EXCLUSIVE INTERVIEW: अपनी डेब्यू फिल्म 'तड़प', एक्शन फिल्में और सुनील शेट्टी से मिली सलाह पर बोले अहान शेट्टी
साजिद नाडियाडवाला की फिल्म 'तड़प' के साथ बॉलीवुड में कदम रख रहे अभिनेता अहान शेट्टी उत्साह से साथ कहते हैं, "लंबे समय इस दिन का इंतेज़ार कर रहा था। कोविड की वजह से देरी हो गयी, एक ब्रेक लग गया था। लेकिन अब फ़िल्म की रिलीज़ डेट इतनी नज़दीक है तो बहुत खुशी हो रही है।"
अहान शेट्टी और तारा सुतारिया अभिनीत फिल्म 'तड़प' 3 दिसंबर 2021 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म के निर्माता हैं साजिद नाडियाडवाला और निर्देशन किया है मिलन लूथरिया ने। यह तेलुगु फिल्म RX 100 की आधिकारिक रीमेक है।

अपनी पहली फिल्म के सफर को लेकर अहान ने निर्देशक के प्रति आभार जताया है और कहा, "मेरी पहली फिल्म में जो आजादी मिलन सर ने मुझे दी, जो विश्वास दिखाया, वो मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कभी मुझे एक न्यूकमर की तरह नहीं देखा।"
फिल्म 'तड़प' की रिलीज से पहले अहान शेट्टी ने फिल्मीबीट से खास बातचीत की, जहां उन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म के साथ साथ पिता सुनील शेट्टी से मिली खास सलाह और अपने एक्टिंग स्टाइल को लेकर खुलकर बातें कीं।
यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

फिल्म की घोषणा से लेकर ट्रेलर लॉन्च तक, इंडस्ट्री के कलाकारों ने आपको काफी सपोर्ट किया, बहुत सराहा है। इस प्रशंसा को किस तरह लेते हैं?
फिल्म की ट्रेलर रिलीज के बाद मुझे राकेश रोशन सर का कॉल आया था। उस एक कॉल से इतनी खुशी मिली थी मुझे, मेरा दिन बन गया था। जहां तक तारीफ और सपोर्ट की बात है तो मेरा मानना है कि तारीफ को भी कभी सिर के ऊपर नहीं जाने देना चाहिए। फिलहाल तारीफ सुनकर मुझे और मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है।
तड़प से कैसे जुड़ना हुआ?
साजिद सर से मेरी मुलाकात अगस्त 2018 में हुई थी और RX 100 शायद कुछ महीने पहले ही आयी थी। जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने मुझे casually कहा कि तुम ये फ़िल्म देखो, इसमें जो ये किरदार है, वो तुमसे काफी मिलजा जुलता है। तो फिर मैंने वो फ़िल्म देखी और मुझे बहुत अच्छी लगी। लगभग तीन महीने के बाद मैं फिर साजिद सर के ऑफिस गया था, तो उस वक़्त उन्होंने मुझसे पूछा कि ये फ़िल्म करना चाहोगे? तो मैंने कहा, हां क्यों नहीं! इतनी शानदार स्क्रिप्ट है। तो बस फिर यहां से शुरुआत हुई। पहली बार जब मैंने RX 100 देखी थी तो एक दर्शक के तौर पर ही देखी थी, उस वक़्त फ़िल्म का कोई प्लान नहीं था।

