पीपली लाइव वर्ष 2010 में रिलीज हुई एक व्यंग्यात्मक कॉमेडी ड्रामा है, जोकि किसानों की आत्महत्या के ऊपर आधारित है। फिल्म का सह-निर्देशन और लेखन और अनुषा रिजवी ने और निर्माण आमिर खान प्रोडक्शन ने किया है। फिल्म में ओमकार दास मणिकपुरी, नसीरुद्दीन शाह, रघुबीर यादव, नवाजुद्दीन सिद्दकी, शालिनी वत्स, मलाइका शेनॉय नजर आये।
कहानी : पीपली गांव के नत्थू सिंह उर्फ नत्था ने अपनी बीमार अम्मा के इलाज के लिए कर्जा लिया। जैसा दूसरे किसानों के साथ होता है नत्था भी कर्ज नहीं चुका पा रहा। कर्ज ना चुकाने के डर से नत्था को अपनी जमीन पर सरकारी कब्जे का डर सता रहा है। इस बीच सरकार उन किसानों के परिवार को मुआवजे का ऐलान करती है जिन्होंने कर्ज ना चुकाने की वजह से आत्महत्या की। वहीं , अपनी पुश्तैनी जमीन छीनने के डर से नत्था का बड़ा भाई आत्महत्या करने की बात करता है , ताकि मुआवजे की रकम से उधार चुकाया जा सके और नत्था अपने बच्चों की पढ़ाई पूरी कर सके। नत्था उसके इस आइडिया को खुद पर अमल करने का फैसला करता है। सरकारी मुआवजे की चाह में नत्था द्वारा आत्महत्या करने के ऐलान की खबर जब टीवी चैनलों को लगती है तो उन्हें इस खबर में अपनी टीआरपी को बढ़ाने और चौबीसों घंटे दिखाए जाने वाला मसाला मिल जाता है। हर चैनल अपनी ओबी वैन और रिपोर्टर्स की टीम नत्था पर चौबीसों घंटे नजर रखने और उसकी हर खबर को कवर करने के लिए पीपीली भेज देता है। नत्था द्वारा आत्महत्या करने का फैसला स्टेट गवर्नमेंट के लिए मुसीबत बन गया है। उधर , केंद्र में दूसरी पार्टी की सरकार के एग्रीकल्चर मंत्री को लगता है नत्था के मुद्दे पर स्टेट गवर्नमेंट को निशाना बनाया जाए। ऐसे में चैनलों और नेताओं के चक्कर में नत्था फंस जाता है उसे समझ में ही नहीं आता कि वो किस रास्ते जाए। अंत तक सस्पेनेस बरकरार रहता है कि क्या नत्था आत्महत्या करेगा।