खट्टा-मीठा वर्ष 2010 में रिलीज हुई एक हिंदी कॉमेडी ड्रामा है, जिसका सह-लेखन निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। फिल्म में अक्षय कुमार तृषा कृष्णन मुख्य भूमिका में दिखाई दिए। फिल्म 5 अगस्त 2010 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।
फिल्म का मुख्य किरदार सचिन टिच्कुले (अक्षय कुमार) एक ठेकेदार की भूमिका मे हैं। हर किसी की तरह टिच्कुले का सपना भी बड़ा आदमी बनना है। मगर वो जिस भी काम के लिए जाता है वहां उसे घूस देनी पड़ती है और टिच्कुले के पास घूस देने के पैसे नहीं हैं। फिल्म में (त्रिशा कृष्णन) ने गहना गणपुले की भूमिका निभाई है। जो टिच्कुले की एक्स गर्लफ्रेंड होती है और बाद में शहर की म्युनिस्पल कमिशनर बन जाती है। गहना ना सिर्फ अपने पुराने प्रेमी टिच्कुले से नफरत करती है बल्कि उसे घूस देने वालों से भी उतनी ही नफरत है। हंसी मजाक के जरिए फिल्म में भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दे पर चोट करने की कोशिश की गई है। दरअसल फिल्म सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर व्यंग करती है, जहां नीचे से लेकर ऊपर तक बिना घूस के कोई काम करवाना असंभव है। कुल मिला कर खट्टा मीठा एक औसत फिल्म है और हर औसत फिल्म की तरह इसकी कहानी पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देकर इसे और बेहतर बनाया जा सकता था। फिल्म का संगीत खास नहीं है और गाने दृश्यों के बीच जबरदस्ती ठूंसे हुए लगते हैं। प्रियदर्शन की इस फिल्म के एक बार दर्शन किए जा सकते हैं।