फिल्म के लिए कुछ विशेष तैयारी भी करनी पड़ी?
RX 100 की रीमेक पर जब बात पक्की हो गई, उसके दो हफ्ते बाद मिलन सर (मिलन लुथरिया) फ़िल्म से जुड़े। फिर मुझे थोड़ा वजन बढ़ाना पड़ा, उस वक़्त मैं बहुत ही दुबला था। फिर उसकी ट्रेनिंग शुरू हुई, हिंदी डिक्शन क्लास किये, वर्कशॉप्स हुए। तारा फ़रवरी 2019 में फ़िल्म से जुड़ीं। हम दोनों का साथ में एक स्क्रीन टेस्ट भी लिया गया। हमें डर्टी पिक्चर का एक सीन दिया गया था। और उसके पीछे भी इतनी मज़ेदार कहानी है। मैंने कभी किसी एक्ट्रेस के साथ तो काम किया नहीं था, तो स्क्रीनटेस्ट के दौरान मेरे हाथ बिल्कुल कांप रहे थे। साजिद सर को भी मुझे देखकर हंसी आ रही थी। खैर फाइनली वो अच्छा टेस्ट रहा। फिर हमने साथ में वर्कशॉप किये। वो दरअसल मुझे और तारा को कम्फ़र्टेबल करने के लिए किया गया था। स्क्रिप्ट हमें सिर्फ 10 दिनों के लिए दी गई थी। मिलन सर ने कहा था कि मैं नहीं चाहता तुमलोग लाइनें रट कर आओ क्योंकि फिर जब परफॉर्म करोगे तो ऑर्गेनिक नहीं लगेगा। उन्होंने कहा था सिर्फ एक बार पढ़ लो फिर मुझे स्क्रिप्ट वापस दे दो।

पहले को- स्टार के तौर पर तारा के साथ काम करना कैसा रहा?
बहुत अच्छा। वो बहुत ही अनुभवी एक्ट्रेस हैं, बचपन से काम कर रही हैं। उन्होंने शूटिंग के दौरान बहुत मदद की है। दरअसल, मैं हमेशी बिल्कुल वही डायलॉग बोलता था, जो पेपर पर लिखा है। सीन से पहले मैं याद कर लेता था। तो तारा ने कहा था कि, 'अहान शब्दों के साथ खेलो और कंफर्टेबल रहो.. जितना कंफर्टेबल रहोगे किरदार में रहना उतना ही आसान हो जाएगा।' तो हां, पूरी फिल्म के दौरान वो बहुत सर्पोटिव रहीं।
कुछ अभिनेता spontaneous होते हैं, कुछ शूटिंग से पहले रिहर्सल करना पसंद करते हैं। आपकी किस तरह किरदार की तैयारी करते हैं?
मेरे लिए सब निर्देशक पर निर्भर करता है। मैं खुद को पूरी तरह से निर्देशक के हाथों में सौंप देता हूं। वो जो बोलेंगे, जैसा बोलेंगे, मैं उस स्टाइल से सीन करूंगा। फिलहाल मेरे पास अपने किरदार को पकड़ने के लिए कोई खास तरीका नहीं है कि मैं ऐसा करूंगा, या वैसे करूंगा। एक बार मैं सेट पर हूं तो फिर मैं डायरेक्टर का हूं। और मिलन सर दरअसल कभी पसंद नहीं करते थे कि शूटिंग से पहले हम ज्यादा परफॉर्म करें। हमलोग सिर्फ 10-15 मिनट पहले मिलते थे, सीन का ब्रेकडाउन मिलता था, वो बताते थे कि किरदार का ये मूड है.. अब जाकर करो। तो हमने ऐसे ही काम किया है।

