जीवनी
विशाल भरद्वाज एक भारतीय प्रसिद्ध संगीतकार, गीतकार, पटकथा लेखक व निर्देशक हैं। उन्हे गॉडमदर और इश्किया के लिये सर्वश्रेष्ठ संगीत के राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। विशाल के शब्दों मे "गुलजार" उनके प्रेरणास्त्रोत रहे हैं।

पृष्ठभूमि 
विशाल भरद्वाज का जन्म 4 अगस्त 1965 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले मे हुआ था।  उनके पिता राम भारद्वाज एक सरकारी कर्मचारी थे, और कवितायोँ का भू शौक रखते थे साथ ही शौकिया तौर पर हिन्दी फिल्मो के लिये गाने लिखते थे। 

पढ़ाई 
उन्होंने अपनी शुरआती बिजनौर से ही पूरी की।  इसके बाद वह आगे की पढ़ाई की दिल्ली आ गए।  उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की। 

शादी
विशाल की बॉलीवड गायिका रेखा भरद्वाज से हुई है। 
 
करियर 
विशाल को संगीत में रूचि बचपन से ही थी।  फिर कॉलेज के दिनों में उन्होंने लिखना शुरू कर दिया।  शुरआती दौर में उन्होंने म्यूजिक रिकॉर्डिंग कंपनी मे भी काम किया।  यहीं उनकी मुलाकात गुलजार साहब से हुई। गुलजार के साथ उन्होने ‘चड्डी पहन के फूल खिला है’ गीत की रिकॉर्डिंग की। उसके बाद से उन्हे माचिस के लिए संगीत बनाने का मौका मिला।

संगीतकार 
विशाल ने अपना सफर गुलजार के साथ मिलकर छोटे पर्दे पर द जंगल बुक, एलिस इन वंडरलैंड और गुब्बारे के साथ शुरु किया। इसके बाद उन्होने गुलजार निर्देशित फिल्म माचिसमें अपना संगीत दिया। इस फिल्म के गाने इतने हिट हुए की विशा रातों-रात सुपरस्टार बन गए।  इस फिल्म के उन्हें 1996 में फिल्मफेयर आर. डी. बर्मन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।1999 मे आयी फिल्म गॉडमदर के लिये उन्हे श्रेष्ठ संगीत का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार भी मिला। वर्ष 2011  मे एक बार फिर फिल्म इश्किया के लिये उन्हे यह पुरस्कार दिया गया।

फिल्म इश्किया का निर्देशन भी विशाल ने ही किया था।  इसी फिल्म के लिये उनकी पत्नी रेखा भारद्वाज को भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। विशाल ने कई सारी हिन्दी फिल्मों के लिये संगीत दिया है। 


फिल्म निर्देशक

विशाल निर्देशित पहली फिल्म बतौर निर्देशक मकङी थी। इसके बाद उन्होने शेक्सपियर के नाटक मैकबेथ पर आधारित फिल्म मकबूल बनाई। मक़बूल को बर्लिन फ़िल्म समारोह सहित कई अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोहों में जगह मिली। साल 2006 में उन्होने शेक्सपियर के नोबल थेलो पर आधारित फिल्म ओंकारा निर्देशित की। विशाल भारद्वाज ने इस फिल्म के निर्देशन और पटकथा लेखन के साथ-साथ फ़िल्म के संवाद भी लिखे। मक़बूल के बाद एक बार शेक्सपियर की रचनाओं पर फिल्म बनाकर भारद्वाज ने अपनी निर्देशन क्षमता का लोहा मनवाया। 30वें ‘कायरो फिल्म समारोह’ में फिल्म ओंकारा के लिए उन्हे सर्वश्रेष्ठ निर्देशक घोषित किया गया। ओंकारा के लिए विशाल को राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समिति का विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

इसके बाद उन्होने रस्किन बॉन्ड के उपन्यास पर आधारित बच्चों के लिये फिल्म द ब्लू अम्ब्रेला का निर्देशन किया। 2009 मे उनकी फिल्म कमीने प्रदर्शित हुई। इस फिल्म को दर्शकों से लेकर आलोचक तक सबकी प्रशंसा मिली।[8] कमीने के लिए विशाल को पहले ग्लोबल इंडियन म्यूज़िक अवॉर्ड्स मे सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  वर्ष 2010 मे आयी अभिषेक चौबे निर्देशित फिल्म इश्किया जिसका निर्माण, संवाद, संगीत और पटकथा लेखन विशाल ने किया था, के लिये विशाल को विशाल सर्वश्रेष्ठ संगीतकार और उनकी पत्नी रेखा भारद्वाज को सर्वश्रेष्ठ गायिका का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला। 2011  मे उन्होने रस्किन बांड की सुज्ज़न'स सेवन हस्बेंड्स पर आधारित फिल्म 7  खून माफ़ निर्देशित की। इस फिल्म को दर्शकों और आलोचकों की मिली जुली प्रतिक्रिया मिली।

प्रसिद्ध फ़िल्में 
ओमकारा, खून माफ़,इश्किया,कमीने,यू मी और हम,दस कहानियां,माचिस 
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