INTERVIEW: तापसी पन्नू रियल लाइफ रॉकेट हैं, उनके साथ चलने के लिए आपको भी रॉकेट बनना पड़ेगा- प्रियांशु पेन्युलि
आकर्ष खुराना के निर्देशन में बनी फिल्म 'रश्मि रॉकेट' 15 अक्टूबर से ओटीटी प्लैटफॉर्म ज़ी 5 पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो जाएगी। फिल्म में तापसी पन्नू के साथ प्रियांशु पेन्युलि, अभिषेक बनर्जी, सुप्रिया पाठक जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए प्रियांशु कहते हैं, फिल्म में मैं आर्मी ऑफिसर का किरदार अदा कर रहा हूं, यह मेरे लिए बेहद खास था क्योंकि मैं रियल लाइफ में भी आर्मी बैकग्राउंड से हूं।

प्रियांशु इससे पहले मिर्जापुर 2 में अपने किरदार रॉबिन के लिए सुर्खियां बटोर चुके हैं। इसके अलावा अभिनेता रॉक ऑन 2, भावेश जोशी सुपरहीरो, अपस्टार्ट्स और Extraction (नेटफ्लिक्स ओरिजनल मूवी) में नजर आ चुके हैं। 'रश्मि रॉकेट' की रिलीज से पहले प्रियांशु पेन्युलि से फिल्मीबीट ने खास बातचीत की, जहां उन्होंने रश्मि रॉकेट से जुड़ने से लेकर तापसी पन्नू के साथ काम करने के अनुभव और ओटीटी- थियेटर के भविष्य को लेकर खुलकर बातें कीं।
यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

मिर्जापुर 2 हो या भावेश जोशी सुपरहीरो आपके काम को हमेशा सराहा गया है, अब उम्मीदों का दबाव महसूस करते हैं?
दबाव नहीं, लेकिन जब आपको दर्शकों से प्यार मिलता है, जैसा मेरे किरदारों को अब तक मिला है, उससे आत्मविश्वास आता है। एक साहस आता कि कुछ और एक्सप्लोर करें, कुछ नया करें, कुछ अलग किरदारों का चुनाव करें। हम उम्मीद में रहते हैं कि किस तरह अपने किरदारों को यादगार बनाते रहें और लोगों से प्यार पाते रहें।

फिल्म 'रश्मि रॉकेट' से आपका जुड़ना कैसे हुआ?
आकर्ष (निर्देशक) को मैं काफी सालों से जानता हूं। हमने साथ में कई नाटक किये हुए हैं। उनकी जो पहली फिल्म थी, उसमें भी मैंने एक छोटा सा रोल निभाया था। इस फिल्म के लिए जैसे ही उन्होंने कहा कि आर्मी ऑफिसर का रोल प्ले करना है, तो मैं तुरंत तैयार हो गया। आर्मी ऑफिसर का रोल करना मेरे लिए बहुत खास है क्योंकि मैं आर्मी बैकग्राउंड से हूं। साथ ही इस फिल्म की कहानी मुझे बहुत ही जागरूक करने वाली लगी। मुझे महसूस हुआ कि इस कहानी को लोगों के सामने जरूर लाना चाहिए। साथ ही जिस तरह के लोग इस फिल्म में शामिल थे, जिनके साथ काम करने का मौका मिला मुझे, वो अनुभव शानदार रहा है। तापसी का मैं फैन रहा हूं, जिस तरह के मजबूत किरदार वो करती हैं, जैसी फिल्में करती हैं, वो तारीफ के लायक है। आकर्ष मेरे दोस्त हैं। पूरी टीम बहुत प्यारी है और जब ऐसे लोग मिल जाते हैं सेट पर, जिन्हें मैं पहले से जानता हूं लेकिन काम करने का हमें मौका नहीं मिला था.. तो बहुत मजा आता है काम करने में। ऐसे में अपने किरदार को आप अपना 110 प्रतिशत देते हो।

