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    Exclusive Interview: जो काम विद्या बालन को मिलने वाला है वो मुझे थोड़ी ना मिलेगा - नेहा शर्मा

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    कोरोना लॅाकडाउन के दौरान ओटीटी की दुनिया में कंटेंट की बाढ़ आ गई है। इस बीच कई ऐसे कलाकारों को भी अपनी काबिलियत को पानी की तरह साफ दिखाने का मौका मिला है जो कि फिल्म के पर्दे पर साल-दर-साल चमक नहीं पाते हैं। इसी फेहरिस्त में एक नाम है नेहा शर्मा का। नेहा शर्मा हिंदी सिनेमा में 10 साल का सफर तय कर चुकी हैं। खूबसूरत मासूम चेहरा होने के नाते नेहा शर्मा को 10 साल में सबसे अधिक रोमांटिक किरदारों का प्रस्ताव ही मिला है।

    इस बीच नेहा शर्मा ने 'क्या सुपर कूल है हम', 'तुम बिन 2' और 'यंगिस्तान' जैसी फिल्में भी की। लेकिन खुद को साबित करने का जंग नेहा शर्मा के लिए इंडस्ट्री में जारी रहा है। अपने इसी सफर में नेहा शर्मा 'आफत-ए-इश्क' के साथ हॅारर कॅामेडी फिल्म में अपनी प्रतिभा को फिर से साबित करने आ रही हैं। Filmibeat Hindi फिल्मीबीट से खास बातचीत में नेहा शर्मा ने दिल खोलकर अपने संघर्ष और सफर पर बात की है।

    महिला आधारित अलग कहानी

    महिला आधारित अलग कहानी

    आफत-ए-इश्क हॅारर कॅामेडी है। हालांकि हॅारर कॅामेडी हिंदी फिल्मों में कई सारी नहीं बनी है। मेरे ख्याल से हॅारर कॅामेडी में आखिरी फिल्म मैंने स्त्री देखी है। बाकी इतनी सारी हॅारर कॅामेडी नहीं बनी है। इस वजह से यह एकब्रांड न्यूजाॅनर है। हिंदी सिनेमा में जहां पर कहानियों में छान-बीन किया जा सकता है। इस तरह की कहानी के साथ महिला आधारित फिल्म बहुत कम हैं। मैं खुश हूं कि इस तरह केजाॅनर का हिस्सा बनने का मौका मुझे मिला। जैसे ही कहानी मेरे पास आयी तो मेरा यही था कि मुझे करना है। इस तरह की कहानी के लिए मैं भूखी थी क्योंकि कई सारी खबूसूरत कहानियां बनती हैं फिल्में आती हैं। लेकिन इस तरह की कहानी बहुत ही दिलचस्प होती हैं।

    असाधारण कहानियों का हिस्सा

    असाधारण कहानियों का हिस्सा

    एक एक्ट्रेस होने के नाते मैं जरूर ऐसी फिल्म नहीं करना चाहूंगी जहां पर मैं सिर्फ पेड़ों के पीछे नाचती रहूं। ऐसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनना जिसकी कहानी में एक्ट्रेस के लिए अधिक जगह ना हो। मैं खुश हूं कि आफत-ए-इश्क मेरे पास आयी हैं। फिल्म इंडस्ट्री में लड़कियों को भी फिलहाल अच्छी कहानियां का हिस्सा बनने का मौका मिल रहा है। मैं खुश हूं कि इस तरह का बदलाव हुआ है। आयुष्मान खुराना ,राजकुमार राव ने पहले भी यह साबित कर दिया है कि वह जमीन से जुड़ी कहानी का चेहरा हैं। जाहिर सी बात है कि उन्हें इस तरह का मौका मिल रहा है। कहानियां जो साधारण नहीं है इसमें प्रमुख भागीदारी होना मेरे लिए किस्मत की बात है।

