मुकेश की 98वीं वर्षगांठ: कॉन्सर्ट में अचानक हो गया था निधन, खबर सुनकर टूट गए थे राज कपूर
मशहूर गायक मुकेश की 98वीं पुण्यतिथि 22 जुलाई को मनाई जा रही है। मुकेश बॉलीवुड की वो सदाबहार आवाज़ हैं जो लोगों के दिल में जब पहली बार उतरी, तब से आज तक सबके दिलों पर ही राज कर रही हैं। मुकेश राज कपूर की आवाज़ कहे जाते थे। मुकेश का जन्म 1923 में हुआ था और वो दस भाई बहनों में छठवें नंबर पर थे। उनका पूरा नाम मुकेश चंद्र माथुर था।
मुकेश का करियर, 40 दशक का रहा। उन्हें हमेशा से फिल्मों में ही गाना गाना था और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए मुकेश 10वीं की पढ़ाई छोड़कर ही मुंबई आ गए थे। उनका एक गाना सबसे पहले सुना के एल सहगल साहब ने और उन्हें मुकेश की आवाज़ बेहद पसंद आई।

राज कपूर के अलावा, मुकेश, सुनील दत्त, फिरोज़ खान, मनोज कुमार और दिलीप कुमार की आवाज़ बनकर भी उभरे। मुकेश का पहला ही गाना पॉपुलर हो गया था। उन्होंने दिल जलता है तो जलने दे, आंसू ना बहा, फरियाद ना कर ऐसा गया कि लोगों को लगा कि खुद के.एल. सहगल वो गाना गा रहे थे।
मुकेश को गाने से इतना प्यार था कि वो जाते जाते भी अपने ही तराने गुनगुनाते हुए गए। उनका परिवार आज भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है। उनके बेटे नितिन मुकेश भी गायक थे और पोते नील नितिन मुकेश एक एक्टर हैं।

राज कपूर से गहरी दोस्ती
गौरतलब है कि मुकेश और राज कपूर के परिवार में बेहद गहरी दोस्ती थी। और ये दोस्ती आज तक चली आ रही है। गायक मुकेश को राज कपूर की आवाज़ कहा जाता था और मुकेश के बिना राज कपूर की कोई फिल्म नहीं बनती थी।

ऋषि कपूर की आवाज़ बने थे नितिन मुकेश
मुकेश राज कपूर के लिए परिवार जैसे थे। इसलिए जब राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर ने अपना बॉलीवुड डेब्यू, मेरा नाम जोकर में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर किया तो इस फिल्म में ऋषि कपूर की आवाज़ बने मुकेश के बेटे नितिन मुकेश। मेरा नाम जोकर है में ऋषि कपूर एक गाना गाते दिखाई देते हैं जो मुकेश के बेटे नितिन मुकेश की आवाज़ थी।

यूएसए के कॉन्सर्ट में ली आखिरी सांस
गौरतलब है कि मुकेश की मौत, यूएसए में एक कॉन्सर्ट से पहले दिल का दौरा पड़ने से हुई। दिलचस्प ये है कि मुकेश की जगह उस कॉन्सर्ट में नितिन मुकेश ने लता मंगेशकर का साथ दिया था। राज कपूर को उनके जाने का बहुत बड़ा सदमा लगा। राज कपूर का कहना था कि शैलेंद्र (गीतकार) गया तो मेरे दिल का एक टुकड़ा चला गया लेकिन मुकेश गया तो मेरी आत्मा ही चली गई।

मुकेश के निधन की खबर सुनकर टूट गए थे राजकपूर
कहा जाता है कि मुकेश की मौत की खबर सुनकर राज कपूर पूरी तरह टूट चुके थे। उन्हें ऐसा लगा था कि उनकी आत्मा उन्हें छोड़कर चली गई। जब मुकेश की पार्थिव शरीर लेकर नितिन मुकेश भारत पहुंचे तो राजकपूर उन्हें लेने वहां पहुंचने वाले पहले इंसान थे।

सत्यम शिवम सुंदरम की शूटिंग पर मिली खबर
मुकेश की मौत के समय राज कपूर सत्यम शिवम सुंदरम की शूटिंग कर रहे थे। वो भी बाढ़ के सीन की। शूटिंग रूकवाने का मतलब था भारी नुकसान। लेकिन राज कपूर ने बिना वक्त गंवाए शूटिंग रूकवा दी और मुकेश के परिवार के पास पहुंच गए।

जाने से पहले रिकॉर्ड किया था आखिरी गीत
चंचल शीतल निर्मल गाना, सत्यम शिवम सुंदरम का वो आखिरी गीत था जो मुकेश ने राज कपूर के लिए यूएसए जाने से पहले रिकॉर्ड किया था। उस रात आखिरी बार राज कपूर मुकेश से मिले थे।

आज भी बरकार है परिवार की दोस्ती
दिलचस्प है कि दोनों परिवारों की तीसरी पीढ़ी भी काफी करीब रही है। रणबीर कपूर और नील नितिन मुकेश, यानि कि राज कपूर के पोते और मुकेश के पोते, ऋषि कपूर के बेटे और नितिन मुकेश के बेटे, एक साथ कॉलेज में पढ़ाई कर चुके हैं।

मुकेश के बेस्ट गीत
आज भी कपूर परिवार और मुकेश परिवार एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। विजय नाम की एक फिल्म में नील नितिन मुकेश, ऋषि कपूर के बचपन का किरदार भी निभा चुके हैं। वहीं नील नितिन मुकेश की शादी के मौके पर पूरा कपूर परिवार एक साथ मौजूद था। मुकेश ने राज कपूर की हर फिल्म के लिए गाना गाया है। उनके बेस्ट गीत आप यहां सुन सकते हैं।


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