तो क्या संपत पाल ने अदालत को गुमराह किया?

महिला संगठन 'गुलाबी गैंग की नर्इ कमांडर सुमन सिंह चौहान ने गुरुवार को अपनी पूर्व कमांडर संपतपाल पर फिल्म 'गुलाब गैंग के प्रदर्शन पर रोंक लगाने वाली याचिका पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने कहा कि 'दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका में संपत ने अपने को कमांडर बताकर अपनी छवि खराब किए जाने का आरोप लगाया है, जो समझ से परे है। बकौल सुमन चौहान, 'रविवार (2 मार्च) को बांदा के अतर्रा कस्बे में गुलाबी गैंग की आमसभा की खुली बैठक में 963 महिलाएं शामिल हुर्इ थीं और संपत पर तानाशाही व भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर सर्व सम्मति से उन्हें पद और गैंग की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया था।
Did You Know: पेरिस, फ्रांस में भी है गुलाबी गैंग
वह कहती हैं कि 'संपत बर्खास्तगी के बाद भी खुद को कमांडर बताते हुए फिल्म गुलाब गैंग के प्रदर्शन में रोंक लगाने वाली याचिका दाखिल कर दिल्ली उच्च न्यायालय को गुमराह किया है। सुमन ने खुलासा किया कि 'संपत पिछले कर्इ महीनों से फिल्म निर्माताओं से लगातार संपर्क करने का प्रयास कर एक करोड़ रुपये की मांग करती रही हैं, लेकिन फिल्म निर्माताओं ने उन्हें घास नहीं डाली तो वह गुमराह करने वाली याचिका दाखिल कर दी। एक सवाल के जवाब में सुमन कहती हैं कि 'गुलाब गैंग संपत के जीवन पर नहीं, बलिक बुंदेलखंड़ की महिलाओं पर आधारित फिल्म है, जिसे फिल्म निर्माता नाकार नहीं सकते।
उधर, अपने को राष्ट्रीय संयोजक बता रहे जयप्रकाश शिवहरे उर्फ बाबू जी ने कहा कि 'गुलाबी गैंग की आमसभा की खुली बैठक में गैंग की महिलाओं ने संपतपाल पर तानाशाही व शोषण करने के खुला आरोप लगाए थे, जिनको गंभीरता से लेते हुए आमसभा ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया गया था। अब संपत गैंग की कमांडर नहीं रहीं और उन्हें अदालत को गुमराह नहीं करना चाहिए। जयप्रकाश कहते हैं कि 'आगामी 23 मार्च को बांदा में पुन: आमसभा की बैठक बुलार्इ गर्इ है, इस बैठक के बाद संगठन अदालत में याचिका दाखिल कर संपत की याचिका खारिज करने की मांग करेगा।
हालांकि संपतपाल का कहना है कि 'गुलाबी गैंग में संयोजक जैसा कोर्इ पद नहीं है और एक साजिश के तहत बाबू जी ने उनकी कथित बर्खास्तगी करवार्इ है। संपत कहती हैं कि 'वह गुलाबी गैंग की एकलौती कमांडर है, उन्हें आमसभा को बर्खास्त करने का कोर्इ अधिकार नहीं है। यहां यह बता दें कि गुलाबी गैंग एक गैर पंजीकृत संगठन है, जिसके अब तक कोर्इ नियम-कानून नहीं बने हैं और बिना पंजीयन के ही यह संगठन पिछले सात साल से बुंदेली महिलाओं के हक-अधिकार की लड़ार्इ लड़ रहा है।
Did You Know: गुलाबी गैंग के सदस्यों की बात करें तो दुनिया भर में 20 हजार से ज्यादा महिलाएं इस संगठन से जुड़ी हुई हैं। इसकी दो इकाईयां पेरिस और फ्रांस में भी हैं।


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