जीरो एक भारतीय रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसकी पटकथा हिमांशु शर्मा द्वारा लिखी गई है और फिल्म का निर्देशन आनन्द एल राय ने किया है। फिल्म को संयुक्त रूप से राय और रेड मिर्च एंटरटेनमेंट के गौरी खान द्वारा निर्मित है। फिल्म के मुख्य किरदारों की बात करें तो, फिल्म में शाहरुख़ खान, अनुष्का शर्मा, कैटरीना कैफ, अभय देओल, तिग्मांशु धुलिया आदि हैं।
ट्रेलर फिल्म में शाहरूख खान एक छोटे कद के लड़के बऊआ सिंह का किरदार निभा रहे हैं जो मेरठ से है और शादी के लिए लड़की ढंढ रहा है। उसे पसंद आती है आफिया जो पेशे से साइंटिस्ट है लेकिन शरीर से विकलांग है। लेकिन फिर बऊआ टकराता है अपने सपने से - बबीता, जो कि सुपरस्टार है।
फिल्म की कहानी ज़ीरो की कहानी है बउआ सिंह (शाहरुख खान) की। जो 38 साल का है, मेरठ में रहता है और चाढ़े चार फुट का है। घर में पिता हैं, जिन्हें बउआ से सिर्फ शिकायत रहती है और एक मां है, जिन्हें बउआ की कोई बात गलत नहीं लगती। बउआ शादी के लिए बेताब है, जब उसकी जिंदगी में आफिया (अनुष्का शर्मा) दस्तक देती है। जो कि एक बड़ी वैज्ञानिक है और उन्होंने मंगल ग्रह पर पानी की खोज़ की है। लेकिन cerebral palsy से ग्रसित है। साथ साथ ही निर्देशक दर्शकों की मुलाकात सुपरस्टार बबीता कुमारी (कैटरीना कैफ) से भी कराते हैं, जिसके पीछे बउआ पागल है.. सिर्फ एक फैन की तरह।
बउआ सिंह एक ऐसा किरदार है, जिसे आप नफरत भरा प्यार करेंगे। ना उसकी बातें, हरकतें आपको अच्छी लगेगी.. ना आप उसे खुद से दूर कर पाएंगे। और ऐसा ही कुछ होता है आफिया के साथ। बउआ और आफिया दोनों अपने अधूरेपन के साथ एक होने जा रहे होते हैं।लेकिन उसी वक्त कहानी में ट्विस्ट आता है। सुपरस्टार बबीता कुमारी से बउआ सिंह का अंजाने में आमना सामना होता है और नशे में धुत्त बबीता बउआ के होठों को चूम लेती है।
जहां बउआ और आफिया शारीरिक तौर पर अधूरेपन से गुजर रहे होते हैं, वहीं बबीता कुमारी मानसिक रूप से अधूरी हैं। किस तरह तीनों किरदार अपने अधूरेपन या ज़ीरो(पन) से बिना आहत हुए अपना रास्ता चुनते हैं, यह कहानी है ज़ीरो की।