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दर्दनाक था इन 10 रोमांटिक फिल्मों का अंत

Author Sandhya Yadav | Published: Thursday, February 8, 2024, 10:28 PM [IST]

ज्यादातर दर्शक एक बहतरीन फिल्म से हैप्पी एंडिंग की आशा रखते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है के हमेशा हर कहानी का अंत खुशनुमा हो, कभी-कभी कई ऐसी भी कहानियां होती हैं जिनके अंत से लाखों दर्शकों की आंखों में आंसू आ जाता है, और फिर भी ये कहानियां आपके दिल पर अपनी एक अलग ही छाप छोड़ जाती हैं। तो चलिए बिना किसी देरी के रोमांटिक बॉलीवुड फिल्मों के बारे में जानते हैं, जिनका अंत काफी दर्दनाक रहा...


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आशिकी 2

आशिकी 2 का अंत दर्शकों को भावुक कर देता है और उन्हें प्यार और जीवन के बारे में सोचने पर मजबूर करता है। यह फिल्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो दर्शकों के मन में लंबे समय तक रहता है। फिल्म में आदित्य रॉय कपूर, श्रद्धा कपूर को एक बड़ा स्टार बनाने के लिए आत्महत्या कर लेता है, क्योंकि वह उसकी सफलता की कहानी में रुकावट बनता हुआ महसूस करता है। फिल्म का दुखद अंत दर्शकों को अंदर से हिला डालता है। 

वीर जारा

यह फिल्म भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों की पृष्ठभूमि में स्थापित है। यह प्यार, देशभक्ति और बलिदान की कहानी है। फिल्म में किंग खान और प्रीती जिंटा ने लीड रोल निभाया था, बता दें इस फिल्म का अंत भी काफी दुःखद था। एक ऐसा जोड़ा जो जवानी में मिलता है, और दोनों को एक दूसरे से कभी न मिटने वाला बेइंतिहां प्यार हो जाता है, जिसके बाद एक बस एक्सीडेंट से दोनों की जिंदगी बदल जाती है, 22 साल के बाद यह कपल अपने प्यार के इन्तजार में बूढ़ा हो जाता है, और तब इन दोनों की मुलाकात होती है।  

 

कल हो ना हो

फिल्म का अंत दर्शाता है कि प्यार हमेशा जीतता है, भले ही मृत्यु भी हो। अमन और नैना का प्यार मृत्यु के बाद भी जीवित रहता है। फिल्म के अंत में, अमन (शाहरुख खान) को पता चलता है कि उसके पास जीने के लिए बहुत कम समय बचा है। वह नैना (प्रीति जिंटा) और रोहित (सैफ अली खान) को अपने प्यार के बारे में बताता है और उन्हें शादी करने के लिए प्रेरित करता है,अमन अपनी मृत्यु से पहले नैना और रोहित को आशीर्वाद देता है और उन्हें एक साथ रहने के लिए कहता है। वह नैना को बताता है कि वह हमेशा उसके साथ रहेगा।

जन्नत

यह फिल्म दर्शकों को अपराध से दूर रहने और ईमानदारी से जीने का संदेश देती है। फिल्म के अंत में, अर्जुन (इमरान हाशमी) और ज़ोया (सोनल चौहान) फिर से मिलते हैं। अर्जुन ज़ोया से माफी मांगता है और उसे बताता है कि वह अब एक ईमानदार आदमी बन गया है। लेकिन तभी अर्जुन को पुलिस वाले घेर लेते हैं, अर्जुन जोया की रिंग निकलने के लिए जैसे अपने पॉकेट में हाथ डालता है पुलिस अर्जुन को शूट कर देती है, लेकिन हाथ में बन्दूक की जगह रिंग देख कर जोया रोने लगती है। 

hamari adhuri kahani

इस फिल्म का अंत दर्शाता है कि प्यार सभी बाधाओं को पार कर सकता है। वसुधा और आरव, जो एक दूसरे से अलग हो गए थे, अंत में मर के फिर से मिल जाते हैं। फिल्म के अंत में, वसुधा (विद्या बालन) और आरव (इमरान हाशमी), वसुधा एक बच्चे की माँ है, और ऐसे होटल में वह काम करती है, जहाँ दुनिया का सबसे करोड़पति बिजनेसमैन आकर ठहरा रहता है, दोनों को एक दूसरे से प्यार हो जाता है, लेकिन फिल्म में ट्विस्ट तब आता है, जब वसुधा का नशे में डूबा पति फिर आ जाता है, वसुधा की मज़बूरी देखते हुए आरव उसे ख़ुशी ख़ुशी छोड़ कर खुद फूलों की वादी में चला जाता है, जहाँ माइंस बिछी होती है, और वही ब्लास्ट में मारा जाता है, इसी खबर के साथ वसुधा की भी जान निकल जाती है। 

