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    कहानी की Band: तो आलिया हम्पटी की नहीं, सिद्धार्थ की बनती दुल्हनिया

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    [नीति सुधा] साल 2014 में आई फिल्म 'हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया' आज के जमाने की 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' थी। जहां राज की तरह हम्पटी अपनी दुल्हनिया के परिवारवालों का दिल जीतता है और सबकी मर्जी से ही काव्या को बनाता है अपनी दुल्हन।

    करन जौहर के प्रोडक्शन में बनी 'हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया' साल के कुछ सफल फिल्मों में से एक है। जिसमें वरूण धवन और आलिया भट्ट की काफी तारीफ की गई। लेकिन फिल्म की कहानी को देखें तो यहां फिल्म में कई सीन ऐसे भी थे, जहां लॉजिक को पीछे छोड़ दिया गया था। खैर, कॉमेडी के लिए वह भी सही, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है यदि फिल्म में NRI बना सिद्धार्थ यदि सच में 'गे' होता तो..तो कैसी होती हम्पटी- काव्या की लव-स्टोरी? नहीं न.. तो फिर यहां पढ़िए, कि ऐसा होता तो कैसी होती 'हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया'।

     DDLJ की तरह भाग जाते हम्पटी-काव्या

    DDLJ की तरह भाग जाते हम्पटी-काव्या

    फिल्म हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म डीडीएलजे से प्रेरित है। लेकिन इस फिल्म में एक कमी रह गई कि काव्या ने सिमरन की तरह भाग कर ट्रेन नहीं पकड़ी। सोचिए, यदि हम्पटी काव्या का कहना मानकर घर से भाग जाता तो....तो सीन थोड़ा उल्टा ही सही, लेकिन डीडीएलजे वाली फिलिंग तो आ ही जाती। वहां सिमरन ने भाग कर राज का हाथ पकड़ा था, यहां हम्पटी को भागकर काव्या का हाथ पकड़ना था। लेकिन इतना तो पक्का है कि इस सीन से फिल्म के कहानी की बज जाती बैंड। Tongue out

    दिल्ली में नहीं मिलते हम्पटी और काव्या

    दिल्ली में नहीं मिलते हम्पटी और काव्या

    काव्या करीना वाला लंहगा खरीदने दिल्ली जाती है। और दिल्ली में उसे मिल जाता है हम्पटी शर्मा। फिर क्या..चंद मुलाकातें और मुलाकातें बदल जाती है प्यार में। लेकिन सोचिए, यदि ऐसा न हुआ होता तो। जिस शहर में करोड़ों की जनसंख्या हो, वहां एक ही इंसान से बार बार टकराना जरा असंभव सा सीन है। लिहाजा, अगर काव्या और हम्पटी उस रात न मिले होते तो..तो आलिया शायद अंगद के साथ शादी कर अमेरीका में एन्जॉय कर रही होती। और हम्पटी एग्जाम में अपने नंबर बढ़वाने के लिए जद्दोजहद कर रहा होता।

    काव्या की बहन की शादी टूटी नहीं होती

    काव्या की बहन की शादी टूटी नहीं होती

    काव्या के पापा को लव मैरिज से एलर्जी है क्योंकि उनकी बड़ी बेटी स्वाति को शादी के बाद लड़का धोखा दे जाता है। लेकिन सोचिए अगर ऐसा न हुआ होता तो..स्वाति ने भी लव मैरिज की थी, लिहाजा अगर उसके पति ने भी प्यार निभाया होता तो..शायद काव्या के लिए कोई दिक्कत ही नहीं आती। काव्या के पापा बड़े आराम के साथ खुशी खुशी काव्या का हाथ हम्पटी के हाथों में दे देते। लेकिन यहां भी बज जाती कहानी की बैंड, क्योंकि सारी मुश्किलें ही शुरु होती हैं लव मैरिज से ।

