दास देव एक बॉलीवुड ड्रामा फिल्म है जिसे सुधीर मिश्रा ने निर्देशित किया है। इस फिल्म में शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के शास्त्रीय उपन्यास देवदास को आधुनिक रूप में फिल्माया गया है। इस फिल्म में देवदास जैसे महान व्यक्ति की दास बनने के सफर को दर्शाया गया है। इसमें देवदास अपनी खराब लतों का दास है जिसे देव बनकर अपने परिवार की उम्मीदों को पूरा करना है। उत्तर प्रदेश की भूमि पर बनी ‘दास देव’ शक्ति, प्यार और आसक्ति की कहानी है।
सुधीर मिश्रा के दासदेव की कहानी काफी दिलचस्प है, परर्फोमेंस अच्छे हैं, लेकिन इसका लेखन बहुत कमजोर है, जिसके चलते फिल्म को काफी नुकसान हुआ है। वे इस फिल्म में देव की राजनीति में एंट्री को विस्तार से समझाने में काफी वक्त जाया कर देते हैं। प्लॉट में कई परतें जोड़ने के लिए डायरेक्टर ने अपने कैरेक्टर को कई चेहरे दे दिए। इसी के चलते ऑडिएंस इन किरदारों से कनेक्ट नहीं हो पाई।