संदीप और पिंकी फरार निर्देशक ने की परिणीति चोपड़ा की जमकर तारीफ, कहा- 'परी को सैल्यूट करता हूं'
संदीप और पिंकी फरार (एसएपीएफ) के निर्माता-निर्देशक दिबाकर बनर्जी यह हिंसक फिल्म हाथ में लेने के लिए परिणीति चोपड़ा को सैल्यूट करते हैं। प्रतिष्ठित डाइरेक्टर दिबाकर बनर्जी अर्जुन कपूर का स्क्रीन पर मुकाबला करने में अपने गुस्से को सही दिशा देने के लिए परी की तारीफ करते नहीं अघाते। फिल्म में परी को अर्जुन कपूर के अपोजिट कास्ट किया गया है।
दिबाकर का कहना है, "संदीप (फिल्म में परी का किरदार) को लेकर मैंने और परिणीति ने अंतहीन बहस की- मुझे काफी कुछ जानने और सीखने को मिला। वह एक बेहद मजबूत इच्छाशक्ति वाली ऐसी जुझारू शख्सियत हैं, जो अपने जवाब चाहती हैं। रचनात्मक पहलू को लेकर तर्क-वितर्क मुझे हमेशा पसंद आता है, इसलिए एसएपीएफ पर साथ मिल कर काम करते वक्त यह बहस आनंद का सर्वोच्च बिंदु होती थी। पितृसत्ता, नायिकाओं को जिंस बना कर रख देने और बॉलीवुड की जागृत किंतु पुरुषवादी गड्डमड्ड निगाह के चलते हमारी अधिकांश जुझारू अभिनेत्रियों को सोने का मुलम्मा चढ़े संदूक में बंद कर दिया गया है।"

वह आगे बताते हैं, "इस फिल्म में सैंडी उसी संदूक से बाहर निकलने की कोशिश करती है। सैंडी के किरदार में परिणीति का प्रयास भी यही है। यह प्रयास परी के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर क्रूर, घातक, निचोड़ कर रख देने वाला साबित हुआ और इसने उनको अपनी क्षमताओं से आगे बढ़ कर अभिनय करने को मजबूर कर दिया! अर्जुन वाले किरदार से दुश्मनी निभाने के लिए परी ने अपने सचमुच के गुस्से को सही दिशा दी और मुझे लगता है कि कई अभिनेत्रियां निष्ठुर पितृसत्ता के खिलाफ पैदा होने वाले गुस्से तथा आदमखोरी के खिलाफ जमा आक्रोश को लगातार छिपाती रहती हैं। परी को पता है कि सैंडी ही वह फिल्म है।"
दिबाकर खुलासा करते हैं कि एसएपीएफ परिणीति पर केंद्रित फिल्म है और यह उनका किरदार ही है, जो नैरेटिव को आगे बढ़ाता है। वह कहते हैं, "सैंडी ही कहानी को आगे ले जाती हैं, इसके बावजूद हर व्यक्ति सैंडी को अपना मशविरा दे रहा है कि सैंडी को आगे क्या करना चाहिए! परिणीति और सैंडी अपने मिलने-जुलने वाले कई लोगों से कहीं ज्यादा होशियार हैं, लेकिन उन्हें अपनी चतुराई छिपा कर रखनी है और अपना 'गेमफेस' सामने लाना है। 'गेमफेस' के बारे में परिणीति ने मुझे जो पाठ पढ़ाया, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। मैंने फिल्म में इसका भरपूर इस्तेमाल किया है।"
दिबाकर का कहना है कि एक किरदार के तौर पर संदीप उन बलाओं और अजाबों का आईना है, जो किसी एक्ट्रेस को इंडस्ट्री में रोजाना झेलने और भुगतने पड़ते हैं।
"अपनी और दूसरों की जिंदगी बचाने की कोशिश करते हुए सैंडी इस कहानी में जिस तरह आगे बढ़ती है, वह उस पैंतरेबाजी का प्रतिबिम्ब है, जो किसी टैलेंटेड एक्ट्रेस को अपने सर्वाइवल के लिए बॉलीवुड में आजमानी पड़ती है। इस पैंतरेबाजी का छोटे से छोटा हिस्सा भी परी के पर्फॉर्मेंस से चमक उठा है। उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी और अनजान राहों पर निकल पड़ीं। एसएपीएफ की यही वो जीत है, जिसका आनंद मैं ऑडियंस को देना चाहता हूं।"- कहना है डाइरेक्टर का।
संदीप और पिंकी फरार एक ऐसी खुरदुरी और तीखी सस्पेंस थ्रिलर है, जिसमें अर्जुन और परिणीति आमने-सामने हैं। यह फिल्म 19 मार्च को रिलीज होने जा रही है और दुनिया भर में इसका वितरण यशराज फिल्म्स के द्वारा किया जा रहा है।


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