फिराक वर्ष 2009 में रिलीज हुई एक राजनितिक थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन नंदिता दास ने किया है। फिराक़ उर्दू का शब्द है जिसका अर्थ होता है अलगाव और प्यास। गुजरात 2002 में हुए साम्प्रदायिक दंगों में 3000 से अधिक मुस्लिमों की हत्या की गई थी, हजारों बेघर हो गए थे और बहुत सी मुस्लिम महिलाओं का बलात्कार किया गया था। फिल्म में कई सच्ची कहानियों को एक साथ पेश करने की कोशिश की गई है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, नवाजुद्दीन सिद्दकी, परेश रावल, दीप्ती नवल, संजय सूरी, रघुबीर यादव आदि मुख्य भूमिका में नजर आये।
कहानी
फिल्म की पात्र आरती (दीप्ति नवल), एक मुस्लिम महिला छवि को भुला नही पाती है जो दंगो के समय उससे संरक्षण की भीख मांगती है लेकिन वह उसके मुंह पर दरवाजा बंद कर देती है। खान साहब (नसीर) एक मशहूर संगीतकार है जो कि हिदू बहुल इलाके मे रहते है। वह अपने चारो आरे हो रही तबाही को समझ नही पा रहे है। उन्हें लगता है कि दो समुदाय एक साथ शांतिपुर्वक रह सकते है। मुनीरा (शाहाना) दंगो के दौरान कुछ लोगों के साथ बच पाने में कामयाब हो जाती है।
वह वापस अपने घर लौटती है जहां उसे अपना घर जमीन तक जला हुआ मिलता है। समीर (सूरी) एक युवा, साहसी व अमीर मुस्लिम है जिसने एक हिंदु अनुराधा (टिस्का चोपड़ा) से शादी की है जो अहमदाबाद में रहने और न रहने के द्धंद में फंसा हुआ है। उसे लगता है कि किसी और शहर में जाकर उसका परिवार सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा एक असहाय मुस्मिल लड़का जो दंगो गायब हुए अपने पिता को ढूढने का प्रयास करता है।