कुकू माथुर की झंड हो गयी वर्ष 2014 में आई एक हिंदी कॉमेडी रोमांस ड्रामा है, जिसका निर्देशन अमन सचदेवा और निर्माण एकता कपूर बिजोय नाम्बियार ने किया है।
फिल्म की कहानी
बारहवी पास सिद्धार्थ गुप्ता (कुक्कू) और रॉनी (आशीष जुनेजा) अच्छे दोस्त है। कुक्कू के पापा का एक ही सपना है, कुक्कू स्टडी में अव्वल रहे और टॉप पोजिशन पर नौकरी करे। कुक्कू का रिजल्ट आता है तो पापा का यह सपना बिखर कर रह जाता है। वैसे इन दोनों दोस्तों के भी अपने-अपने सपने हैं, जो रिजल्ट आने के बाद चकनाचूर हो गए। कुक्कू रेस्ट्रॉन्ट खोलना चाहता है, क्योंकि वह एक बेहतरीन कुक है। रॉनी को उसकी फैमिली अपने पुश्तैनी बिजनेस, यानी गारमेंट्स शॉप, में लगा देती है। कुक्कू मिताली (सिमरन कौर मुंडी) को दिल ही दिल में प्यार करता है, लेकिन बयां नहीं कर पाता। कुक्कू के सपने टूट रहे हैं कि तभी उसकी मुलाकाता कानपुर वाले प्रभाकर भैया (अमित सयाल) से होती है। प्रभाकर भैया से मिलने के बाद कुक्कू को लगता है अब उसके सपने साकार हो जाएंगे। ऐसा भी मुकाम आता है जब इन दोनों की राहें अलग-अलग हो जाती हैं।