पृथ्वीराज चौहान एक बॉयोपिक ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म में अक्षय कुमार पृथ्वीराज चौहान की भूमिका में नजर आयेंगे। इस फिल्म में मानव विज मोहम्मद गौरी का रोल निभाते हुए विलन की भूमिका में नजर आयेंगे। इस फिल्म के साथ विश्व सुंदरी मानुषी च्चिलर को कास्ट किया गया है। वह फिल्म में संयोगिता का किरदार निभायेंगी। फिल्म चंदबरदाई द्वारा रचित 'पृथ्वीराज रासो' महाकाव्य पर आधारित है।
सोनू सूद दरबारी कवि और उनके मित्र चंदरबरदाई का रोल निभाया हैं। वहीं आशुतोष राणा कन्नौज के राजा जयचंद की भूमिका में हैं। इस फिल्म में, संजय दत्त भी एक अहम् भूमिका में काका कान्हा के रूप में दिखाई दिए हैं।
फिल्म 3 जून 2022 को रिलीज़ हुई है।
हिंदी के अलावा यह फिल्म तमिल और तेलुगु भाषा में भी रिलीज की गई है।
कहानी
इस फिल्म की कहानी का पूरा फोकस लड़ाई और प्रेम कहानी पर बनाया गया है। जहां पृथ्वीराज चौहान की मोहम्मद गोरी से लड़ाई और संयोगिता के साथ उनकी प्रेम कहानी दिखाई गई है।
मुहम्मद गोरी (मानव विज) ने अपने भाई मीर हुसैन की प्रेमिका चित्ररेखा को कब्जे में ले लिया था। जिसके जान की भीख मांगते हुए मीर हुसैन सम्राट पृथ्वीराज चौहान (अक्षय कुमार) के पास आया। शरण में आए हुए की रक्षा करने को कर्तव्य मानने वाले सम्राट पृथ्वीराज ने मुहम्मद गोरी को संदेश भेजा कि या तो चित्ररेखा को वापस करे या युद्ध होगा। यहां से दोनों के बीच दुश्मनी हुई। सम्राट पृथ्वीराज ने साल 1191 में तराइन की युद्ध में मुहम्मद गोरी को हराकर उसे कब्जे में ले लिया। लेकिन कुछ ही दिनों में उसे माफ कर वापस अफगानिस्तान भेज दिया। इस बीच फिल्म युद्ध से अलग हमें पृथ्वीराज चौहान के निजी जीवन में झांकने का मौका देती है, जब कन्नौज की राजकुमारी संयोगिता के साथ उनका प्रेम विवाह होता है। इस विवाह से नाराज कन्नौज के राजा जयचंद अपने मन में पृथ्वीराज के प्रति द्वेष रखते हुए मुहम्मद गोरी से हाथ मिला लेते हैं। इसके बाद पृथ्वीराज और गोरी के बीच फिर युद्ध होता है, जहां धोखे और फरेब से पृथ्वीराज और चंद बरदाई (सोनू सूद) को बंदी बना लिया जाता है। प्रेमगाथा और युद्धभूमि के बीच अपनी मातृभूमि के लिए पृथ्वीराज चौहान किस तरह अपनी शौर्य और वीरता का परिचय देते हैं.. इसी के इर्द गिर्द घूमती है फिल्म।