पीहू एक 2018 की बॉलीवुड रमा फिल्म है, जिसका निर्देशन विनोद कापरी ने किया है। हाल ही में फिल्मों को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में दिखाई गयी थी।'पीहू' एक सामाजिक थ्रिलर फिल्म है। ओवरसीज में फिल्म की कई फंक्शन में स्क्रीनिंग हो चुकी है और इसे काफी तारीफ भी मिली है। फिल्म अब तक ईरान, वैंकूवर, मोरक्को और जर्मनी के फिल्म समारोह में अपनी धूम मचा चुकी है। यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है। कहानी एक महिला बेड पर बेहोश पड़ी है। घर में मौजूद दो साल की बच्ची, पीहू (मायरा विश्वकर्मा) ये मानती है कि उसकी मम्मी सो रही और अपने डेली रूटीन करने की खुद ही कोशिश करने लगती है। पीहू अपनी मम्मी को जगाने की कोशिश करती है, उसे भूख लगती है तो वो खुद ही माइक्रोवेव ऑन करती है और खुद को फ्रिज में लॉक भी कर लेती है। वो दो साल की बच्ची जब कुछ समझ नहीं पाती तो नासमझी में ऐसे-ऐसे काम करने लगती है कि ऑडिएंस का कलेजा मुंह को आ जाता है। पीहू जब दोस्तों से मिलने के लिए बालकनी की रेलिंग क्रॉस करने की कोशिश करती है तो देखने वालों के पसीने छूट जाते हैं। वहीं पीहू आपको कई ऐसे धड़कनें रोक देने वाले सीन देती है।
मायरा विश्वकर्मा की प्यारी और हिलाकर रख देने वाली परफॉर्मेंस के लिए पीहू जरूर देखने जाएं। विनोद कापरी ने एक-एक सीन ऐसा शानदार रखा है कि ऑडिएंस पलकें भी नहीं झपका पाती। छोटी सी उम्र में भी मायरा का टैलेंट किसी मंझे हुए एक्टर से कम नहीं है। आपको बार-बार बस इस बच्ची को देखने का मन करेगा।