Pathaan Movie Review: स्टाइल, स्केल, स्वैग से भरपूर शाहरुख खान की एक्शन इंटरटेनर, कुर्सी की पेटी बांध लीजिए

निर्देशक- सिद्धार्थ आनंद
कलाकार- शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण, जॉन अब्राहम, आशुतोष राणा, डिंपल कपाड़िया
"पठान के घर में पार्टी रखोगे, तो मेहमान नवाजी के लिए पठान तो आएगा, और साथ में पटाखे भी आएगा!" फिल्म का यह संवाद सच साबित हुआ है क्योंकि फिल्म वाकई किसी धमाके से कम नहीं है। यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा बनी पठान देश के दो अंडरकवर एजेंट्स की कहानी है। एक जो पूछता है कि देश ने उसके लिए क्या किया और दूसरा ये पूछता है कि वो देश के लिए क्या कर सकता है!
पठान, टाइगर और कबीर (वॉर) से मिलकर बनी है यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स। लिहाजा, फिल्म में टाइगर यानि की सलमान खान और कबीर यानि की ऋतिक रोशन का जिक्र आता रहता है। तीन सुपर एजेंट्स का यूं तो साथ आना और देश की रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरने की चाह रखना.. सिनेप्रेमियों के लिए ये काफी दिलचस्प है। शाहरुख खान की पठान स्टाइल, स्केल और एक्शन के मामले में काफी शानदार रही है। हालांकि पटकथा के स्तर पर फिल्म में कुछ कमियां भी हैं।
कहानी
कश्मीर से धारा 370 हटते ही पाकिस्तान में खलबली मच जाती है और ऐसे में वो साथ लेते हैं एक प्राइवेट आतंकवादी समूह का, जिसका नाम है आउटफिट एक्स। इस समूह का लीडर है जिम (जॉन अब्राहम), जो कभी भारतीय जवान हुआ करता था। लेकिन अब उसके दिल में देश के प्रति सिर्फ नफरत है। क्यों? इसके पीछे भी एक कहानी है। बहरहाल, जिम भारत पर एक वायरस के जरीए कहर बरपाना चाहता है। एक ऐसा वायरस को कुछ ही मिनटों में पूरे के पूरे शहर को तबाह कर दे। भारतीय खुफिया एजेंसियों को इसकी खबर लगती है, तो वे उससे निपटने के लिए अपने सबसे काबिल एजेंट पठान (शाहरुख खान) को याद करते हैं। इस मिशन के बीच पठान की मुलाकात आईएसआई एजेंट रूबीना मोहसीन (दीपिका पादुकोण) से होती है। दोनों मिलकर जिम के मिशन को बर्बाद करना चाहते हैं। लेकिन क्या पठान अपने देश को दुनिया के सबसे खतरनाक आंतकवादी से बचाने की जंग में कामयाब हो पाएगा! या उसे मिलेगा अपनों से ही धोखा? इसी के इर्द गिर्द घूमती है पूरी कहानी।
अभिनय
पठान में किरदार में शाहरुख खान ने जो वापसी की है, उसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। एक्शन सीक्वेंस से बीच भी अपनी आंखों से इमोशंस को दिखाना शाहरुख को बखूबी आता है और इसकी झलक पठान में दिखती है। कह सकते हैं कि ये उनकी मौजूदगी ही है, जिसने एक औसत स्क्रिप्ट को भी शानदार दिखाया है। वहीं, कोई दो राय नहीं है कि फिल्म का मुख्य आकर्षण जॉन का किरदार जिम है। अपनी एंट्री सीन से लेकर क्लाईमैक्स तक जॉन दमदार दिखे हैं। जैसी कि स्क्रिप्ट की डिमांड थी, वो कहीं कहीं पर हीरो पर हावी होते भी दिखें हैं। एक्शन सीन्स में जॉन कमाल करते हैं।
