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    फारूख जफर फिल्मोग्राफी: रेखा की मां बन हुआ डेब्यू, अमिताभ बच्चन की बेगम से अंत, तीनों खान के साथ किया काम

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    2020 में आई फिल्म गुलाबो सिताबो की फातिमा बेगम उर्फ फत्तो बेगम, अभिनेत्री फारूख जफर 88 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं। फारूख जफर का जन्म 1933 में जौनपुर में हुआ था और 15 अक्टूबर 2021 को उन्होंने लखनऊ में दुनिया को अलविदा कह दिया। फारूख जफर काफी सालों से लखनऊ में ही रह रही हैं।

    उन्होंने अपने करियर की शुरूआत की थी आकाशवाणी के साथ। वो एक रेडियो अनाउंसर थीं। उनके पति एक पत्रकार थे और स्वतंत्रता सेनानी भी। फारूख जफर ने काफी देर से अभिनय की शुरूआत की।

    उन्होंने अपने अभिनय के सफर की शुरूआत की थी फिल्म उमराव जान में रेखा की मां के किरदार से। वहीं उनके अभिनय के सफर का अंत हुआ गुलाबो सिताबो में अमिताभ बच्चन की बेगम के किरदार के साथ। अपने अभिनय के सफर में फारूख जफर ने तीनों खान के साथ काम किया है। उनकी दो बेटियां हैं मेहरू जाफर और शाहीन बेगम।

    मेहरू जाफर ने ही फारूख जी की एक वीडियो क्लिप, शूजित सरकार और जुही चतुर्वेदी को ऑडीशन के तौर पर भेजी थी जिसे देखने के बाद दोनों ने गुलाबो सिताबो की बेगम के किरदार के लिए तुरंत फारूख जी को फाईनल कर दिया। यहां देखिए उनकी बेहतरीन फिल्मोग्राफी।

    उमराव जान से हुई शुरुआत

    उमराव जान से हुई शुरुआत

    फारूख जी के अभिनय सफर की शुरूआत हुई 1981 में मुज़फ्फर अली की फिल्म उमराव जान के साथ। 1933 में जन्मीं फारूख जफर ने अपने जीवन के दूसरे पड़ाव में 40 साल की उम्र के बाद अभिनय की दुनिया में कदम रखा। हालांकि, इस फिल्म के लिए उन्हें याद रखा गया।

    रेखा ने नवाज़ी इज़्जत

    रेखा ने नवाज़ी इज़्जत

    उमराव जान के बाद साल 2017 में एक प्राईवेट पार्टी में रेखा की मुलाकात फारूख जफर से हुई। रेखा उनके पैर के पास बैठ गईं और पार्टी में सभी को बताया कि ये मेरी असली मां हैं। रेखा घंटों तक फारूख जफर से बात करती रहीं और शूटिंग के पुराने दिन याद करती रहीं। फारूख जफर ने इस मुलाकात का ज़िक्र अपने एक इंटरव्यू में किया। फारूख जफर ने रेखा को कहा - मुझे लगा कि तुम मुझे भूल गई होगी जिस पर रेखा ने जवाब दिया - आप मेरी मां हैं, आपको कैसे भूल सकती हूं।

    23 साल बाद किया कमबैक

    23 साल बाद किया कमबैक

    उमराव जान के बाद फारूख जफर ने 23 साल बाद कमबैक किया शाहरूख खान की फिल्म स्वदेस के साथ। इस फिल्म में वो फातिमा बी के किरदार में दिखाई दीं और छोटे से रोल में भी काफी तारीफें बटोरीं। इस फिल्म के दौरान उनकी उम्र लगभग 70 साल की थी।

    पीपली लाईव की अम्मा

    पीपली लाईव की अम्मा

    इसके बाद, फारूख जी को आमिर खान ने अपनी फिल्म पीपली लाईव के लिए कास्ट किया जिसे डायरेक्ट किया था अनुषा रिज़वी में। इस फिल्म में वो अम्मा के किरदार में दिखाई दीं। फारूख जफर, दिल से जवान थीं जो बेहद हंसमुख थीं। वो हमेशा चहकती रहती थीं और यही खुशमिज़ाज़ी और ज़िंदादिली उनके निभाए किरदारों में भी दिखाई देती थी।

    बनीं सुलतान की दादी

    बनीं सुलतान की दादी

    पीपली लाईव के बाद फारूख जी ने कई छोटी छोटी फिल्में में शानदार किरदार निभाए। एक मज़ेदार किरदार में वो स्क्रीन पर फिर लौटीं सुलतान में सलमान खान की दादी बनकर। इस फिल्म में सलमान खान और उनकी दादी के कुछ ही सीन थे लेकिन सभी दर्शकों को बेहद पसंद आए।

    ज़ायरा वसीम की दादी

    ज़ायरा वसीम की दादी

    सलमान खान की दादी बनने के बाद, फारूख जफर को एक बार फिर आमिर खान ने अपनी फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार में कास्ट किया। इस फिल्म में वो ज़ायरा वसीम की खुले विचारों वाली दादी के किरदार में दिखाई दीं। बड़ी आपा के छोटे से किरदार में भी वो दर्शकों का दिल जीत ले गईं।

    नवाज़ु्द्दीन सिद्दीकी की दादी

    नवाज़ु्द्दीन सिद्दीकी की दादी

    इसके बाद बारी आई नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की। फिल्म फोटोग्राफ में फारूख जफर, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की दादी के किरदार में दिखाई दीं। इस फिल्म में वो एक ऐसी दादी की भूमिका में थीं जो बस जल्दी से जल्दी अपने पोते की शादी करना चाहती है। जब उनका पोता एक खूबसूरत लड़की की तस्वीर दिखाता तो दादी बस दुलहन को घर लाने के सपने सजाने में लग जाती हैं।

    करियर की आखिरी फिल्म

    करियर की आखिरी फिल्म

    गुलाबो सिताबो, फारूख जफर के करियर की आखिरी फिल्म बनी। उनका ट्रैक सभी को पसंद आया और फिल्म के दो चार अच्छे डायलॉग केवल उन्हीं के हिस्से आए। वो जब भी स्क्रीन पर आती हैं दिल जीत लेती हैं और कहानी की जान बेगम ही हैं जो फिल्म के आखिरी 10 मिनट में जान फूंकती हैं।

    अमिताभ बच्चन के साथ काम करने की खुशी

    अमिताभ बच्चन के साथ काम करने की खुशी

    फारूख जी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें अमिताभ बच्चन बहुत पसंद हैं और उन्होंने गुलाबो सिताबो में काम करने के लिए केवल इसलिए हां की क्योंकि उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौका मिल रहा था। फिल्म में फारूख जफर, फत्तो बेगम के किरदार में थीं जो 95 साल की एक महिला थी और तीसरी मंज़िल नाम की हवेली की मालिक। उनके पति थे मिर्ज़ा यानि कि अमिताभ बच्चन।

    आखिरी फिल्म के लिए जीता फिल्मफेयर

    आखिरी फिल्म के लिए जीता फिल्मफेयर

    गुलाबो सिताबो, ना सिर्फ फारूख जफर की आखिरी फिल्म थी बल्कि इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला। फारूख जी ने अपने अवार्ड के साथ ये तस्वीर भी खिंचवाई थी जो फैन्स को बेहद पसंद आई थी।

    English summary
    Gulabo Sitabo Begum Farrukh Jaffar dies at 88. She started her career as Rekha's mother in Umrao Jaan and ended as Amitabh Bachchan's Begum. She has worked with Khan trio.
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