हम्‍पटी शर्मा की दुल्‍हनिया (U/A)

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रिलीज़ डेट

11 Jul 2014
कहानी

जब काव्‍या प्रताप सिंह, एक जिंदादिल, अंबाला की लड़की, अपनी शादी की खरीददारी करने के लिए दिल्‍ली की यात्रा पर जाने का फैसला करती है जहां वह एक जवान, दिल्‍ली का लापरवाह लड़का, हम्‍प्‍टी शर्मा से मिलती हैा

हंप्‍टी के पिता एक किताबों की दुकान के मालिक हैं जहां हम्‍प्‍टी और उसके दो अच्‍छे दोस्‍त शांटी और पोप्‍लू बड़े हुए हैं और अभी भी वह उनके मिलने का अड्डा हैा शुरू में काव्‍या हम्‍प्‍टी के लिए अप्राप्‍य है जिसके बाद उसे वह और प्‍यारी लगती है लेकिन दिल्‍ली का लड़का होने की वजह से वह उनमें से नहीं है जो कि आसानी से हार मान जाएा

अपने दोस्‍तों की थोड़ी सी मदद के बाद, वह उसके बारे में सारी चीजें जान लेता है और घटनाओं के दिलचस्‍प मोड़ से (जिसमें काव्‍या की दोस्‍त गुरप्रीत की शादी बचाने की चाल) भी शामिल है, वे एक दूसरे के और करीब आ जाते हैंा

जितना ज्‍यादा वे एक दूसरे के साथ समय व्‍यतीत करते हैं, उनके प्‍यार-नफरत का मजाक और बढ़ता है लेकिन उनका प्‍यार स्‍पष्‍ट हैा वे दोनों अलग-अलग हैं लेकिन फिर भी लोगों की तरह समान हैंा वे जवान हैं, लापरवाह हैं और यही कारण है कि जो उन्‍हें एक दूसरे के प्रति आर्कषित करता हैा

प्‍लान के मुताबिक, एक बार काव्‍या की यात्रा खत्‍म हुई, उसे वापस अंबाला लौटना होगा और उसे अच्‍छी तरह पता है कि उसके पिता, जो कि काफी सख्‍त, फिर भी दिल के अच्‍छे हैं, मि.सिंह उसके हंप्‍टी के प्‍यार को कभी नहीं स्‍वीकार करेंगेा वे दोनों प्‍यार नहीं करना चाह रहे थे पर प्‍यार हो गया अब हम्‍प्‍टी, अपने दोनों दोस्‍तों के साथ मिलकर, काव्‍या को लेने का निर्णय करता हैा

यहीं से उसकी यात्रा की शुरूआत होती है जो कि उसने अपने सपने में भी नहीं सोचा थाा हंप्‍टी, सभी बाधाओं के बावजूद, निर्णय करता है कि वह काव्‍या के परिवार को दोनों की शादी के लिए मनाएगाा कैसे वह यह सब करता है और वह अपने मिशन में सफल होता है, यह बाकी कहानी में पता चलता हैा  

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