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    आलिया भट्ट, कबीर सिंह से ज़्यादा Criminal है लेकिन वो इंडस्ट्री की सगी है - रंगोली ने फिर उगली आग

    By Staff
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    कंगना रनौत की बहन रंगोली चंदेल एक अद्भुत इंसान हैं। वो इसलिए कि बात कोई भी हो, रंगोली उस बात से अपने मतलब की सामग्री निकाल लेती हैं और उसे इस तरह पेश करती है कि वो बात में अपना फायदा ढूंढ सकें और गड़े मुरदे उखाड़ सकें। इस बार उन्होंने मुद्दा उठाया कबीर सिंह, डायरेक्टर संदीप वांगा रेड्डी पर उठ रहे सवालों से संदीप को बचाने का।

    दरअसल, कबीर सिंह की आलोचना हर तरफ हो रही है। ऐसे में फिल्म कंपैनियन की हेड अनुपमा चोपड़ा ने संदीप को एक मौका दिया अपनी बात रखने का। लेकिन इस इंटरव्यू के बाद संदीप पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। लेकिन अब कंगना रनौत की बहन रंगोली संदीप के बचाव में आईं और धड़ाधड़ ट्वीट किए।

    संजू Vs कबीर

    संजू Vs कबीर

    संदीप जी ने अनुपमा चोपड़ा से बड़ा वाजिब सवाल पूछा कि जब राजीव मसंद संजू जैसी फिल्म को 3.5 स्टार दे सकते हैं, तो कबीर सिंह को 2 स्टार क्यों? संजू भी इतनी ही पुरूषार्थ से भरी, औरतों की बेइज़्जती करती हुई फिल्म थी। सब लोग उनके ही पीछे क्यों पड़े हैं?

    चाटुकारिता की हद है

    चाटुकारिता की हद है

    अनुपमा जी ने बड़ी चालाकी से संदीप जी का सवाल परदे के पीछे कर दिया। लेकिन जवाब मैं देती हूं, इन चाटुकारों को सदियों से नेपोटिज़्म (बॉलीवुड के पुश्तैनी लोग) वालों की चाटने की आदत है। तो अब इनका रिमोट इन बड़े लोगों के हाथ में हैं और ये लोग ऑटो मोड पर लगा दिए हैं। इन्हें पता बाद में चलता है लेकिन ये चाटुकारिता पहले ही कर लेते हैं।

    सफीना Vs कबीर

    सफीना Vs कबीर

    ये लोग फेमिनिज्‍म और महिला मुक्ति का झंडा ऊंचा करने वाले लोग हैं, इन्हें तब दिक्कत नहीं हुई थी जब इन्होंने गली बॉय की सफीना को देखा था। आलिया भट्ट का किरदार क्रिमिनल था। वो भी इतनी ही गुस्सैल थी, इतनी हिंसक थी बल्कि कबीर सिंह से ज़्यादा थी।

    कहां है फेमिनिज़्म

    कहां है फेमिनिज़्म

    औरत ही औरत के खिलाफ होती है। अगर आपका आदमी आपको धोखा देकर किसी और के साथ सो रहा है आपका फोन नहीं उठा रहा है, आपसे पीछा छुड़ाना चाह रहा है, तो जाकर उस औरत को कूट डालो, जिसपे आपके आदमी का दिल आ गया। और ये सारे फेमिनिस्ट इस पर खड़े होकर तालियां मारते हैं सोचो।

    मणिकर्णिका या गली बॉय

    मणिकर्णिका या गली बॉय

    लक्ष्मीबाई और गली बॉय आसपास ही रिलीज़ हुई थी। लेकिन इन फेमिनिज़्म वालों ने लक्ष्मीबाई जैसी के बारे में कभी बात नहीं की। क्यों? क्योंकि वो मराठा हिंदू महिला थीं? संजू में राजकुमार हिरानी सर ने 80 - 90 के दशक के क्रिमिनल अंडरवर्ल्ड के बारे में दिखा दिया लेकिन कभी भी दाउद इब्राहिम, छोटा। शकील, अबू सलेम किसी का ज़िक्र नहीं हुआ।

    कहां था अंडरवर्ल्ड

    कहां था अंडरवर्ल्ड

    फिल्म में माफिया के नाम पर केवल एक मराठी डॉन जो टीका और रूद्राक्ष पहनकर घूमता है और उसका जुर्म केवल इतना है कि वो गणपति पंडाल के समय चंदा इकट्ठा करने के नाम पर गुंडागर्दी करता है। हिंदुत्व से इतना डरने वाली इंडस्ट्री को और उसके चाटुकारों को क्या ही कहा जाए।