फिल्म जेंडर टेस्ट की प्रक्रिया पर बात करती है, क्या फिल्म करने से पहले आपको इस विषय पर जानकारी थी?
नहीं, हम सब मानते हैं कि हमें इस टॉपिक के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। फिल्म करने के दौरान भी मैंने आकर्ष से पूछा था कि कहानी के लिए ज्यादा ड्रामा तो नहीं जोड़ रहे हम? ज्यादा सिनेमैटिक लिबर्टी तो नहीं ले रहे? तो उन्होंने बताया कि ऐसा असल में हुआ है.. बल्कि कई सारी चीजें तो हम नहीं भी दिखा रहे हैं। मुझे ये बात बहुत शॉकिंग लगी। फिर मैंने जाकर गूगल किया, पढ़ा, इस मुद्दे को जाना कि पूरी दुनिया में कितनी सारी एथलीट्स हैं जिन्होंने इस टेस्ट के खिलाफ आवाज उठाई है, केस किये हैं। मुझे बहुत खुशी है कि इस मुद्दे पर फिल्म बनी है।

फिल्म में आपकी जोड़ी तापसी पन्नू के साथ बनी है। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
एक एक्टर के तौर पर हम सब उनके क्राफ्ट को तो जानते ही हैं। लेकिन अपने किरदार को लेकर उनका जो कमिटमेंट है, डेडिकेशन है.. वो देखकर मुझे बहुत सीखने को मिला। वो बहुत शॉर्प हैं। इस फिल्म के लिए एक एथलीट के तौर पर उन्होंने जो ट्रांसफॉमेशन किया है, वो काफी शानदार रहा। एक एक्टर के साथ रहकर सामने से उनका प्रोसेस देखने में मुझे बड़ा मजा आता है। वो रियल लाइफ रॉकेट हैं। उनमें जो एनर्जी है, जो जिस तेजी से आगे बढ़ती हैं तो उनके साथ आपको रेस करने के लिए आपको भी एक रॉकेट बनना पड़ता है। तो हां, बहुत मजा आया उनके साथ काम करके। वो रियल लाइफ में बहुत ओपन हैं, पहले दिन से ही हमारी दोस्ती हो गई थी। फिल्म में जिस तरह की कैमिस्ट्री दिखाने की हमने कोशिश की है, उसे हमने डिस्कस किया था.. तो बहुत अच्छे से उभरकर आया है। मैं देखना चाहता हूं कि दर्शक कैसा रिएक्शन देते हैं।

अब जबकि कुछ ही दिनों में सिनेमा थियेटर्स खुलने वाले हैं। कई फिल्मों की रिलीज डेट की घोषणा भी की जा चुकी है। ऐसे में ओटीटी और थियेटर्स का भविष्य किस तरह देखते हैं?
मुझे लगता है कि लॉकडाउन से पहले ही ओटीटी ने अपना पॉवर दिखा दिया था। ग्लोबल स्तर पर अपनी पहुंच दिखा दी थी। लॉकडाउन के दौरान हम सब पूरी तरह से ओटीटी पर निर्भर हो गए थे। लेकिन अब थियेटर जब खुलेंगे तो मुझे लगता है कि सिनेमाप्रेमी जो हैं वो थियेटर में जाकर फिल्में देखना जरूर पसंद करेंगे। वो एक अलग ही अनुभव होता है। लेकिन ये धीरे धीरे होगा। फुल ऑक्यूपेंसी लाने में फिलहाल वक्त लगेगा। साथ ही ये भी है कि लोगों को अब बहुत आदत हो चुकी है घर में बैठकर कंटेंट देखने की, तो उन्हें खींच कर बाहर निकालना होगा। अब यदि उन्हें थियेटर में लाना है तो अच्छा कंटेंट बनाना पड़ेगा। मुझे लगता है कि ओटीटी और थियेटर.. दोनों समानांतर चलेगा।

फिल्म रिलीज से पहले अपने दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे?
फिल्म दशहरा के मौके पर आ रही है। जो कि भारत का इतना बड़ा त्योहार है। बचपन से हर साल हम दशहरा एन्जॉय करते रहे हैं लेकिन इस साल थोड़ा सुरक्षा प्रोटोकॉल भी रखना पड़ेगा.. और उसके साथ एन्जॉय करें ज़ी 5 पर 15 अक्टूबर को.. हम जो ये रॉकेट आपकी तरफ भेज रहे हैं।


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