिखाया जा सकता। जैसे कभी स्क्रिप्ट में लिखा होता है कि किरदार को रोना है, लेकिन शूटिंग के दौरान एक्टर की आंखों में आंसू नहीं आते है, जबकि किरदार सब महसूस करता है। फ़िल्म में मैं टिया का किरदार निभा रही हूं, जो काफी हद तक मेरे ही जैसी है। शकुन ने भी ये बात समझ ली थी कि उन्हें मुझे बहुत कम डायरेक्ट करना है। उन्होंने मुझे कैमरा के सामने रियल सेल्फ दिखाने के लिए छोड़ दिया था। मेरे लिए कहीं ना कहीं ये बात घबराने वाली थी क्योंकि जब आप कैमरे के सामने खुद को ही प्ले करते हो तो लोग सिर्फ आपके किरदार को ही नहीं, आपको लेकर भी धारणाएं बनाने लगते हैं। लेकिन एक बार मैं उस डर से उबर गई तप मैंने पूरे प्रोसेस को बहुत एन्जॉय किया।

और दीपिका के साथ स्क्रीन शेयर करना कैसा रहा?

और दीपिका के साथ स्क्रीन शेयर करना कैसा रहा?

बहुत शानदार। ये दीपिका का ही आईडिया था कि हम सब गोवा कुछ हफ्ते पहले जाते हैं और साथ में वर्कशॉप्स करते हैं। फ़िल्म की शुरुआत में दीपिका का जो पैशन और एनर्जी था, फ़िल्म खत्म होने तक वो वैसी ही थीं। वो सारे वर्कशॉप्स अटेंड करती थीं। सेट पर बिल्कुल टाइम से आती थी। अभी भी उनमें सीखने का पैशन है। मुझे हमारा रिश्ता एक फैमिली जैसा लगता है। हम रियल में बहनों की तरह हैं।

ये फिल्म रिश्तों की बात करती है। रियल लाइफ में एक आदर्श पार्टनर में आप क्या खूबियां देखना पसंद करेंगी?

मैं शाहरुख सर की फिल्म से एक डायलॉग बोलना चाहूंगी, 'प्यार दोस्ती है'। और मैंने अपने पैरेन्ट्स से भी यही सीखा है। आज वो दोनों शादी के 24 साल के बाद भी एक- दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त हैं। वो साथ हंसते हैं, लड़ते हैं, झगड़ते हैं.. लेकिन दोनों में हमेशा कम्यूनिकेशन रहता है। मेरे लिए भी रिलेशनशिप में सबसे जरूरी यही है। मुझे कोई ऐसा चाहिए, जिससे मैं बातें कर सकूं, जिसके सामने मैं जैसी हूं वैसे ही रह सकूं.. और जो मुझे हंसा सके। मेरे डैड ने मुझे जिंदगी भर खुश रखा है, वो हंसाते रहे हैं.. तो मेरे पार्टनर में भी ये खूबी होनी चाहिए।

रियल लाइफ में आप किसके साथ सबसे गहरा रिश्ता साझा करती हैं?

रियल लाइफ में आप किसके साथ सबसे गहरा रिश्ता साझा करती हैं?

मुझे लगता है कि मैं बहुत लकी हूं क्योंकि मेरे कई गहरे रिलेशनशिप हैं। जाहिर तौर पर अपने पैरेन्ट्स के साथ मेरा सबसे गहरा रिश्ता है। खासकर अपनी मां के साथ। मैं अपनी छोटी बहन के बहुत करीब हूं। और फिर मेरे बेस्ट फ्रैंड्स हैं, सुहाना और शनाया। बचपन से हमारी दोस्ती है तो उनके साथ मेरा बहुत ही मजबूत बॉण्ड है। फिर कुछ स्कूल के दोस्त भी हैं। दरअसल, मैं जो रिश्ते बनाती हूं वो गहरे ही होते हैं.. वर्ना मैं नहीं बनाती हूं।

आपके काम के सबसे बड़े क्रिटिक कौन रहे हैं? या जिनकी सलाह आप सुनना पसंद करती हैं?