रूबीना के किरदार में दीपिका पादुकोण ने अपना परफेक्ट दिया है, हालांकि निर्देशक ने उनके कैरेक्टर को विकसित होने का उतना मौका नहीं दिया है, जितना हमें टाइगर के साथ जोया (कैटरीना कैफ) को देखने मिला है। दीपिका को एक फुल एक्शन सीक्वेंस दिया गया है और वो वहां जबरदस्त लगी हैं। वहीं, डिंपल कपाड़िया और आशुतोष राणा अपने अपने किरदारों में प्रभावी लगे हैं। लेकिन फिल्म का जो हाई प्वॉइंस है, वो है पठान और टाइगर की मुलाकात। एक ही फ्रेम में शाहरुख और सलमान को दुश्मनों से भिड़ते हुए देखना किसी थ्रिल से कम नहीं।
निर्देशन
बैंग बैंग और वॉर जैसी फिल्मों के साथ निर्देशक सिद्धार्थ आनंद दिखा चुके हैं कि वो बड़े स्केल की एक्शन फिल्म को कितनी शानदार तरीके से पेश कर सकते हैं। वहीं, पठान के साथ भी उन्होंने इस मामले में बिल्कुल निराश नहीं किया है। फिल्म की कहानी में कमियां हैं, लेकिन एक्शन और स्केल के साथ उसकी भरपाई करने की कोशिश की है। इस फिल्म के साथ शाहरुख खान चार सालों के बाद बड़ी स्क्रीन पर दिख रहे हैं, और निर्देशक ने इस पक्ष का बिल्कुल ध्यान रखा है। शाहरुख को लंबे समय के बाद हार्डकोर एक्शन करते देखना दिलचस्प है। पठान का फर्स्ट हॉफ थोड़ा धीमा है, लेकिन ट्विस्ट एंड टर्न्स बांधे रखते हैं। फर्स्ट हॉफ की तुलना में सेकेंड हॉफ बेहतर है। कुछ एक्शन सीक्वेंस लॉजिकल नहीं हैं, लेकिन आप सवाल भी नहीं करेंगे क्योंकि वो बड़े पर्दे पर कमाल दिखते हैं। लेकिन फिल्म के कॉमिक पंच ऊबाते हैं।
तकनीकी पक्ष
तकनीकी रूप से पठान अच्छी फिल्म है। शुरुआत से ही फिल्म के वीएफएक्स को लेकर काफी चर्चा थी और फिल्म की टीम इस मामले में खरी उतरती है। इस स्पाई यूनिवर्स की दुनिया को बनाना सिद्धार्थ और उनकी तकनीकी टीम के लिए आसान नहीं रहा होगा। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी भी कहानी को एक ऊंचाई देती है। वहीं, एडिटिंग के मामले में फिल्म को थोड़ा और कसा जा सकता था। कुछ एक्शन सीक्वेंस काफी लंबे और दोहराते लगते हैं। खासकर फर्स्ट हॉफ में फिल्म कुछ हिस्सों में खिंची हुई है।
संगीत
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर संचित बलहारा और अंकित बल्हारा ने दिया है, जो अच्छी है। खासकर एक्शन सीक्वेंस में म्यूजिक की वजह से थ्रिल और बढ़कर आता है। वहीं, फिल्म का संगीत विशाल-शेखर द्वारा रचित है। फिल्म में कुल दो गाने हैं- बेशरम रंग और झूमे जो पठान। अच्छी बात है कि बेशरम रंग कहानी का हिस्सा है, ना कि डांस नंबर्स की तरह जोड़ा गया है। वहीं, झूमे जो पठान क्रेडिट्स में दिखाया गया है। बड़े स्क्रीन पर दोनों गानों की सिनेमेटोग्राफी और कोरियोग्राफी खूबसूरत लगी है।
रेटिंग
चार सालों के बाद शाहरुख खान के बड़े पर्दे पर पठान के साथ वापसी की है और कहना गलत नहीं होगा कि ये फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरती है। परफेक्ट स्टारकास्ट, दमदार एक्शन और स्केल के साथ पठान यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स में आपको एंट्री देती है। फिल्मीबीट की ओर से पठान को 3.5 स्टार।


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