अमिताभ बच्चन की गुलाबो सिताबो बेगम फारूख जफर का 88 वर्ष में निधन, उमराव जान रेखा की मां से हुआ था डेब्यू
अमिताभ बच्चन की गुलाबो सिताबो की बेगम, एक्ट्रेस फारूख जफर का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। फारूख जफर ने शूजित सरकार की इस अमिताभ बच्चन - आयुष्मान खुराना की फिल्म में सारी तारीफें खुद बटोर ली थीं। हर कोई उनके अभिनय का कायल हो गया था और पूरी फिल्म का मुख्य आकर्षण बनीं थीं फारूख जफर।
फारूख जफर के निधन पर गुलाबो सिताबो की लेखिका जुही चतुर्वेदी ने भी एक भावुक पोस्ट लिखते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। फिल्म से फारूख जफर के किरदार बेगम की एक बेहद खास तस्वीर शेयर करतेे हुए जुही ने गुलाबो सिताबो की तीसरी मंज़िल की इस महारानी को याद किया।

जुही चतुर्वेदी ने फारूख जफर को आखिरी अलविदा कहते हुए लिखा - बेगम गईं। फारूख जी, ना आप जैसा कोई था और ना ही कोई होगा। दिल से शुक्रिया जो आपने हमको आपसे रिश्ता जोड़ने की इजाज़त दी। अब अल्लाह की उस दुनिया में हिफाज़त से रहिएगा। #RestInPeace.
फारूख जफर की आखिरी फिल्म गुलाबो सिताबो थी जहां वो अमिताभ बच्चन की बेगम की भूमिका में थीं। वहीं उन्होंने बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था रेखा की फिल्म उमराव जान के साथ जहां वो रेखा की मां की भूमिका में थीं।

जाते जाते जीता अवार्ड
गुलाबो सिताबो, ना सिर्फ फारूख जफर की आखिरी फिल्म थी बल्कि इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला। फारूख जी ने अपने अवार्ड के साथ ये तस्वीर भी खिंचवाई थी जो फैन्स को बेहद पसंद आई थी।

इतना प्यार मिलेगा यकीन ही नहीं हुआ
एक इंटरव्यू में फारूख जफर ने बताया कि गुलाबो सिताबो की बेगम को दर्शक इतना प्यार देंगे, इस बात का उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा - मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे तो बस किरदार अच्छा लगा और मैंने हां कर दी।

ऑडीशन से मिला था रोल
फारूख जफर को ये रोल मिला था एक ऑडीशन के ज़रिए। उनकी बेटी मेहरू जफर ने उनका एक छोटा सा वीडियो शूजित सरकार और जुही चतुर्वेदी को भेजा। दोनों को ही फारूख जी का अभिनय इतना पसंद आया कि बिना वक्त गंवाए उन्होंने फारूख जी को इस किरदार के लिए फाईनल कर दिया।

लखनऊ में ही हुई शूटिंग
शूजित सरकार और जुही चतुर्वेदी तुरंत फारूख जी से मिलने लखनऊ आए और उन्हें बेगम का किरदार समझाया। फारूख जी मिनटों में ही किरदार के अंदर घुस गईं और उन्होंने भी इस किरदार की नब्ज़ तुरंत पकड़ते हुए, हां कर दी। फारूख जी की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए फिल्म की शूटिंग भी लखनऊ में ही की गई।

अमिताभ बच्चन के लिए की फिल्म
फारूख जी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें अमिताभ बच्चन बहुत पसंद हैं और उन्होंने गुलाबो सिताबो में काम करने के लिए केवल इसलिए हां की क्योंकि उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौका मिल रहा था। फिल्म में फारूख जफर, फत्तो बेगम के किरदार में थीं जो 95 साल की एक महिला थी और तीसरी मंज़िल नाम की हवेली की मालिक। उनके पति थे मिर्ज़ा यानि कि अमिताभ बच्चन।

आयुष्मान खुराना ने दी श्रद्धांजलि
फारूख जफर को आयुष्मान खुराना ने भी श्रद्धांजलि देते हुए उनकी एक तस्वीर शेयर की और लिखा - बेगम गईं। बेगम की याद में आप भी गुलाबो सिताबो देख सकते हैं। उनका ट्रैक जहां आपको पसंद आएगा वहीं फिल्म के दो चार अच्छे डायलॉग केवल उन्हीं के हिस्से आए। वो जब स्क्रीन पर आती हैं दिल जीत लेती हैं और कुल मिलाकर कहानी की जान बेगम ही हैं जो फिल्म के आखिरी 10 मिनट में जान फूंकती हैं।


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