लूटेरा वर्ष 2013 में आई भारतीय पीरियड रोमांटिक ड्रामा है, जिसका निर्देशन विक्रमादित्य मोटवानी ने किया है। ओ हेनरी की नावेल , द लास्ट लीफ पर आधारित फिल्म लूटेरा में रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिका में नजर आये।लूटेरा 5 जुलाई 2013 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
कहानी
कहानी- लुटेरा फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा ने पाखी का किरदार निभाया है जो कि मानिकपुर गांव में अपने पिता जमींदार साहब के साथ रहती है। पाखी को अस्थमा की बीमारी है और उसके पिता पाखी को बहुत प्यार करते हैं। जमींदार साहब के लिए पाखी वो तोता है जिसमें उनकी जान बसती है। एक दिन उस गांव में वरुण श्रीवास्तव (रणवीर सिंह) की एंट्री होती है। पाखी गाड़ी चलाना सीख रही होती है कि सामने से वरुण साइकिल से आ जाता है। पाखी की गाड़ी से टकराकर वरुण गिर जाता है और पाखी उसे अस्पताल ले जाती है। फिर वरुण दूसरे दिन पाखी के घर आता है जमींदार साहब से कहता है कि वो एक पुरातत्व विभाग से है और गांव के आस पास की जमीन खोदना चाहता है।
जमींदार साहब वरुण पर भरोसा करके उसे काम करने की इजाजत दे देते हैं। वरुण अपना खुदाई का काम शुरु कर देता है। दूसरी तरफ पाखी वरुण को पसंद करने लगती है और साथ ही वरुण भी पाखी से प्यार करने लगता है। लेकिन कोई बात है जो वरुण को पाखी से दूर रहने के लिए मजबूर करती है। वरुण पूरी कोशिश करता है लेकिन पाखी से दूर नहीं रह पाता।
एक दिन वरुण पाखी के पिता से उसका हाथ मांगता है। पाखी के पिता हां कर देते हैं। दूसरी तरफ वरुण जमींदार साहब को ये यकीन दिलाता है कि जमीदारी प्रथा समाप्त हो रही है और उन्हें बेवकूफ बनाकर उनकी सारी पुश्तैनी वस्तुएं जो कि काफी मंहगी होती हैं को बिकवा देता है। सगाई के दिन सुबह ही वरुण अपने दोस्त के साथ मानिकपुर छोड़ देता है।
वरुण के जाने के बाद जमींदार साहब को पता चलता है कि जो भी पैसे उन्हें मिले थे वो सब नकली थे और वरुण उनकी सबसे पुश्तैनी और अमूल्य मूर्ती भी ले जा चुका है। एक तरफ अपनी वस्तुएं चले जाने का गम और दूसरी तरफ अपनी बेटी का दुख जमींदार साहब नहीं सह पाते और उनकी मौत हो जाती है। पाखी सबकुछ छोड़कर डलहौजी चली जाती है और अपनी यादों के सहारे जी रही होती है।
वरुण भी पाखी को बहुत याद करता है। एक दिन दोबारा से वो एक नयी चोरी पर निकलता है और डलहौजी के उसी घर में पहुंचता है जहां पाखी रहती है। पाखी को टीबी है और वो बहुत बीमार रहती है। वरुण का पूरा गिरोह पकड़ा जाता है और वरुण अकेला पाखी के साथ उसी घर में रह जाता है। आगे क्या होता है क्या वरुण और पाखी की कहानी यहीं खत्म हो जाती है? क्या है राज उस आखिरी पत्ते का जिससे पाखी की जिंदगी जुड़ी है ये जानने के लिए देखिये लुटेरा।