अंग्रेजी में कहते हैं एक बॉलीवुड फैमली ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन हरीश व्यास द्वारा किया गया है। फिल्म की कहानी तीन जोड़ों की है, जिनका प्यार को लेकर अलग-अलग नजरिया है। फिल्म में
संजय मिश्र, पंकज त्रिपाठी, अंशुमन झा, शिवानी रघुवंशी, ब्रिजेन्द्र काला, एकवली खन्ना मुख्य भूमिका में हैं।
फिल्म की कहानी
अंग्रेजी में कहते हैं' वाराणसी की पृष्ठभूमि पर आधारित है और यह तीन जोड़ों के जीवन के आसपास घूमती है जिनके प्यार को लेकर बहुत अलग विचार हैं। वाराणसी में रहने वाले यशवंत बत्रा (संजय मिश्रा) और किरण बत्रा (एकवली खन्ना) पिछले 25 साल से विवाहित हैं। उनकी जवान बेटी प्रीति (शिवानी रघुवंशी) पड़ोस के लड़के जुगनू (अंशुमान झा) से प्यार करती है। पोस्ट ऑफिस में काम करने वाले यशवंत को लगता है कि, मर्द का काम सिर्फ पैसा कमाना इर घर चलाना होता है, और बीबी का काम घर संभालना। वह अपनी इसी सोच के तहत अपनी बेटी प्रीति की शादी भी इसी सोच के तहत करना चाहता है।
25 साल की शादी में यशवंत ने कभी भी अपनी पत्नी से दू मीठे बोल नहीं बोलें, जिससे धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां बढ़ती चली गयीं। प्रीति अपने पिता की परंपरावादी विचारधारा सोच के खिलाफ जुगनू से मंदिर में छुप कर शादी कर लेती है। बेटी की इस हरकत से पिता खिन्न हो जाता है और पत्नी से झगड़े बढ़ जाते हैं, और वह उसे बोल देता जिस तरह प्रीति ने अपनी मनमर्जी की, किरण भी उसे छोड़कर जा सकती है।
पति के रूखे व्यवहार से खिन्न होकर किरण दुखी होकर मायके चली जाती है। इसी बीच फिल्म की कहानी में दो नये किरदारों फिरोज (पंकज त्रिपाठी) और सुमन (इप्शिता चक्रवर्ती) की एंट्री होती है। दोनों ने धार्मिक बंधनों को तोड़कर शादी की, लेकिन अब सुमन जानलेवा बीमारी से जूझते हुए अस्पताल में भर्ती है।
किरण के घर छोड़ जाने के बाद यशवंत को अपनी पत्नी की कमी का एहसास होता है, जिसके बाद उसकी बेटी प्रीति और दामाद जुगनू यशवंत को एहसास दिलाते हैं, कि उसने कभी भी अपनी पत्नी से दो प्यार की बातें नहीं की यशवंत को भी अपनी गलती का अहसास होता है। और फिर अपनी पत्नी किरण को अपने पास बुलाने का प्रयास करता हैं, जो बाद में सार्थक होता है।