भूपेन हजारिका पंचतत्व में विलीन, भीगी पलकों ने दी विदाई

गौरतलब है कि मशहूर असमिया गायक और संगीतकार भूपेन हजारिका की शनिवार को मौत हो गयी है। वो 85 साल के थे। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वो लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे। भूपेन हजारिका को किडनी का संक्रमण हो गया था इसलिए उन्हें डायलिसिस पर रखा गया था ।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म भूषण और संगीत-नाटक अकादमी रत्न पुरस्कार से नवाजे जा चुके हजारिका साहब ने कई फिल्मों और भाषाओं में अपना अनुपम संगीत दिया है। फिल्म रूदाली के संगीत को लोग आज भी याद करते हैं।
आपको बता दें कि हजारिका का जन्म असम के सादिया में हुआ था। बचपन में ही उन्होंने अपना प्रथम गीत लिखा और दस वर्ष की आयु में उसे गाया। साथ ही उन्होंने असमिया चलचित्र की दूसरी फिल्म इंद्रमालती के लिए 1939 में बारह वर्ष की आयु मॆं काम भी किया। हजारिका ने करीब 1000 गानों को स्वर दिया। हजारिका ने 60 साल से ज्यादा काम किया है।


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