गुरु दत्त की गीता दत्त से शादी फिर वहीदा रहमान संग अफेयर, वो आखिरी रात- खुदखुशी या मौत
भारतीय सिनेमा की रीढ़ रहे गुरु दत्त की निजी जिंदगी काफी उतार चढ़ाव से भरी थी। मंगलौर में जन्मे वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण जिन्हें दुनिया गुरु दत्त के नाम से जानती थी उनकी मातृ भाषा कोंकणी थी। अक्सर लोग सोचा करते थे कि वह बंगाली है लेकिन ऐसा नहीं था। हां, ये बात सही है कि उनका बचपन कलकत्ता में बीता। इसीलिए इस शहर से वह बहुत प्यार करते थे।
गुरु दत्त असल जिंदगी में बहुत ही इमोशनल और पेजेसिव व्यक्ति थे। उन्हें ना नुकुर जिंदगी में नहीं पसंद थी। वह बचपन से ही काफी रचनात्मक हुआ करते थे। बचपन में उन्हें पतंग उड़ाना बहुत पसंद था और वह अपनी पतंग अक्सर खुद बनाया करते थे। वह एक ऐसे निर्देशक, अभिनेता, फिल्म निर्माता और राइटर हुए जिनपर सिनेमा का नशा सा था।
गुरु दत्त की जिंदगी जितनी कामयाबी और हुनूर से भरी थी तो उनकी मौत उतनी ही रहस्यी। ऐसा इसीलिए, क्योंकि दत्त की मौत को कुछ लोग एक्सीडेंट बताते हैं तो कुछ लोग खुदखुशी। वहीं गुरु दत्त के बेटे तरुण दत्त ने उस जमाने की चर्चित पत्रिका धर्मयुग में हत्या बताया था। उनका कहना था कि पिता न ही लापरवाह थे और हार मान लेने वाले शख्स नहीं थे।


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