जय मम्मी दी एक बॉलीवुड फिल्म है। जिसे नवजोत गुलाटी ने निर्देशित किया है। फिल्म में
सोन्नाली सेगल ,
सन्नी सिंह गिज्जर ,
सुप्रिया पाठक और
पूनम ढिल्लन मूख्य भूमिका में हैं। फिल्म एक फैमिली के ऊपर आधारित है। फिल्म में दो बच्चे हैं और वे अपनी-अपनी मदर्स का पुराना झगड़ा ख़तम करने की कोशिश करते है, इसी के माध्यम से फिल्म में कॉमेडी भी प्रस्तुत की गई है।
सांझ भल्ला (सोनाली सैगल) और पुनीत खन्ना (सनी सिंह) पड़ोसी हैं और कॉलेज के दिनों से रिलेशनशिप में हैं। लेकिन उनकी मां पिंकी (पूनम ढिल्लन) और लाली (सुप्रिया पाठक) एक दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं करतीं।
कहानी शुरू होती एक बैकग्राउंड आवाज़ से... "कहते है भगवान का साक्षात् रूप होती है 'माँ'... जो काम भगवान भी नहीं कर सकते, वो माँ करती है... लेकिन जब एक माँ दूसरी माँ से टकराती है, तो यही माँ सबकी माँ की..."
हाँ तो इस कहानी की एक माँ... मोगैम्बो मम्मी, लाली (सुप्रिया पाठक) है, और दूसरी माँ... गब्बर मम्मी, पिंकी (पूनम ढिल्लों) है.... पिंकी और लाली एक दूसरे से बात-बात पर झगड़ते रहते है, जहाँ मौका मिलता है, ये दोनों एक दूसरे को नीचा दिखाने का चांस, बिलकुल भी नहीं छोड़ते है।
मोगैम्बो का बेटा पुनीत (सनी सिंह निज्जर) है, और गब्बर की बेटी सोननाली सेगल है, ये दोनों बेटा-बेटी अपनी-अपनी माओं की, दुश्मनी का बदला एक-दूसरे से लेने की ठानते है...
लेकिन इन्हे एक-दूसरे से प्यार हो जाता है, और दोनों अपनी- अपनी माओ को झगड़ा खतम करने की कोशिश करते है, और पता लगाते है, आखिर इन दोनों, पिंकी और लाली की लड़ाई किस बात पे हुई हुई थी..... और इसी के साथ शुरू होता है कॉमेडी भरा, जबरदस्त ड्रामा।