INTERVIEW: डार्लिंग्स, हॉलीवुड डेब्यू और फिल्मों में 10 सालों के सफर पर आलिया भट्ट- खुद को चैलेंज देना पसंद है
आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म 'डार्लिंग्स' नेटफ्लिक्स पर 5 अगस्त से स्ट्रीमिंग के लिए उपलप्ध हो जाएगी। ये फिल्म अभिनेत्री के लिए बेहद खास है क्योंकि इस फिल्म के साथ वो प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी कदम रख रही हैं। आलिया कहती हैं, "डार्लिंग्स मुझे बहुत प्रिय है क्योंकि इससे मुझे महसूस हुआ कि एक निर्माता के रूप में मैं इस तरह की कहानियां सुनाना चाहती हूं। ये एक सरप्राइजिंग फिल्म है।"
2012 में आई फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ दि ईयर' से बॉलीवुड में कदम रखने वाली आलिया इस अक्टूबर फिल्म इंडस्ट्री में एक दशक पूरा करने वाली हैं। अपने 10 सालों के सफर पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि वो अपने अतीत में जाकर अपने सफर में कुछ भी बदलना नहीं चाहती हैं। आलिया ने कहा, "मैं जो आज हूं वह मेरे अब तक के लिए फैसलों की वजह से ही हूं। मैं बहुत आभारी महसूस करती हूं कि आज मेरे पास एक आवाज है और मैं युवा निर्देशकों और लेखकों के विचारों को बढ़ावा भी दे सकती हूं।"

'डार्लिंग्स' की रिलीज से पहले आलिया भट्ट ने फिल्मीबीट से बातचीत की है, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने 10 सालों के सफर पर खुशी जताई है। साथ ही उन्होंने अपनी आगामी फिल्मों के साथ साथ अपने हॉलीवुड डेब्यू और रणबीर कपूर को लेकर भी बातें की।
यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

Q. बतौर निर्माता फिल्म को ओटीटी पर लाना कितना आसान निर्णय रहा?
डार्लिंग्स उस तरह की फिल्म है जो ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए बिल्कुल परफेक्ट बैठती है। थियेटर में लार्जर देन लाइफ, बड़ी स्केल वाली फिल्मों का अपील ज्यादा है, जबकि डार्लिंग्स एक इंटिमेट फिल्म है। इसे आप आराम से घर में बैठकर देखना पसंद करेंगे। इसीलिए इसीलिए नेटफ्लिक्स पर लाने का आइडिया यही था कि इसे देखने के लिए आपको थियेटर तक आने की जरूरत नहीं, ये फिल्म आप तक पहुंच जाएगा। सच कहूं तो 2019 से हमारी यही प्लानिंग थी। फिर पोस्ट कोविड हम अपने फैसले को लेकर ज्यादा क्लीयर हो गए कि कुछ फिल्मों की लाइफ ज्यादा लंबी होगी यदि हम उसे नेटफ्लिक्स जैसे प्लैटफॉर्म पर लाएं। पहले दिन ही हमारी फिल्म 119 देशों में पहुंच जाएगी, तो इससे अच्छी और क्या बात हो सकती है।