    बॅालीवुड में अभिनेत्रियों की सेल्फ लाइफ कम है

    बॅालीवुड में अभिनेत्रियों की सेल्फ लाइफ कम है

    अभी कहानियों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। अब मामला कहानियों का है। कहानी क्या है उस हिसाब से कास्टिंग हो रही है। बॅाक्स आफिस स्टारडम है। फिर भी अभी ऐसा समय है जहां कहानियों की मांग है। किरदार के लिए जो कलाकार फिट आता है उसे काम मिलता है। यह अब एक्ट्रेस की उम्र पर निर्भर नहीं करता है। आप देखेंगे कि शेफाली शाह 20 साल की एक्ट्रेस नहीं हैं। अपने काम में शेफाली शाह कमाल की एक्ट्रेस हैं। सुष्मिता सेन ने भी हाल ही में एक कमाल का वेब शो आर्या किया था। मेरे मानना है कि अभी भी अच्छे कलाकारों के लिए खास जगह है। अब ऐसा नहीं है कि अरे, आपकी उम्र हो गई है तो यंग एक्ट्रेस को लेना चाहिए। महिलाओं के लिए यह बहुत मुश्किल था कि पहले बहन का रोल मिलेगा या मां का रोल मिलेगा। वर्तमान में महिलाओं के लिए हालात बदल गए हैं।

    सलमान की फिल्मों में हजारों लोग होते हैं

    सलमान की फिल्मों में हजारों लोग होते हैं

    मैंने कोशिश हमेशा यही की है कि जो फिल्में मेरे पास आती है उसमें मैं कुछ बेहतर करूं। यह पसंद पर निर्भर नहीं करता । शाहरुख खान, सलमान खान की फिल्म होती हैं उसमें 50 हजार लोग होते हैं जिन्हें वो फिल्म करनी होती है। मैं हमेशा से वही काम करती हूं जिसमें मुझे कर दिखाने का मौका मिले। मेरी कोशिश यही रही है कि ऐसे किरदार उठाऊं जहां पर मैं केवल डांस ना करूं। यही मेरा सुझाव खुद के लिए है कि 10 साल से मैं अच्छा काम करने की कोशिश करूं। दो मिनट का छोटा रोल है उसमें शाहरुख खान या सलमान खान है तो कर लो, मेरे लिए यह नहीं है। मेरा मानना है कि जहां मुझे कुछ कर दिखाने का मौका मिले, वो काम करना है सिर्फ।

    10 साल से मेरा संघर्ष जारी

    10 साल से मेरा संघर्ष जारी

    मेरे ख्याल से आप अगर बाहर से हो और इंडस्ट्री में संघर्ष है। मुझे मेरी फिल्म किस्मत के हिसाब से मिली। मेरा कोई थिएटर बैंकग्राउंड भी नहीं था। मेरे लिए यह संघर्ष था कि लोग मुझे गंभीर तौर पर ले। लोगों को लगता था कि दिखने में अच्छी है तो एक ही तरह का काम मिलता है। जो काम विद्या बालन को मिलने वाला है वो मुझे थोड़ी ना दिया जाएगा। कहना है कि संघर्ष तो था। सच्चाई यह है कि संघर्ष चलता रहा।नेटवर्किंग जरूरी थी। वो सब चीजें हैं। इंडस्ट्री में मुझे 10 साल हो गए और आज भी लोग मुझे पर्याय के तौर पर देखते हैं। अगर आप मेहनत करते हो। लोग आपको देखेंगे इसमें दिल तोड़ने की जरूरत नहीं है। जो होना है हो जाता है।

    बने रहने का दबाव नहीं रहता

    बने रहने का दबाव नहीं रहता

    मैंने कभी इन सबको अपने ऊपर नहीं लिया है।मैं खुद को परेशान नहीं कर सकती कि उसको काम मिल रहा है मुझे नहीं मिल रहा है। अगर किसी की ज्यादा पहचान है तो दोस्तों को काम देना है। अगर आप आउटसाइडर हो तो यह सारी समस्या आयेंगी। मैं यहां अच्छी फिल्में करना चाहती हूं। जहां पर मेरे काम को महत्व मिले। फिर चाहे वो किसी भी स्तर पर हो। वो दबाव मैं नहीं लेती कि शायद मेरी साल में 2 या 4 फिल्में रिलीज नहीं हुई तो लोग मुझे भूल जायेंगे।

    English summary
    Exclusive Interview Aafat E Ishq actress Neha Sharma talk about her struggle in Bollywood , read in details
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