मिलन लूथरिया इतने अनुभवी निर्देशक हैं, उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
फिल्म के ट्रेलर को इतना पसंद किया जा रहा है, तारीफ मिल रही है, इस सबका क्रेडिट मिलन सर को ही जाता है। अपनी बात करूं तो मैं बहुत ही शर्मीला हूं और फिल्म शूटिंग से पहले काफी नर्वस था, लेकिन उन्होंने सेट पर मुझे कंफर्टेबल कराया। उन्होंने मुझे आजादी के साथ काम करने दिया। मेरी पहली फिल्म में जो फ्रीडम उन्होंने मुझे दी, जो विश्वास दिखाया, वो मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कभी मुझे एक न्यूकमर की तरह नहीं देखा। जब उनके जैसा अनुभवी निर्देशक आप पर विश्वास जताता है, तो एक्टर के परफॉर्मेंस में भी वो विश्वास उतर कर आता है। मैंने उनकी लगभग सभी फिल्में देखी हैं- कच्चे धागे, वन्स ऑपन ए टाइम इन मुंबई, द डर्डी पिक्चर, टैक्सी नंबर 9211.. और हमेशा से उनके काम का प्रशंसक रहा हूं।
साजिद नाडियाडवाला के साथ ही आपके पिता की सफर जर्नी शुरु हुई थी और अब आपकी हो रही है। उनके साथ आपका किस तरह का रिलेशन है?
साजिद सर के साथ तो मैं बहुत ही कंफर्टेबल हूं। वो मेरे लिए फादर फिगर की तरह हैं। उनके पहली मुलाकात का किस्सा ऐसा था कि.. मैंने इंस्टाग्राम पर कोई एक्शन वीडियो या डांस वीडियो अपलोड किया था। किसी तरह से साजिद सर ने भी वो वीडियो देखा और फिर डैड के दोस्त विक्रम (राजदान) अंकल को कॉल किया। फिर उन्होंने मेरे डैड को कॉल किया और कहा कि साजिद को अहान से मिलना है। फिर एक मीटिंग सेट की गई। वहां साजिद सर ने मुझसे कहा कि, तुम्हारा एक्शन वीडियो मुझे बहुत पसंद आया, लेकिन क्या तुम एक्टिंग कर सकते हो? तो मैंने कहा, हां, मुझे लगता है मैं कर सकता हूं। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि अपने कुछ एक्टिंग परफॉमेंस के वीडियो बनाकर मुझे भेजो। तो मैंने वो सब उन्हें भेजा। मैंने कुछ नाटक किये थे, उसकी भी सीडी भेजी। वो उन्हें बहुत पसंद आया। ये मैं आपको अप्रैल 2016 की बात बता रहा हूं। और मैंने अपना कॉट्रैक्ट सितंबर 2016 में साइन किया था। तो ये एक पूरा प्रोसेस था। एक ऑडिशन टेप की तरह था। उसके बाद वो लगातार मेरे मेंटर, मेरे सपोर्ट सिस्टम की तरह रहे हैं।

आपने कब फैसला लिया था कि एक्टर बनना है? और साथ ही एक्शन फिल्मों को लेकर कोई खास क्रेज है क्योंकि आपके पिता एक्शन सुपरस्टार थे?
सच बताऊं तो मैं आर्मी ज्वॉइन करना चाहता था। ये स्कूल के दिनों की बात है। आज भी मैं एक एक्टर के तौर पर कभी कोई आर्मी फिल्म जरूर करना चाहूंगा। स्कूल में छठी क्लास से ही मैंने ड्रामा में भाग लेना शुरु कर दिया था। मैं काफी शर्मीला लड़का था तो मेरे लिए ड्रामा करना अपने एक्सप्रेशन को बाहर निकालने जैसा था। अलग अलग किरदारों को निभाकर मैं अपने इमोशंस बाहर निकाल सकता था। उसी समय से मैंने ठान लिया था कि मुझे एक्टिंग ही करना है। और एक्शन फिल्मों की बात करें तो, हां डैड एक्शन सुपरस्टार रहे हैं और ये प्रेशर मुझपर भी है। लेकिन मैं एक्शन सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह नहीं बनाना चाहता हूं, मैं एक ऐसे एक्टर के तौर पर पहचान बनाना चाहता हूं जो हर तरह के किरदार निभा सकता है, चाहे वो कॉमेडी हो, एक्शन हो, इंटेंस लव स्टोरी हो या कोई और शैली।