    अंगद होता सच में Gay

    अंगद होता सच में Gay

    सिद्धार्थ शुक्ला यानि की अंगद, जिससे होने वाली होती है काव्या की शादी। लिहाजा, हम्पटी के दोस्त हर संभव कोशिश करते हैं कि अंगद में कोई निगेटिव प्वाइंट मिल जाए, ताकि वे अंगद से काव्या की शादी तुड़वा सकें। इस कोशिश में वे समझते हैं कि अंगद गे है। लेकिन ऐसा होता नहीं है। लेकिन सोचिए, यदि सच में अंगद गे होता तो..तो वह सच में पोपलू(हम्पटी का दोस्त) के साथ जोड़ी बना लेता। एंड दे लीव्ड हैपिली एवर आफ्टर....और फिर बड़ी आसानी के साथ काव्या बन जाती हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया।

    काव्या को पापा से मिल जाता करीना वाला लंहगा

    काव्या को पापा से मिल जाता करीना वाला लंहगा

    फिल्म की कहानी ही शुरू होती है करीना वाले लंहगे के साथ। आलिया का यह डॉयलोग भी बड़ा फेमस हुआ था कि शादी करूंगी तो करीना वाला लंहगा पहनकर ही करूंगी, नहीं तो दुल्हे को टाटा बायबाय कर दो.... और यही लंहगा खरीदने के लिए काव्या जाती है दिल्ली। जहां मिलता है हम्पटी और आती है कहानी में ट्विस्ट। लेकिन सोचिए, यदि काव्या को पापा ने ही करीना वाला लंहगा दिला दिया होता तो..तो न आती कहानी में ट्विस्ट, न आता हम्पटी..न होता प्यार....लेकिन पापा बजा देते कहानी की बैंड।

    अंतिम समय में भी नहीं मानते काव्या के पापा

    अंतिम समय में भी नहीं मानते काव्या के पापा

    शादी के तुरंत पहले पापा काव्या से पूछते हैं कि उसने करीना वाला लंहगा क्यों नहीं पहना तो काव्या कहती है कि ''उसके लिए imported नहीं, लोकल माल ही बेस्ट है।'' लिहाजा, पापा समझ जाते हैं कि काव्या किसी NRI से नहीं. बल्कि हम्पटी से ही शादी करना चाहती है। और वह मान जाते हैं। लेकिन सोचिए यदि ऐसा न हुआ तो..यदि पापा अपनी पसंद पर अड़े होते तो....तो हम्पटी होता दिल्ली में..काव्या होती अमेरीका.. लेकिन बज जाती कहानी की बैंड। क्योंकि डीडीएलजे की कहानी तो अधूरी ही रह जाती।

    नहीं देती काव्या हम्पटी को कार

    नहीं देती काव्या हम्पटी को कार

    आलिया जब दिल्ली से वापस आ रही होती है तो एक दिन पहले हम्पटी उसे करीना वाले लंहगे के लिए पैसे देता है, लेकिन काव्या उसी पैसे से उसे सरप्राइज कार गिफ्ट कर जाती है। जिसे देखकर हम्पटी समझ जाता है कि काव्या भी उसे सच्चा प्यार करती है। फिर वह काव्या के पास जाता है। लेकिन सोचिए यदि काव्या ने ऐसा न किया होता तो.. तो हम्पटी घर बैठे आंसू बहा रहा होता..और यहां हो जाती काव्या की शादी। लेकिन फिर कैसे बनती डीडीएलजे....

    काव्या को पसंद आ जाता NRI अंगद

    काव्या को पसंद आ जाता NRI अंगद

    NRI अंगद होता है एक सर्वगुण संपन्न लड़का, जिसे काव्या के पापा ने पसंद किया था। लेकिन सोचिए यदि काव्या को अंगद पसंद आ जाता तो.. आखिर ऐसा सभ्य, सुशील लड़का किसे नहीं भाएगा। तो काव्या कर देती हम्पटी को डंप और हो जाती अंगद की। लेकिन फिर वही बात..यहां भी अधूरी रह जाती डीडीएलजे की कहानी। इसीलिए काव्या को तो बनना था, हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया। इसीलिए उसने किया NRI को टाटा बायबाय..और बनी हम्पटी की दुल्निया..

    English summary
    Humpty Sharma Ki Dulhania is a 2014 Hindi romantic-comedy film, directed by Shashank Khaitan and produced by Karan Johar.
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