'असम रत्न' भूपेन हजारिका का निधन

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म भूषण और संगीत-नाटक अकादमी रत्न पुरस्कार से नवाजे जा चुके हजारिका साहब ने कई फिल्मों और भाषाओं में अपना अनुपम संगीत दिया है। फिल्म रूदाली के संगीत को लोग आज भी याद करते हैं।
'असम रत्न' कहलाने वाले भूपेन्द्र हजारिका साहब के जाने से पूरे बॉलीवुड में शोक की लहर है। आपको बता दें कि हजारिका का जन्म असम के सादिया में हुआ था। बचपन में ही उन्होंने अपना प्रथम गीत लिखा और दस वर्ष की आयु में उसे गाया। साथ ही उन्होंने असमिया चलचित्र की दूसरी फिल्म इंद्रमालती के लिए 1939 में बारह वर्ष की आयु मॆं काम भी किया। हजारिका ने करीब 1000 गानों को स्वर दिया। हजारिका ने 60 साल से ज्यादा काम किया है।


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