डेब्यू से पहले पिता की तरफ से कोई खास सलाह मिली?
पापा मुझसे हमेशा काफी खुले रहे हैं। फिल्मों को लेकर उन्होंने कोई ऐसी खास सलाह नहीं दी है कि ऐसा करना या वैसा मत करना। उन्होंने कहा कि, तुम्हें जो करना है, जो तुम्हारा दिल तुमसे करने को कहता है तुम करो। बचपन में उन्होंने मुझे एक बात कही थी जो मुझे हमेशा याद रहती है। उन्होंने कहा था, "अहान आप एक अच्छे अभिनेता के रूप में पहचान बना पाये या नहीं, इससे ज्यादा जरूरी है हमेशा एक अच्छे इंसान के रूप में पहचान बनाने की कोशिश करें.." तो मैंने अपनी जिंदगी उसी तरह से जी है। मेरे मां- पिता ने जिस तरह से हमारी परवरिश की है, वो मुझे बहुत अच्छा लगता है। वो हमेशा लाइमलाइट से दूर रहे। पापा इंडस्ट्री में रहकर भी हमेशा जमीन से जुड़े रहे। दोनों के लिए मेरे मन में बहुत इज्जत है। और मुझे अंदाज है कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.. क्योंकि मेरा नाम उनके नाम से जुड़ा है।

फिल्मों में आने से पहले आपकी लाइफस्टाइल कैसी रही है? यदि आप शेयर करना चाहें तो!
मैंने अमेरिका से पढ़ाई है और उस वक्त बॉलीवुड इतना इंटरनेशनल नहीं हुआ था। तो वहां किसी को कोई मतलब नहीं था कि मेरे पिता क्या करते हैं। मैंने बहुत नॉर्मल लाइफ जी है। स्कूल में मैं काफी फुटबॉल खेला करता था। मैं फुटबॉल का बहुत बड़ा फैन हूं और आज भी मुझे खेलना पसंद है। ग्रैजुएशन पास करने के बाद ही एक्टिंग में आने के लिए मेरी तैयारी शुरु हुई। पापा ने मुझसे कहा कि पहले स्कूल पर फोकस करो। एक बार ग्रैजुएशन खत्म हो जाए, फिर तुम्हारा फोकस तुम्हारे काम पर होना चाहिए। उस वक्त अथिया दरअसल फिल्म की पढ़ाई करने के लिए न्यूयॉर्क गई थी और उसने मुझे बताया था कि जो वहां सिखाते हैं वो बहुत अलग है, और जो हमलोग यहां करते हैं वो बहुत अलग है। तो आप वहां जाओगे, फिर यहां काम करोगे तो आपको सब unlearn करना पड़ेगा। फिर मैं यहीं रहा है अलग अलग फिल्म स्कूल अटेंड की। मैंने एक्टिंग, डिक्शन, मार्शल आर्ट्स, weapon's ट्रेनिंग, सिगिंग, गिटार.. सबकी ट्रेनिंग ली। अपने फिजिक पर काम किया। हर दिन मैं सुबह 9 से रात 8 बजे तक ट्रेनिंग लेता था।

अथिया ने भी कुछ सालों पहले ही डेब्यू किया है। आपके डेब्यू को लेकर उनकी क्या प्रतिक्रिया थी?
वो हमेशा मेरे लिए बहुत सपोर्टिव रही हैं। जब मैंने ये फाइनल किया था कि मुझे एक्टिंग करनी है, या जब फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ, गाने आए.. वो मेरे लिए बहुत खुश थी। (हंसते हुए) बचपन में तो हम बहुत ज्यादा लड़ा करते थे, वो मेरी बहन है लेकिन पिछले 5-6 सालों से मुझे महसूस हुआ है कि वो मेरी लाइफ का कितना महत्वपूर्ण हिस्सा है। वो कभी मुझसे नहीं कहती कि ये करो, वो करो.. वो मुझे गलतियां भी करने देती है और उन गलतियों से सीखने की फ्रीडम भी देती है।
तड़प देखकर फैमिली से कैसी प्रतिक्रिया मिली?
(हंसते हुए) उनका रिएक्शन तो थोड़ा biased ही होगा। लेकिन उन्होंने फिल्म देखी और काफी एन्जॉय किया। फिल्म खत्म होने के बाद पापा ने मुझे कहा भी कि तुमने उम्मीद से भी ज्यादा अच्छा काम किया है। तो ये मेरे लिए एक बड़ा कमेंट था। बाकी अब ऑडियंस के रिएक्शन का इंतजार है।


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