Q. इस साल इंडस्ट्री में आपने 10 साल पूरे किये हैं और बतौर निर्माता आप नई शुरुआत भी कर रही हैं? प्रोडक्शन हाउस को लेकर कैसी प्लानिंग है?
हां, ये इंडस्ट्री में मेरा दसवां साल है और संयोग से ऐसा हो गया कि मेरे प्रोडक्शन की पहली फिल्म भी इसी साल आ रही है। डार्लिंग्स को हालांकि मैंने 2019 में ही साइन कर लिया था। कोविड की वजह से ये 2022 में रिलीज हो रही है। अब मेरा सपना यही है कि मैं अपने प्रोडक्शन हाउस के जरीए बेहतर से बेहतर काम करूं। कहानियों को ढूढ़नें और दर्शकों के सामने लाने में अब मेरी दिलचस्पी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है। बतौर एक्टर मैं अपना काम बिल्कुल जारी रखूंगी। लेकिन साथ ही मैं अपने प्रोडक्शन हाउस के जरीए किसी दूसरे के विजन को भी पर्दे पर लाने की कोशिश करूंगी। मैं ऐसी कहानियां सामने लाना चाहती हूं, जो एंटरटेन करने के साथ साथ कुछ सिखा जाए। कहीं ना कहीं उसमें एक मैसेज छिपा हो, जिसके बारे में लोग सोचें। जरूरी नहीं है कि मेरी फिल्म है तो मैं ही एक्टिंग भी करूंगी। फिलहाल मैं सीख रहूं हूं और मेरे पास सीखने के लिए बहुत कुछ है। जहां तक 10 सालों के सफर की बात है कि मैं काफी खुश हूं। मैं अपने सफर में कुछ बदलना नहीं चाहूंगी.. क्योंकि उन्हीं फिल्मों और फैसलों की वजह से आज मैं जो हूं वो हूं।

Q. निर्माता के तौर पर फिल्म से जुड़ने का अनुभव कितना स्ट्रेसफुल रहा?
थोड़ा मुश्किल तो रहा। हमलोग 2021 अप्रैल में फिल्म शुरु करने वाले थे। लेकिन फिर कोविड का दूसरा लहर आ गया। पहले हमारी निर्देशक जसमीत को कोविड हुआ, फिर मुझे हुआ। उस वक्त हमारी सेट पूरी बनकर तैयार थी। लेकिन हम सबको तुरंत अपने अपने घरों में बंद होना पड़ा। कोई दूसरा उपाय भी नहीं था। आपको इससे डील करना ही पड़ता है। बतौर निर्माता ये सब आपके दिमाग में चलता रहता है कि सेट खड़ा है, उसका किराया देना है। लेकिन ऐसे समय में आप क्या ही कर सकते हैं। उस समय जैसे हालात थे, सबसे जरूरी सबकी सेहत थी। फिर जब जुलाई में हम वापस सेट पर आए तो कई सारे कोविड प्रोटोकॉल को हमने फॉलो किया था। हर दिन सबकी टेस्टिंग होती थी, पूरा का पूरा क्रू बबल में काम करता था। तो हां, मुख्य तौर पर मेरा स्ट्रेस सिर्फ इतना ही था कि किसी तरह से फिल्म समय पर खत्म हो जाए। इस तरह की परिस्थितियों से भी आप बहुत कुछ सीखते हो।

Q. ओटीटी पर सफलता को आंकने के लिए बॉक्स ऑफिस जैसा कोई पैमाना नहीं होता है। इस बात की राहत महसूस होती है?
यहां बॉक्स ऑफिस नंबर नहीं होते, लेकिन ओटीटी का अपना मैट्रिक होता है। यहां पता चलता है कि आपके कंटेंट को कितने घंटे देखा गया है। गंगूबाई काठियावाड़ी थियेटर के बाद नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी, वो टॉप 10 ग्लोबल नॉन इंग्लिश फिल्मों की सूची में शामिल हुई थी। फिर आरआरआर भी कई हफ्तों तक टॉप पर रही थी। लेकिन इन सबके बावजूद, जो बात खास है वो ये कि मौजूदा समय में किसी फिल्म के लिए बॉक्स ऑफिस नंबर्स ज्यादा से ज्यादा 4- 5 हफ्ते के लिए मायने रखती है, जब तक कि वो ओटीटी पर न आ जाए। हां, उससे फिल्मों की सफलता और असफलता का पता चलता है, लेकिन उससे भी ज्यादा जो मायने रखता है, वो है दर्शकों का प्यार। 5 सालों के बाद किसी को बॉक्स ऑफिस नंबर याद नहीं रहने वाला। लोग सिर्फ इतना कहते हैं कि फिल्म अच्छी थी। तो मायने भी सिर्फ इतना ही रहता है.. कि आप अच्छी फिल्म बनाओ। उदाहरण के तौर पर शेरशाह को देख लीजिए, बीते साल जब ये रिलीज हुई, फिल्म ने कैसा तहलका मचा दिया था। मुझे कोई अंतर महसूस नहीं हुआ कि वो ओटीटी पर आई थी या थियेटरों में। या कृति सैनन की फिल्म मिमी.. उसे दर्शकों से इतना प्यार मिला। उस फिल्म को इतने अवार्ड भी मिले.. तो कोई फर्क नहीं पड़ता कि दर्शक उसे कहां देख रहे हैं.. प्यार को किसी नंबर से नहीं आंका जा सकता।

