द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर 2019 की एक बायोग्राफिकल पोलिटिकल ड्रामा है, जिसका निर्देशन रत्नाकर गुट्टे कर रहे हैं। फिल्म में अनुपम खेर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का रोल प्ले कर रहे हैं। ये फिल्म संजय बारू की लिखी किताब पर बन रही है फिल्म 11 जनवरी को रिलीज हुई। इस फिल्म के जरिए मनमोहन सिंह ने पूरे दस साल भारत की सत्ता कैसे संभाली, उसको दिखाया जा रहा है। फिल्म में राहुल गांधी की भूमिका में अर्जुन माथुर और प्रियंका गांधी के रोल में अहाना कुमरा है। फिल्म में सोनिया गांधी की भूमिका जर्मन ऐक्ट्रेस सुजैन बर्नेट निभा रही हैं। कहानी फिल्म की शुरूआत होती है सोनिया गांधी (सुजैन बर्नेट) की अध्यक्षता में 2004 के चुनावों में कांग्रेस की जीत से। जहां एक तरफ सोनिया के सलाहकार उन्हें पीएम की कुर्सी संभालने के लिए कहते हैं वहीं दूसरी तरफ वे अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह के लिए पीएम की कुर्सी आगे कर देती हैं। बिल्कुल वहीं से संजय बारू के नजरिए से हमें दिखाया जाता है कि दरवाजे के पीछे आखिर क्या हुआ.. जहां पर दिखाया जाता है कि कैसे सोनिया गांधी और उनके चहेते सपोर्टर्स द्वारा 10 साल के UPA सरकार में मनमोहन सिंह को हर वक्त नीचा दिखाया जाता है। फिल्म का फर्स्ट हाफ आराम से निकलता है जहां मनमोहन सिंह को संजय बारू के साथ कई चुनौतियां पार करते हुए दिखाया जाता है। संजय बारू मनमोहन सिंह को हर कदम पर सही सलाह देते हैं और उनके लिए भाषण भी लिखते हैं। वहीं इंटरवल के बाद जबरदस्त ट्विस्ट आता है जब संजय बारू बयान करते हैं कि कैसे पार्टी अध्यक्ष के लिए निष्ठा और वंशानुगत उत्तराधिकार की राजनीति मनमोहन सिंह को सिर्फ एक मजाक बनाकर रख देती है। इसके बाद वे सिर्फ एक आसान निशाना बन जाते हैं जब वे अपने ही सहयोगियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार (2G scam, Coalgate scam) पर आंख मूंद कर लेते हैं। मनमोहन सिंह मानते हैं कि UPA-2 सरकार में पार्टी अध्यक्ष इन सबका निबटारा खुद करेंगी। बाद में ये निर्णय घातक साबित होता है। आखिरकार जब मनमोहन सिंह 2014 में पीएम के पद से विदा लेते हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके शब्द होते हैं- 'मैं आशा करता हूं कि समकालीन मीडिया से इतर इतिहास मेरे ऊपर थोड़ा नर्म होगा'
कैमरा वर्क कुछ नया ऑफर नहीं करता बल्कि एडिटिंग कहीं-कहीं भटकी हुई भी नजर आती है। वहीं फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक भी काफी बेकार है जो नैरेटिव को फीका कर देता है। बस कुछ ऐसा ही आपको बारू की किताब पर आधारित इस पूरी फिल्म के दौरान लगेगा।
द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म क्रिटिक्स रिव्यू