धड़क

फिल्म के अंत में, मधु (ईशान खट्टर) और पार्थवी (जाह्नवी कपूर) का प्यार त्रासदी में बदल जाता है। मधु को पार्थवी के पिता, रतन सिंह (आशुतोष राणा) के गुंडे मार देते हैं। पार्थवी, मधु की मृत्यु से सदमे में, अपने पिता से बदला लेने का फैसला करती है। वह रतन सिंह को गोली मार देती है और फिर खुद को भी गोली मार लेती है। फिल्म मधु और पार्थवी की मृत्यु के साथ समाप्त होती है। फिल्म दर्शकों को जातिवाद और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश देती है।

राम लीला

इस फिल्म के अंत में, राम (रणवीर सिंह) और लीला (दीपिका पादुकोण) एक दूसरे को गोली मार के अपनी जान दे देते हैं, अपनी जातियों और परिवारों के बीच के मतभेदों को दूर करते हुए और एक दूसरे के साथ रहने का फैसला करते हुए यह राम लीला की जोड़ी अपनी जीवन लीला इस दर्दनाक तरीके से समाप्त कर लेते हैं। बता दें यह फिल्म पारिवारिक मतभेदों की चिंताओं को दर्शाती है, जिससे एक प्यार भरा और मासूम रिश्ते की बलि चढ़ जाती है। 

 

दिल बेचारा

दिल बेचारा का अंत दर्शकों को भावुक कर देता है। फिल्म के अंत में, मैनी (सुशांत सिंह राजपूत) अपनी बीमारी के कारण मर जाता है। कैज़ी (संजना सांघी), जो मैनी से प्यार करती थी, उसकी मृत्यु से बहुत दुखी होती है। मैनी ने कैज़ी के लिए एक पत्र लिखा होता है, जो उसकी मृत्यु के बाद उसे मिलता है। कैज़ी मैनी की मृत्यु से उबरने के लिए संघर्ष करती है, लेकिन अंततः वह अपने जीवन को आगे बढ़ाने का फैसला करती है। फिल्म कैज़ी के मैनी को याद करते हुए और उसके द्वारा दिए गए जीवन जीने के संदेश को अपनाते हुए समाप्त होती है।

 

सनम तेरी कसम

फिल्म के अंत में, इन्दर (हर्षवर्धन राणे), सरस्वती (मावरा होकन) को ढूंढता हुआ दूर जंगल जाता है और उससे अपने प्यार का इज़हार करता है, पर सरु बेहोश हो जाती है। इंदर उसे अस्पताल ले जाता है। वहाँ पता चलता है कि उसे एक लाइलाज बीमारी है। एक रात सरु कहती है कि उसके मौत के बाद वो चाहती है कि उसे पेड़ के नीचे दफनाया जाये। वो ये भी कहती है कि उसके पिता का दिया हुआ शाप सच साबित हो गया और वो असल में मरने वाली है। इंदर अपने पिता घर जाकर उस पेड़ वाली भूमि को खरीदने का आग्रह करता है, जिसके नीचे सरु दफ़न होना चाहती थी। सरु की मौत इंदर के हाथों में ही हो जाती है, और इस तरह इस प्यार भरी कहानी का अंत होता है। 

शेरशाह

फिल्म के अंत में, कैप्टन विक्रम बत्रा (सिद्धार्थ मल्होत्रा) कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो जाते हैं और विक्रम बत्रा की वीरता और नेतृत्व के कारण भारतीय सेना कारगिल युद्ध जीत जाती है। फिल्म का अंत दर्शाता है कि देश के प्रति देशभक्ति और बलिदान, प्यार से पहले आता है। लेकिन प्यार की मिसाल तो डिंपल चीमा (कियारा अडवाणी) ने भी दी जो अपने विक्रम के प्यार के बाद किसी से भी शादी नहीं की।

 

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