    सौतेला व्यवहार क्यों

    सौतेला व्यवहार क्यों

    मैं इंडस्ट्री में बाहर से आए लोगों से ये अपील करूंगी कि संदीप वांगा रेड्डी सर को सपोर्ट करें। वो ज़ोया अख्तर से अलग नहीं हैं इसलिए उनके साथ सौतेला व्यवहार करना बंद किया जाना चाहिए।

    प्रीती या सफीना

    प्रीती या सफीना

    मीडिया के सारे भाई बंधु, कबीर सिंह में कियारा आडवाणी के किरदार के पीछे पड़ गए हैं कि वो अबला नारी है, पुरूषों के पैरों की जूती बनकर रहना चाहती है लेकिन गली बॉय में जब रणवीर सिंह कल्कि कोचलिन का दीवाना हो जाता है, और उसके साथ सेक्स करके आलिया को भूल जाता है, आलिया के फोन नहीं उठाता है, पीछा छोड़ने के चक्कर में है लेकिन ये बंदी आलिया उसके जिस्म के लिए मरी जा रही है, ये फेमिनिज़्म है? वो कल्कि का सर फोड़ देती है, क्यों? किसलिए?

    कोई मुझे समझाए ये क्या है?

    कोई मुझे समझाए ये क्या है?

    राजा बेटा के जिस्म में ऐसा क्या है? समझाओ मुझे। आलिया उसको वापस क्यों ले लेती है? वो कीड़ा जो उसको धोखा देकर गया? हर धोखा देने वाला आदमी कीड़ा ही होता है। क्यों आलिया उसके जिस्म की इतनी दीवानी है कि जब तक वो मिल नहीं जाता, उसे चैन नहीं पड़ता है। ये फेमिनिज़्म है? प्लीज़ समझाओ मुझे।

    पराए हैं क्या ये लोग?

    पराए हैं क्या ये लोग?

    अनुपमा चोपड़ा ने बड़ी मासूमियत से संदीप सर से पूछा कि यहां हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करना क्यों चाहते हो? ये लोग साउथ इंडियन लोगों से ऐसे सवाल क्यों पूछते हैं? वो विदेशी हैं क्या? ये देश संदीप का है, इस तरह के सवाल पूछने का क्या मतलब है?

    रंगोली का ये भी मानना है कि आज तक इन मूवी माफियाओं ने कभी किसी साउथ के डायरेक्टर या एक्टर को हिंदी सिनेमा का सुपरस्टार बनने नहीं दिया। बेचारे साउथ के एक्टर और डायरेक्टर बॉलीवुड में आकर केवल पार्टी करते हैं या गेम्स खेलते हैं। आज अपनी मेहनत की वजह से तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री सबसे बड़ी इंडस्ट्री बन चुकी है। समय आ चुका है कि हम इन मूफी माफियाओं का प्लान खराब करें और ऐसे टैलेंट को बढ़ावा दें। हमें साउथ के टैलेंट की ज़रूरत है, उन्हें हमारी नहीं।

    वहीं अनुपमा चोपड़ा ने इस इंटरव्यू में संदीप वांगा रेड्डी से हिंदी फिल्मों के प्रति उनके आकर्षण के बारे में पूछा कि क्यों वो यहां काम करना चाहते हैं। रंगोली इस बात पर भी भड़क गईं, उन्होंने लिखा - ये भारत माता, ये धरती संदीप की है। वो चाहे जहां जाए। कौन हैं ये दो कौड़ी के इंटरव्यू वाले जो ऐसे सवाल पूछ कर देश में सरहदें बढ़ाते हैं।

    [ऋतिक का परिवार सुनैना को बेहोश रखता है, वो रोज़ कॉल करके रोती है]

    खैर, हम उम्मीद करते हैं कि रंगोली की इतनी मेहनत से कंगना रनौत की अगली फिल्म जजमेंटल है क्या हिट हो जाए। क्योंकि जनता का भी यही मानना है कि इतनी मेहनत केवल कंगना की अगली फिल्म के लिए की जा रही है जो 26 जुलाई को रिलीज़ हो रही है।

    English summary
    Kangana Ranaut's sister Rangoli Chandel defends Kabir Singh director Sandeep Vanga Reddy's latest interview which has been termed as more misogynistic than his film. Rangoli believes Zoya Akhtar's Safeena portrayed by Alia was more criminal than Kabir but none called out then.
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