भूपेन हजारिका की अंतिम विदाई पर बिलख उठा बॉलीवुड

उनके अंतिम संस्कार में लाखों की संख्या में शामिल हुए। भूपेन के जाने पर पूरा बॉलीवुड आज दुखी है। सुर कोकिला लता मंगेशकर ने कहा कि भूपेन जी का जाना किसी सदमे से कम नहीं है। उनके जाने से संगीत जगत की ऐसी क्षति हुई है जिसे पूरा कर पाना किसी के बस में नहीं है। भूपेन हजारिका अभूतपूर्व प्रतिभा के धनी थे।
आपको बता दें कि असम सम्राट भूपेन हजारिका का अंतिम संस्कार मंगलवार को ही होना था लेकिन लोगों की भावनाओं को देखते हुए उनको अंतिम विदाई आज सुबह दी गयी। एशिया की सबसे बड़ी नदी ब्रह्मापुत्र के किनारे स्थित विश्वविद्यालय परिसर में हजारिका के प्रशंसकों ने उन्हे अश्रुपूर्ण विदाई दी।
सुबह 10.26 बजे 'भूपेन हजारिका अमर रहे' के नारों के बीच उनका अंतिम संस्कार हुआ। पार्थिव शरीर को चिता पर रखे जाने से पहले महान गायक को 21 तोपों की सलामी दी गई। असम के राज्यपाल जे बी पटनायक और मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी।
मालूम हो कि मशहूर असमिया गायक और संगीतकार भूपेन हजारिका की शनिवार को मौत हो गयी थी। वो 85 साल के थे। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वो लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे। भूपेन हजारिका को किडनी का संक्रमण हो गया था इसलिए उन्हें डायलिसिस पर रखा गया था ।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म भूषण और संगीत-नाटक अकादमी रत्न पुरस्कार से नवाजे जा चुके हजारिका साहब ने कई फिल्मों और भाषाओं में अपना अनुपम संगीत दिया है। फिल्म रूदाली के संगीत को लोग आज भी याद करते हैं।
आपको बता दें कि हजारिका का जन्म असम के सादिया में हुआ था। बचपन में ही उन्होंने अपना प्रथम गीत लिखा और दस वर्ष की आयु में उसे गाया। साथ ही उन्होंने असमिया चलचित्र की दूसरी फिल्म इंद्रमालती के लिए 1939 में बारह वर्ष की आयु मॆं काम भी किया। हजारिका ने करीब 1000 गानों को स्वर दिया। हजारिका ने 60 साल से ज्यादा काम किया है।


Click it and Unblock the Notifications











