»   » 'नायक या नायिका से बड़ी है पटकथा'

'नायक या नायिका से बड़ी है पटकथा'

By Staff
Subscribe to Filmibeat Hindi
Bhushan Kumar

दुर्गेश उपाध्याय, बीबीसी संवाददाता, मुंबई

हाल ही में म्यूज़िक कंपनी टी सीरिज़ के मालिक भूषण कुमार ने बीबीसी को दिए गए एक लंबे साक्षात्कार में अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष के साथ-साथ संगीत उद्योग में में चल रही वर्तमान चुनौतियों के बारे में बात की. टी सीरिज़ ने हाल ही में फिल्म निर्माण में भी कदम रखा है. भूषण कुमार की अगली फ़िल्म अक्षय कुमार अभिनीत 'पटियाला हाउस' है.

भूषण कहते हैं, "देखिए हम ढेर सारी फ़िल्में बनाने में विश्वास नहीं रखते हैं. हम ऐसी फिल्मों का निर्माण करना चाहेंगे जिनकी स्क्रिप्ट अच्छी हो, कहानी दमदार हो. उदाहरण के तौर पर हम इन दिनों 'पटियाला हाउस' बना रहे हैं. इस फ़िल्म में अक्षय कुमार हैं. हम ऐसी फिल्में बनाना चाहते हैं जिनमें तीन चीज़ें जरुर हों - हास्य, ड्रामा और बढ़िया म्यूज़िक."

भूषण कहते हैं कि वो ऐसी फिल्में बनाना चाहेंगे जो नायक या नायिका प्रधान न होकर कहानी प्रधान हो. अक्षय कुमार के साथ उन्होंने 'भूल-भूलैया' जैसी हिट फ़िल्म दी है. भूषण कहते हैं,"अक्षय कुमार एक बेहतरीन अभिनेता हैं और हमने उनके साथ दो फिल्में 'हम को दीवाना कर गए' और 'भूल-भूलैया' की हैं. उसी तरह से सलमान ख़ान के साथ भी हमारे बेहद अच्छे संबंध हैं और हम उनके साथ भी काम कर रहे हैं."

टी सीरिज़ हमेशा से ही नए टैलेंट को मौक़ा देने के लिए मशहूर रही है. तो क्या देखते हैं वो किसी भी नए व्यक्ति में जिसे वो प्रमोट करना चाहते हैं? भूषण कहते हैं, "जहां तक संगीत की बात है, मुख्य रुप से उस व्यक्ति को बाक़ायदा सुर और ताल में होना चाहिए. जैसे कि हम आजकल देख रहे हैं कि ढेर सारे रियलिटी शो चल रहे हैं और कई नए प्रतिभावान गायक उभरकर आ रहे हैं लेकिन उस शो के ख़त्म होने के बाद वो कहीं नज़र नहीं आते. मेरा मानना है कि किसी भी व्यक्ति के संगीत को मापना इतना आसान नहीं है."

"कोई रॉक अच्छा गाता है, कोई सूफ़ी तो कोई रोमांटिक गीत अच्छे गा लेता है लेकिन सूफी गाने वाले के लिए रॉक गाना बहुत मुश्किल है. तो हम ये सारी बातें देखते हैं और हर अलग-अलग गाने के लिए अलग-अलग प्रतिभाओं को मौक़ा देने की कोशिश करते हैं."

ये पूछे जाने पर कि संगीत उद्योग आगे किस दिशा में जा रहा है, भूषण कहते हैं कि इस समय संगीत उद्योग काफ़ी दिलचस्प दौर से गुज़र रहा है. नई तकनीक के आ जाने से कई तरह के प्रयोग हो रहे हैं. लेकिन ख़ासतौर से संगीत जगत को जिन मुश्किलों से गुज़रना पड़ रहा है वो है पाइरेसी. पूरी इंडस्ट्री को इस मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या से निजात पाए बिना संगीत का विकास नहीं हो सकता. हांलाकि इसे रोकने की कोशिशें भी जारी हैं लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इस पर काबू नहीं किया जा सका है.

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    रहें फिल्म इंडस्ट्री की हर खबर से अपडेट और पाएं मूवी रिव्यूज - Filmibeat Hindi

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Filmibeat sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Filmibeat website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more