Exclusive: मैं हीरो की तरह लांच नहीं हुआ, बैंड बाजा बारात- सावंरिया फिल्म मेरे लिए नहीं बनी- सत्यजीत दुबे

एक्टर बंजारे की तरह होते हैं। एक जगह ठहरते हैं। कई लोगों से मिलते हैं। काम करते हैं। अपने सफर पर आगे बढ़ते हैं। इसी सोच के साथ अपने करियर की गाड़ी को अभिनेता सत्यजीत दुबे लेकर बीते 10 सालों से आगे बढ़ रहे हैं। फिल्मों की फेहरिस्त में उनकी अगली मंजिल अमेजन प्राइम वीडियो की सस्पेंस थ्रिलर सीरीज 'बेस्टसेलर' है।

Satyajeet dubey

अमेजन प्राइम की सीरीज बेस्टसेलर में सत्यजीत दुबे एक प्रमुख किरदार में दिखाई देंगे। जिस पर रिलीज से पहले वह खुलकर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। बीते 10 सालों से अपने करियर के उतार-चढ़ाव पर सत्यजीत दुबे ने फिल्बीबीट हिंदी Filmibeat Hindi से खास बातचीत की। यहां पढ़िए एक दिलचस्प बातचीत। हमारे चुनिंदा सवालों पर सत्यजीत दुबे के बेबाक जवाब।

बेस्टसेलर सीरीज में मिथुन चक्रवर्ती, गौहर खान के साथ इतनी बड़ी स्टारकास्ट के बीच आप खुद को कैसे उठा कर दिखा पायेंगे?

कई कलाकारों के पास खुद के बारे में बताने के लिए बड़ी जिज्ञासा होती है। दुर्भाग्य से या फिर किस्मत से मुझे यह समझ नहीं आता कि खुद को कैसे प्रस्तुत करना है। बेस्टसेलर की रिलीज से पहले कहानी और मेरे किरदार के संबंध में अधिक नहीं बता सकता। जब मेरे पास कहानी आई मैंने स्क्रिप्ट को पढ़ा। मुझे लगा कि इस तरह का किरदार मैंने कभी भी पहले पर्दे पर निभाया है। मैंने किसी दूसरे एक्टर को भी निभाते हुए नहीं देखा है। मेरा किरदार बहुत ही दिलचस्प थ्रिलर से लबरेज है।

इतने सालों में क्या वो मुकाम मिला है, जिसके लिए आपने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा?

मैंने 10 साल में 4 फिल्में की हैं। आज मैं यहां बैठकर आपसे बात कर रहा हूं। इसका मतलब साफ है कि इंडस्ट्री में मैंने निर्वाह किया है।। क्योंकि मैं अपने काम को जानता हूं। मैं जो भी काम करता हूं उसमें मैं बेहतर हूं। यह विश्वास मुझे खुद पर शुरुआत से है।यह सच है कि फिल्म इंडस्ट्री प्रतिभा के आधार पर चलती है। इसी वजह से मैं यहां जीवित रह पाया हूं। कहींं ना कहीं अधिकतर इंडस्ट्री बिजनेस पर आगे बढ़ती है। सिनेमाघर में मेरी 4 फिल्में रिलीज हुई। बतौर एक्टर मेरे काम की तारीफ हुई। लेकिन मेरी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कोई शोर नहीं कर पाईं। इसे आप स्टॉक एक्सचेंज बाजार की तरह समझ लीजिए। जिसका स्टॉक ऊपर जाता है लोग उसी को खरीदना चाहते हैं। दुर्भाग्य है कि एक्टर्स बहुत सारे लोगों के लिए स्टॅाक बन कर रह जाते हैं। कम लोग ही नए चेहरों प्रतिभाओं को मौका देते है।

फिर करियर के इस पड़ाव पर बतौर एक्टर किस तरफ जाने की सोच रखते हैं?

करियर की शुरुआत मुझे रेड चिलीज एंटरटेनमेंट ने मौका दिया। साल 2011 में मेरी फिल्म 'ऑलवेज कभी कभी' रिलीज हुई। इसके बाद मेरी आखिरी थीएट्रिकल रिलीज फिल्म प्रस्थानम साल 2019 में रिलीज हुई। संजय दत्त ने मेरे पिछले काम के आधार पर यह फिल्म मुझे दी। मेरा मानना है कि रातों रात सफलता मिलना कभी-कभार शायद ही होता है। 10 सालों में मैंने अपनी नींव मजबूत की है। अच्छी बात है कि मैं अच्छे लोगों से जुड़ रहा हूं । वह कहानियां किरदार कह रहा हूं, जिसको लेकर मैं खुद उत्साहित हूं।मेरा सफर मुश्किल रहा है। 2018 से मैंने फिर से अपनी पकड़ को मजबूत बनाया।

10 सालों से काम करने के बाद क्या अब हीरो बनने की चाहत एक्टर बनने तक सीमित हो गई है?

जी नहीं, मुझे बहुत बड़ा स्टार बनना है। मुझे ग्लोबल स्टार बनना है। स्टारडम क्या होता है? आज नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी स्टार हैं।फहाद फासिल भी स्टार हैं। इंडस्ट्री में मैं कभी हीरो की तरह लॉन्च नहीं हुआ। मेरी डेब्यू फिल्म कोई मसाला एंटरटेनमेंट नहीं रही है। ऐसा नहीं है मेरे लिए सांवरिया, बैंड बाजा बारात जैसी फिल्म बनी थीं। मैंने अपनी लड़ाई लड़ी है। मेरे करियर में प्रस्थानम के साथ ऐसी दो फिल्में और हैं जो कि मुझे बिना ऑडिशन के मिली हैं। बाकी हर जगह मैंने जाकर ऑडिशन दिया है। हीरो बनना तो अभी मेरे लिए बाकी है। मुझे याद है कि बेस्टसेलर सीरीज की शूटिंग के दौरान मिथुन चक्रवर्ती दादा ने मुझसे कहा कि मैंने सुना है कि तूने बहुत सारा काम किया लेकिन तेरे चेहरे पर अभी मैच्योरिटी आई है।

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