मुझे लगता है कि मैं ही अपनी सबसे बड़ी क्रिटिक हूं। मेरे पैरेन्ट्स भी क्रिटिक हैं लेकिन वो मेरे सबसे बड़े चीयरलीडर्स भी हैं। वैसे मेरी सबसे बड़ी क्रिटिक है मेरी छोटी बहन रायशा, जो छोटी छोटी बातों पर भी ध्यान देती है। मेरा गुड लक है कि उसे गहराइयां का ट्रेलर बहुत पसंद आया है.. तो मैं अब उम्मीद कर रही हूं कि उसे फिल्म भी इतनी ही अच्छी लगे।

आपके अब तक के करियर पर और फिल्मों के चुनाव पर आपके पैरेन्ट्स का क्या रिएक्शन रहा है?

आपके अब तक के करियर पर और फिल्मों के चुनाव पर आपके पैरेन्ट्स का क्या रिएक्शन रहा है?

सच कहूं तो यदि मैं खुश हूं तो वो खुश हैं। वो सिर्फ चाहते हैं कि मैं अपना काम एन्जॉय करूं। हर पैरेन्ट्स की तरह वो भी मुझे हर तनाव से दूर रखना चाहते हैं, लेकिन शायद ये संभव नहीं है। उन्हें इस बात पर गर्व है कि मैं यहां अपने दिल की सुनकर सारे चुनाव कर रही हूं, चाहे जो स्क्रिप्ट का चुनाव हो या किसी से संपर्क करना हो। मैं चाहती हूं कि यदि मैं गलती भी करूं तो वो सिर्फ मेरी गलती हो। मैं उनके साथ अपनी सफलता बांटना चाहती हूं।

ये फिल्म आपने कोविड लॉकडाउन से पहले ही साइन कर लिया था। बीच में इतना लंबा मिलने पर किरदार को लेकर क्या तैयारी की?

इस फिल्म की तैयारी हमने कोविड के समय से पहले ही शुरु कर दी थी, हम उसी साल मार्च से शूटिंग भी शुरु करने वाले थे लेकिन अचानक ही देश भर में लॉकडाउन हो गया। तो इस दौरान शकुन और आयशा को जो समय मिला, उन्होंने स्क्रिप्ट में कई बदलाव किये। शकुन और मेरे बीच जितनी भी बातचीत हुई, उन्होंने कुछ खास बातें टिया के किरदार में भी शामिल की। हमने इस फिल्म पर काफी बातें की थीं, कुछ मैंने अपने किरदार को लेकर इनपुट भी दिये। हमने बहुत सारी रीडिंग की.. जो तैयारी की.. उससे हमें आगे बहुत मदद मिली। इसके अलावा कोविड के दौरान मैंने बहुत सारी फिल्में देखी.. क्योंकि मैंने बड़े होने के दौरान एक ही फिल्में कई कई बार देखी हैं, मैंने कुछ भी क्लासिक नहीं देखा था। तो लॉकडाउन के दौरान मैंने फिल्में देखीं, किताबें पढ़ीं।

फैंस के बीच सिद्धांत और आपकी rivalry को लेकर काफी बातें होती हैं। आप दोनों का बॉण्ड कैसा रहा है, यदि कुछ शेयर करना चाहें?

फैंस के बीच सिद्धांत और आपकी rivalry को लेकर काफी बातें होती हैं। आप दोनों का बॉण्ड कैसा रहा है, यदि कुछ शेयर करना चाहें?

सिड और मेरे बीच देखा जाए तो कभी कोई कंपिटिशन नहीं रहा है। लोगों ने कमेंट कर कर के ये क्रिएट कर दिया था। हम दोनों हमेशा से चिल (chill) रहे हैं। उस इंटरव्यू के दौरान भी हम दोनों ने अपनी अपनी बात कही थी। सिर्फ उतनी ही बात थी। लेकिन बाद में उसे मीम बना बनाकर वायरल कर दिया गया। हम दोनों में अच्छी दोस्ती है। हम एक और फिल्म में साथ काम कर रहे हैं। हमारी दोस्ती ऐसी है कि हम एक दूसरे से कोई भी बात शेयर कर सकते हैं। मुझे हमारी दोस्ती पसंद है क्योंकि ऐसे रिश्तों से स्क्रीन पर भी कॉफिडेंस आता है.. हम साथ में ऑन स्क्रीन बहुत कुछ एक्सप्लोर कर सकते हैं। हम दोनों को अल्लू अर्जुन बहुत पसंद है तो हम एक दूसरे को उनके वीडियो भेजते रहते हैं। हम टॉम एंड जेरी की तरह हैं, हमारे बीच लड़ाई भी होती है लेकिन हम एक दूसरे बहुत पसंद करते हैं।

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