Q. फिल्म 'डार्लिंग्स' घरेलू हिंसा जैसे विषय पर बनी है। ऐसे गंभीर और संवेदनशील विषय को कॉमेडी के साथ परोसना कितना मुश्किल रहा?
जब ये स्क्रिप्ट मेरे पास आई, तो पहला सवाल मेरे दिमाग में यही था कि ये डायरेक्टर के लिए बहुत मुश्किल होने वाला है। हम यहां विषय का मजाक नहीं उड़ा रहे हैं। यहां कहानी दो किरदारों की है, जो मां- बेटी है। बेटी के रिलेशनशिप में दिक्कते हैं और मां उसे फिक्स करना चाहती है। फिक्स करने के लिए वो अतरंगी तरकीबें निकालती है और इसका उन पर क्या क्या प्रभाव पड़ता है.. यही है फिल्म का बैकड्रॉप। घरेलू हिंसा या किसी भी तरह का हिंसा स्वीकार्य नहीं है, और हमें हमेशा से अंदाजा था कि यह कितना संवेदनशील विषय है। यहां परिस्थितियों से कॉमेडी हो रही है। ऐसा नहीं है कि मैं कोई डायलॉग मारूंगी और कोई पंचलाइन होगा तो हंसी आएगी।

Q. रणबीर ने भी एक फिल्म प्रोड्यूस की है। फिल्म निर्माण को लेकर उनकी कितनी दिलचस्पी है?
प्रोड्यूसर तो पता नहीं, मुझे लगता है कि रणबीर में एक डायरेक्टर छिपा है। मैंने और बाकी कई लोगों ने भी उनसे कई बार ये कहा है। वो फिल्में डायरेक्टर करना चाहते हैं, भले ही वो कभी खुद इस बात को ना मानें, लेकिन मैं तो पुश करते ही करते ही रहूंगी। और जब भी वो ऐसा करेंगे तो मैं भी उस फिल्म से जरूर जुड़ना चाहूंगी।
Q. आप हॉलीवुड में भी डेब्यू करने वाली हैं। क्या ये हमेशा से विश लिस्ट में शामिल था?
हां, वो मेरे विश लिस्ट में तो था। लॉकडाउन के दिनों में भी मैं घर से ऑनलाइन ऑडिशन दे रही थी। मैंने एक एजेंसी भी साइन की थी। वहां एक मैनेजमेंट टीम भी है। मैंने ऐसा नहीं सोचा है कि बोरिया बिस्तर बांधकर वहां शिफ्ट होना है, मैं बस नए अवसर की तलाश में थी। ये खुद के लिए नए चैलेंज क्रिएट करने जैसा था, जहां मुझे शुरु से शुरुआत करनी पड़ी। मैंने यहां 10 साल काम किया था, लेकिन वहां मुझे फिर से खुद को प्रूव करना था। ये काफी एक्साइटिंग भी रहा। साथ ही फिल्म की स्क्रिप्ट मुझे बहुत पसंद आई। खासकर मैं अपने पार्ट को लेकर बहुत संतुष्ट थी। गैल गैडोट और जेमी डोर्नन जैसे कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। दोनों बहुत शानदार हैं। साथ ही इसके पहले मैंने कभी एक्शन- स्पाई थ्रिलर फिल्म की भी नहीं है। तो हां, सब मिलाकर यह बहुत शानदार अनुभव रहा।


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