शक्ति 1982, में रिलीज़ हुई एक भारतीय फिल्म है, जिसका निर्देशन फ़िल्मकार रमेश सिप्पी द्वारा किया गया है। कहानी पुलिस बने अश्विनी कुमार (दिलीप कुमार) एक कर्तव्यनिष्ट और ईमानदार पुलिस अधिकारी है। गैंगस्टर जे के, के साथी यशवंत को अश्विनी गिरफ्तार कर लेता है। अपने साथी को बचाने के लिए जे के अश्विनी के बेटे विजय को अगवा कर लेता है और अश्विनी को अपने साथी को छोड़ने को कहता है लेकिन अश्विनी जे के को कहता है, के वो उसके बेटे को मार भी दे फिर भी वह यासघ्वन्त को नहीं छोड़ेगा। छोटा विजय ये सब सुन लेता है और इस बात का उसके दिल और दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। विजय जे के, के चुंगल से भाग जाता है हैलेकिन उसके मैं में अपने पिता के लिए इज़्ज़त और प्यार खत्म हो जाता है। विजय के बड़े होने साथ-साथ ही दोनों के बीच दूरियां भी बढ़ने लगती है। जब विजय बड़ा हो जाता है तो वह अपराध की दुनिया में पैसा कमाने के लिए शामिल हो जाता है। और समय के साथ विजय जाना माना गैंगेस्टर बन जाता है। जब अश्विनी कुमार पर मीडिया सवाल उठाती है तो अश्विनी विजय को पकड़ने की कसम खाता है। आखिरकार अपने पिता के हाथों विजय मारा जाता है। मरता हुआ विजय पिता से अपने गलत कर्मों की माफ़ी मांगता है।