बॉलीवुड के तीनों 'खान' पर हमेशा भारी रहेगी इरफान खान की पारी
इरफान खान 3 अप्रैल को इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन ने देशभर को मायूस कर दिया। इरफान खान बॉलीवुड के अलावा ब्रिटिश, अमेरिकी फिल्में भी कर चुके हैं। उन्होंने साल 1988 में सलाम बॉम्बे से डेब्यू किया। इरफान खान एक ऐसे अभिनेता है जिसे बॉलीवुड का खान बनने की जरूरत नहीं बल्कि वह खुद एक अलग स्थान रखते हैं।
इरफान खान के निधन पर प्रशसंकों का जन सैलाब सोशल मीडिया पर उमड़ पड़ा। एक दिग्गज अभिनेता की अंतिम विदाई में बेशक बीस लोग शामिल हुए हों लेकिन उनके साथ करोड़ों लोगों का प्यार रहा। इरफान खान जैसे अभिनेता ने हर शख्स पर फिल्मों के माध्यम से खास छाप छोड़ी है। वह विरासत में वह सब छोड़कर गए जिसे शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल होगा। प्रधानमंत्री भी खुद को इस दुखद घटना पर रोक नहीं पाए और इस लीजेंड के लिए चंद शब्द पिरोए।

इरफान खान ने बेशक अक्षय कुमार व अजय देवगन की तरह सैंकड़ो फिल्में न की हो लेकिन उन्होंने जितनी भी फिल्मों में अभिनय किया वह संपूर्ण था। एक एक फिल्म का एक एक किरदार सदा के लिए जीवंत है। वही तो सच्चा कलाकार है जो अपने किरदार को सदा के लिए जीवित कर देता है। एक कलाकार का काम ही है कि वह किरदार में जान फूंक दें। ये इतना आसान भी नहीं होता। तभी तो आजकल के युवा या नामी स्टार्स भी ऐसा कर पाने में हार जाते हैं।
इरफान खान उन रंगमंच कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने पर्दे पर आने के लिए पूरी जवानी संघर्ष करते हुए करियर को तराशने में लगा दी। उन्होंने खुद को कला के क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए ढेरों नाटक किए और कला के एक एक पक्ष को समझा। एक मजे हुए अभिनेता के तमाम गुण इरफान में व्याप्त थे।
बॉलीवुड के तीनों खान के जितना तो इरफान खान को करोड़ी फिल्में नहीं रही होगी और न ही उनके जीवित रहने पर उन्हें खान जितना प्यार मिला होगा, लेकिन जब उनकी अंतिम विदाई हो रही थी और उनके लिए जो प्यार का सैलाब देखने को मिला वह हैरान कर देने वाला था। वह एक ऐसे अभिनेता हैं जिनके बारे में पता ही नहीं चला कि वह हमारे दिलों दिमाग में कैसे बस गए।
यहां हम तीनों खान का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। इस आर्टिकल में हमने तीनों खान का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया है। यहां हम इरफान खान के अभिनय की तुलना बॉलीवुड के किसी भी अभिनेता के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नहीं कर रहे हैं।
इरफान खान की जर्नी तो 30 साल की रही लेकिन ये साल उनके साथ कब बीत गए पता ही नहीं चला। उनका काम, उनके किरदार बार बार उमड़ उमड़कर दिल दिमाग में झोंटे खा रहे हैं। जिस क्षेत्र में उन्होंने अपना करियर संवारा, उसमें वह अव्वल रहे।


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