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    साल खल्लास: शाहरूख सलमान आमिर से बेहतर थीं प्रियंका - कंगना, Top 10 महिला किरदार

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    [तृषा गौड़ ] साल खल्लास 2014। ये साल रहा वूमन पावर के नाम । दमदार फिल्में, दमदार अभिनय, दमदार किरदार, दमदार चरित्र और एक दमदार उपल्ब्धि। दर्शकों ने इस साल बेहतरीन फिल्में देखीं तो वहीं इन हीरोइनों के उम्दा प्रदर्शन ने ये साबित किया कि अच्छे अभिनय को किसी खान, कपूर की ज़रूरत नहीं है। ये फिल्में थीं इन महानायिकाओं की जिनके जज़्बे और जुनून की कहानी को दर्शकों ने देखा भी और सराहा भी। बल्कि इस साल इतने अच्छे किरदार गढ़े गए कि उनमें से 10 चुनना मुश्किल था। इस टॉप 10 लिस्ट में भले ही परिणीति चोपड़ा और पत्रलेखा का किरदार नहीं है पर उनके अभिनय ने भी दर्शकों को एक नया रूप दिखाया, इंडिपेंडेंट वूमन का। आप देखिए इस साल के 10 बेहतरीन महिला किरदार -

    रज्जो - माधुरी दीक्षित,गुलाब गैंग

    रज्जो - माधुरी दीक्षित,गुलाब गैंग

    हालांकि इस फिल्म की हर लड़की ने काबिले तारीफ काम किया लेकिन माधुरी दीक्षित का किरदार ऐसे दमदार तरीके से आत्मनिर्भरता सिखाता है कि हर लड़की ने उनमें अपनी छवि ढूंढने की कोशिश की।

    सुमित्रा देवी - जुही चावला, गुलाब गैंग

    सुमित्रा देवी - जुही चावला, गुलाब गैंग

    अगर सुमित्रा देवी नहीं होती तो रज्जो को कभी भी आवाज़ उठाने की हिम्मत नहीं होती। वहीं पावर और पॉलिटिक्स की जद्दोजहद में खुद को खो बैठी सुमित्रा का किरदार जुही चावला ने जितनी कुशलता से निभाया है उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है।

    वीरा - आलिया भट्ट, हाईवे

    वीरा - आलिया भट्ट, हाईवे

    वीरा की घुटन और उसकी उलझन अमूमन हर लड़की अपनी ज़िंदगी में झेलती है और हर लड़की इसी तरह सारे फसाद से भागने की कोशिश में खुद को कहीं खो देती है। पर वो लड़कियां दोबारा खुद को ढूंढने की कोशिश नहीं करतीं, जैसा कि वीरा करती है। उन्होंने लड़कियों को दिखाया वो रास्ता जो वो चुन सकती हैं, जब जी चाहे।

    रानी - कंगना रनौत, क्वीन

    रानी - कंगना रनौत, क्वीन

    लंदन ठुमकदा करती हुई एक लड़की कैसे अपने टूटे रिश्ते से बाहर निकल कर हंगामा करती है इसे कंगना ने जितनी खूबसूरती से परदे पर उतारा है उसका शुक्रिया अदा किया जाना चाहिए। उन्होंने हौसला दिया हर लड़की को जो इस दौर के बाद जिंदगी खत्म समझती है।

    बॉबी - विद्या बालन, बॉबी जासूस

    बॉबी - विद्या बालन, बॉबी जासूस

    हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली पर विद्या बालन ने उन सभी लड़कियों के हौसलों को उड़ान देने की कोशिश की जो लीक से कुछ हटकर करना चाहती हैं। बॉबी के किरदार में जितनी सच्चाई उतनी ही लगन।

    शिवानी शिवाजी रॉयस - रानी मुखर्जी, मर्दानी

    शिवानी शिवाजी रॉयस - रानी मुखर्जी, मर्दानी

    रानी मुखर्जी इस तरह परदे पर वापसी करेंगी ये किसी ने नहीं सोचा होगा। उनके नो वन किल्ड जेसिका वाली आग मर्दानी में दोगुनी दिखी और लोगों ने उन्हें दिल से स्वीकारा।

    मैरी कॉम, प्रियंका चोपड़ा

    मैरी कॉम, प्रियंका चोपड़ा

    प्रियंका चोपड़ा ने मैरी कॉम को वो सम्मान दिया जिसकी वो हकदार थीं। हां ये दुख की बात है कि इस देश में लोग ऐसे नामों को जल्दी नहीं जान पाते लेकिन ऐसे में यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि उनकी कहानियां लोगों तक पहुंचाए।

     गज़ाला - तबू, हैदर

    गज़ाला - तबू, हैदर

    ग़ज़ाला के एक एक डर को जिस तरह से तबू ने परदे पर उतारा है वो झकझोर कर रख देता है। चीज़ें ना काली होती हैं ना सफेद। उनके बीच का सच ग़ज़ाला ने दर्शकों के सामने रखा। हाफ विडो होने का दर्द और उलझन समेटे उनका ये किरदार ज़ोरदार तालियां डिमांड करता है।

    सुगंधा - नंदना सेन, रंगरसिया

    सुगंधा - नंदना सेन, रंगरसिया

    हालांकि फिल्म में कई खामियां थीं लेकिन जितनी सच्चाई से नंदना सेन ने इस किरदार को निभाया है वो मायने रखता है। उन्होंने एक देवी का रूप वाकई धारण किया क्योंकि उनका किरदार उतना ही पवित्र लगता है।

    शालिनी बोस - तेजस्विनी कोल्हापुरी, अग्ली

    शालिनी बोस - तेजस्विनी कोल्हापुरी, अग्ली

    इस साल के अंत में अनुराग कश्यप ने दर्शकों को अग्ली के रूप में एक तोहफा दिया है। और इस फिल्म का सरप्राइज़ पैकेज थीं तेजस्विनी कोल्हापुरी। एक मां, पत्नी, प्रेमिका और इन सब रिशतों में उलझी हुई एक ज़िंदगी। अगर आपने फिल्म नहीं देखी है तो आप काफी अच्छी कहानी मिस कर रहे हैं।

    SURPRISE पैकेज : लक्ष्मी - मोनाली ठाकुर, लक्ष्मी

    SURPRISE पैकेज : लक्ष्मी - मोनाली ठाकुर, लक्ष्मी

    ये इस साल का बोनस था। हालांकि फिल्म आई और चली गई लेकिन फिल्म कहीं से भी नज़रअंदाज़ करने लायक नहीं थी। नागेश कुकूनूर की इस फिल्म ने कई सवाल खड़े किए और इन सवालों से जूझती लक्ष्मी आपको झकझोर कर रख देगी। लक्ष्मी आपकी वो सच्चाई है जिसे आप कभी स्वीकार करना नहीं चाहेगा!


    English summary
    2014 was clearly the year of the ladies who ruled it out kicking off every suspicion that male stars are the leads. they indeed werethe heroes.
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