जूतों में ड्रग्स छिपा संजय दत्त ने फ्लाइट से किया था सफर, मां की आखिरी ख्वाहिश जो कभी पूरी नही सकी
अभिनेता संजय दत्त, जिनकी छवि आज सुधर तो गई है लेकिन वो समय कोई नहीं भूला जब उन्हें बिगड़ा शहजादा कहा जाता था। उनकी बुरी आदतें और लापरवाही के चलते उन्होंने वो सब किया जिसके बारे में न तो उनके पिता सुनील दत्त ने कभी सोचा था और न ही नरगिस। संजय दत्त की जिंदगी में माता पिता का रोल इतना महत्वपूर्ण था कि उनकी जिंदगी से प्रेरित फिल्म संजू में भी पिता-बेटे के एंगल को ही राजकुमार हिरानी ने दर्शाना जरूरी समझा।
संजय दत्त की मां नरगिस जब मौत और जिंदगी की लड़ाई से जूझ रही थी, एक्टर उस दौरान ड्रग्स के नशे में डूबा हुआ था। पिता सुनील दत्त जिन्होंने पूरे घर को बांधा हुआ था, वह बेटे और पत्नी दोनों की हालत को नहीं देख पा रहे थे। वह टूट चुके थे। संजय दत्त की जिंदगी पर लिखने किताब लिखने वाले लेखक यासीर उस्मान ने अपनी किताब 'संजय दत्त: बॉलीवुड का बिगड़ा शहजादा' में बताया कि कैसे सुनील दत्त ने बीमार पत्नी और बिगड़े बेटे को संभाला।
सुनील दत्त, जिन्होंने खुद ने अभिनेता से राजनेता का सफर तय किया, पत्नी की बिगड़ती हालत को संभाला, दो बेटियां और बेटे का करियर को संवारने के लिए दिन रात एक कर दिया लेकिन साल 1980 का वो समय उनके लिए बहुत ही कठिन बीता। बेटे संजय के नशे की आदत से वह रूबरू हुए और फिर पत्नी नरगिस की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। सुनील दत्त पत्नी को लेकर अमेरिका चले गए। लेकिन उन्होंने बेटे को साफ कहा, वह अपने करियर पर ध्यान दे और अपनी फिल्म रॉकी को पूरा करे।


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